अब गोदियाल और अजेन्द्र फिर आमने-सामने
मानहानि का मुकदमा करने और उसे चैलेंज में लेने का दौर शुरू
प्रमुख संवाददाता
रुद्रप्रयाग। विश्व विख्यात बाबा केदारनाथ के मन्दिर में करोडो का सोना चढाने और उसके बाद उसके वहां से गायब होने को लेकर कुछ समय पूर्व एक बडा संग्राम मचता हुआ नजर आया था और उसके बाद इस कथित चोरी को लेकर जांच के आदेश भी दिये गये लेकिन जांच का सच किसी के सामने नहीं आया लेकिन जब आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ कि गढवाल कमिश्नर ने अपनी जांच मंें बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति के पूर्व अध्यक्ष को अपनी क्लीन चिट दी थी तो उसके बाद यह सवाल खडे हुये कि जब जांच में आरोप गलत पाये गये तो फिर इस जांच को क्यों सार्वजनिक नहीं किया गया था? अब एक बार फिर कमिश्नर की रिपोर्ट सामने आने पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने गढवाल कमिश्नर की रिपोर्ट को मानने से साफ इंकार कर दिया और उन्होंने इस कथित चोरी को लेकर जो सवाल दागे हैं उससे एक बार फिर केदारनाथ में कथित रूप से गायब हुये सोने को लेकर एक बडा भूचाल मचता हुआ नजर आ रहा है और अब इसको लेकर गणेश गोदियाल और अजंेद्र अजय आमने-सामने आ गये हैं और चुनौती मानहानि का मुकदमा करने से लेकर उसे स्वीकार करने तक आ पहुंची है और आने वाले दिनों में यह मामला एक बार फिर एक नया संग्राम मचाता हुआ नजर आ सकता है?
दरअसल पिछले साल केदारनाथ मंदिर से सोने की परत गायब होने का मामला तूल पकड़ा था। गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया था केदारनाथ से सोना चोरी हुआ है। ये सब बीकेटीसी की निगरानी में हुआ। गढ़वाल कमिश्नर ने इस मामले की जांच की थी और बीकेटीसी को क्लीन चिट दी थी। अब पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल लगातार समिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अजेंद्र अजय ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने वाले गोदियाल पहले अपने गिरेबां में झांके। बीकेटीसी का सबसे बड़ा भर्ती घोटाला उन्हीं के अध्यक्ष रहते हुआ। कमिश्नर गढ़वाल की जांच में भी उनके कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। अजेंद्र अजय ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार अनर्गल बयानबाजी कर दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। इसलिए हम उनेक खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कर रहे हैं।
वहीं केदारनाथ मंदिर में कथित रूप से सोना चोरी होने के मामले पर भले ही बदरी केदार मंदिर समिति को गढ़वाल कमिश्नर से क्लीन चिट मिल गई हो लेकिन इस मामले पर सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा है कि समिति के भूतपूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल इस मामले पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। पलटवार करते हुए गोदियाल ने भी कहा है कि वे मुकदमे के लिए तैयार हैं, लेकिन ये भी आरोप लगाया कि पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष खुद अपने वाहन से केदारनाथ से शिला दिल्ली लेकर गए थे। बता दें कि चंद वर्ष पूर्व उस समय एक बडा राजनीतिक तूफान मच गया था जब यह सवाल खडे कर दिये गये थे कि बाबा केदारनाथ मन्दिर में जो सोना लगा था वह कहां गायब हो गया? मन्दिर से कथित रूप से सोना चोरी होने का शोर जब मचा था तो उस समय इस मामले की जांच गढवाल कमिश्नर को सौंपी गई थी जिससे कि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। हालांकि इस जांच का अंजाम क्या रहा इसका लम्बे समय तक किसी को कुछ पता नहीं चला लेकिन जब मामला आरटीआई के द्वारा सामने आया तो पता चला कि गढवाल कमिश्नर ने कथित सोना चोरी के मामले में पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय को क्लीन चिट दे दी थी। सवाल उठे कि जब इस मामले में सोना चोरी होने का खूब शोर मचा था तो जांच में जब क्लीन चिट दी गई तो आवाम के सामने इस सच को क्यों नहीं रखा गया यह भी काफी बहस का विषय बना हुआ है?
अब केदारनाथ मन्दिर में हुये कथित सोना चोरी के मामले को लेकर गणेश गोदियाल व अजेंद्र अजय एक बार फिर आमने-सामने आ गये हैं और अब यह विवाद मानहानि का मुकदमा करने से लेकर आपस में एक-दूसरे को चुनौती देते हुये नजर आ रहे हैं।
