अभी ख्वाब है आदर्श राज्य बनाना?

0
167

भ्रष्ट नेता और अफसर कहां बनने देंगे सपनों का उत्तराखण्ड!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य को आदर्श राज्य बनाने के लिए अपने चार साल के कार्यकाल में जिस विजन के साथ काम करना शुरू कर रखा है और वह राज्य के हर जनपद में एक नई अलख जगा रहे हैं उससे आवाम के मन में एक आशा की किरण है कि उनका उत्तराखण्ड अब उस सफर में आगे बढ चलेगा जिसका इंतजार उन्हें एक लम्बे दशक से करना पड रहा है। उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विकास की जिस उडान पर उडने का दौर शुरू किया हुआ है उस दौर में भी कुछ भ्रष्ट नेता और अफसर मुख्यमंत्री के आदर्श राज्य बनाने के सपने पर कहीं न कहीं ग्रहण लगाते हुए नजर आ रहे हैं? विधानसभा चुनाव होने में मात्र कुछ अर्से का समय बचा है और ऐसे में आवाम के जहन में एक सवाल पनप रहा है कि अभी ख्वाब है उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाना? भ्रष्ट नेता और अफसर अगर दौलत कमाने के एजेंडे पर आगे न बढते तो जरूर उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनता हुआ नजर आ जाता?
उत्तराखण्ड में कुछ विभाग ऐसे हैं जहां भ्रष्टाचार का खेल बडे नाटकीय ढंग से खेला जाता है और इन विभागों के अफसर इतने चालाक हैं कि वह भ्रष्टाचार की दौलत को खुद अपने हाथों से लेने के बजाए अपने पाले हुए शार्गिदों को आगे कर उनके द्वारा दौलत कमाने का खुला खेल खेलते हैं? उत्तराखण्ड में अभी भी भ्रष्टाचार का साया कुछ विभागों में हमेशा छाया हुआ रहता है और इस छाये की धुंध से आवाम अपने आपको घिरा हुआ महसूस करता है क्योंकि अगर वह भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए एक कदम भी आगे चलने का साहस दिखायेगा तो उसका होने वाला काम ऐसे प्रपंच में फंस जायेगा कि उससे बाहर निकलना उसके बस में नहीं रहेगा? चंद जनपदों में कुछ भ्रष्ट अफसर ऐसे हैं जो आवाम की नजरों से उतरे हुए हैं लेकिन सरकार का उन पर ध्यान क्यों नहीं जा पा रहा है यह अभी भी एक रहस्य जैसा ही दिखाई दे रहा है जिससे सवाल खडे हो रहे है कि सरकार के मुखिया को अगर राज्य में भ्रष्टाचार का नाश करना है तो उन्हें वह भ्रष्ट अफसर पहचानने होंगे जो सरकार की छवि पर कहीं न कहीं ग्रहण लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं? अगर भ्रष्ट अफसरों के चेहरों को पहचान कर उन्हें सरकार ने महत्वपूर्ण कुर्सी से उतारने के लिए कोई साहस न दिखाया तो फिर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का सपना तब तक एक ख्वाब ही दिखाई देगा जब तक भ्रष्ट चेहरों को सरकार उनकी करनी का उन्हें दंड नहीं देगी?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य की जनता को बडी उम्मीदें हैं कि वह अपने कार्यकाल में उत्तराखण्ड को जरूर आदर्श राज्य बनाने के लिए दिशा में एक बडी रणनीति के तहत काम करेंगे और उन्होंने ऐसा अभियान शुरू भी कर रखा है लेकिन राज्य के गलियारों में यह चर्चाएं भी जन्म ले रही है कि सरकार के कुछ विभागों में बैठे भ्रष्ट अफसर मुख्यमंत्री के विजन को पलीता लगाने में लगे हुये हैं और चंद विभाग ऐसे हैं जहां दलालों का बडा कब्जा हमेशा दिखाई देता है? इन्हीं दलालों के माध्यम से भ्रष्ट अफसर भ्रष्टाचार का पैसा बडी चालाकी से अपनी तिजोरी में भरते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का हमेशा डर रहता है कि जिस तरह से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई लडने के लिए विजिलेंस को आगे किया हुआ है वह विजिलेंस हमेशा अपने शिकार की तलाश में रहती है कि कब कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत लेने के लिए आगे आये तो उसे दबोच लिया जाये? उत्तराखण्ड में कुछ भ्रष्ट अफसरों के हमराज और दलाल के रूप में मीडिया के कुछ चेहरे जग जाहिर हैं जो दलाली का पैसा एकत्र करके खुद भी अपनी कमीशन वसूल लेते हैं और अफसर के पास भी वह सुरक्षित पैसा पहुंचा देते हैं? एक विभाग तो ऐसा है जहां मीडिया के कुछ दलालों का जमावडा अकसर देखने को मिलता है और यह जमावडा वो काम कराने में सफल हो जाते हैं जो सिंगल विंडो से होना नामुमकीन ही नजर आता है ऐसे में कुछ विभागों में भ्रष्टाचार का जो खेल बडी चतुराई से खेला जाता है उस भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए सरकार के मुखिया को भी कोई ऐसा प्लान बनाना चाहिए जिससे कि वो सभी चेहरे बेनकाब हो सकें जो राज्य की जनता के साथ भ्रष्टाचार करने का खेल खेल रहे हैं? उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का सपना जहां राज्य के मुख्यमंत्री ने देखा है उस सपने से राज्यवासियों को भी काफी पंख लगे हैं लेकिन जिस तरह से कुछ विभागों और चंद जनपदों में कुछ अफसर भ्रष्टाचार का खेल बडे नाटकीय ढंग से खेलते हुए अपनी तिजोरी भरने के मिशन में आगे बढ चुके हैं उससे आवाम को अभी भी उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनना एक ख्वाब सा नजर आ रहा है क्योंकि सरकार को ऐसे भ्रष्ट चेहरों को बेनकाब करना चाहिए जो सरकार के आदर्श राज्य बनाने के सपने पर ग्रहण लगाने का गुप्त खेल खेल रहे हैं?

LEAVE A REPLY