प्रमुख संवाददाता
देहरादून। नानकमत्ता के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले भले ही अभी तक पुलिस के हाथ नहीं चढ़ पाये हैं लेकिन एसटीएफ और पुलिस टीमों ने उन्हें दबोचने के लिए देशभर में उनकी तलाश तेज कर रखी है वहीं अब इन दोनो कातिलों के सिर पर डीआईजी कुमांऊ ने पचास-पचास हजार रूपये का ईनाम भी धोषित करने के लिए अपनी हरी झण्डी दे दी है वहीं शूटरों को शरण देने वालों पर भी पुलिस टीमों की रडार लगी हुई है और उनके चेहरे भी बेनकाब हो चले हैं। पुलिस टीमें इस मामले में सर्विलांस और मैनुअल के आधार पर शूटरों और शरणदाताओं को दबोचने के ऑपरेशन में आगे बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि नानकमत्ता के कार सेवादार बाबा तरसेम सिंह की हत्या में शामिल शूटरों को पकडने के लिए एसटीएफ और एक दर्जन पुलिस टीमों ने अपना जाल बिछा रखा है। वहीं एसटीएफ और पुलिस टीमें संदिग्ध मोबाइल नम्बरों को भी खंगालने में जुटी हुई है जिससे कि वह हत्यारों तक पहुंचने में कामयाब हो सके। डीजीपी अभिनव कुमार ने एसटीएफ और पुलिस टीमों को बाबा के कातिलों को पाताल से भी खोज निकालने का आदेश दिया हुआ है और वह खुद दिन-रात इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाये हुये हैं और डीआईजी कुमांऊ से भी वह पल-पल पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन की जानकारी ले रहे हैं। वहीं कुछ दिन पूर्व उधमसिंहनगर के पुलिस कप्तान ने बाबा के हत्यारों के सिर पर पच्चीस-पच्चीस हजार रूपये का ईनाम धोषित किया था और अब जानकारी मिली है कि डीआईजी कुमांऊ ने दोनो शूटरों पर पचास-पचास हजार रूपये का ईनाम धोषित कर दिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाबा तरसेम सिंह की उनके डेरे में हुई हत्या को लेकर काफी चिंतित और गुस्से में नजर आ रहे हैं क्योंकि किसी धर्म गुरू की हत्या सरकार और सिस्टम के लिए हमेशा एक चुनौती होता है। मुख्यमंत्री ने इस घटना का सारा राज बेनकाब करने का जिम्मा डीजीपी अभिनव कुमार को सौंप रखा है और उसी के चलते डीजीपी ने बाबा के कातिलों और वारदात में शामिल सभी षडयंत्रकारियों के चेहरों को बेनकाब करने का ऑपरेशन खुद संभाल रखा है।
