आंगनवाडी कार्यकर्त्रियों ने खोला मोर्चा

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देहरादून(नगर संवाददाता)। आंगनवाड़ी कार्यकर्ती सेविका मिनी कर्मचारी संगठन उत्तराखंड ने 18 हजार मानदेय प्रतिमाह किये जाने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान विभिन्न मार्गों से होते हुए आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां जैसे ही हाथीबडकला पुलिस चौकी से आगे पहुंची तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गये और इस दौरान पुलिस ने साथ उनकी तीखी नोंकझोंक हुई और उन्होंने वहां पर जमकर हंगामा किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरीकैडिंग को लांघने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया और कई बैरीकैडिंग पर चढ गई और इसके सभी वहीं बैरीकैडिंग पर घंटों धरने पर बैठी रही और राज्य सरकार, विभागीय मंत्री एवं अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेविका मिनी कर्मचारी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में प्रदेश भर से आई हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेविका मिनी कर्मचारी परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से 18 हजार मानदेय प्रतिमाह दिये जाने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। विभिन्न मार्गों से होते हुए आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां जैसे ही हाथीबडकला पुलिस चौकी से आगे पहुंची तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गये और इस दौरान पुलिस ने साथ उनकी तीखी नोंकझोंक हुई और उन्होंने वहां पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान रेखा नेगी ने कहा कि पूर्व में उन्हें कई बार आश्वासन मिला लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। अभी तक उनकी किसी भी समस्या का निदान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि कहना है कि निदेशालय द्वारा प्राप्त कुक्ड फूड यानी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जो आदेश प्राप्त हुआ, उसमें से भी घटाकर सात रुपए कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि और तीन रूपये पिसाई जबकि उतराखंड की भोगोलिक स्थित को देखते हुए आपको ज्ञात होगा कि ग्रामीण क्षेत्र में पिसाई चार रुपये है और पिसाई के बाद चक्की वाला आटे मे कटौती करके देता है जिससे विभाग द्वारा दिया गया गेहूं भी आंगनवाडी कार्यकत्री को पूरा नहीं मिलेगा और वह उचित मात्रा मे कुक्ड फूड नहीं बना पायेगी इतनी महंगाई के चलते इस धनराशि में तय मात्रा और तय आहार बनाना संभव नहीं, कई जगह ईंधन की व्यवस्था नहीं है,
उनका कहना है कि आगनबाडी केन्द्र का मीनू फाइव स्टार होटल जैसा है मटर, झगोरा, दाल,सब्जियां आदि की कीमत देखते हुए कोई भी आंगनबाडी कार्यकत्र्री इतनी सक्षम नहीं है कि वह इस व्यवस्था को चला पाये। रेखा नेगी ने कहा कि इस कुक्ड फूड व्यवस्था अंतर्गत इन सभी समस्याओं का हल निकालते हुये इस मीनू मे बदलाव करने की जरूरत है। रेखा नेगी ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक से लिखित पत्र संगठन को प्राप्त हुआ जिसमे सभी आंगनबाड़ी द्वारा इस शासनादेश का विरोध किया जा रहा है, या तो 3 से 6 वर्ष के पूर्व शिक्षा वाले बच्चों का 1० रुपए प्रति लाभार्थी किया जाए, केंद्रों में गैस सिलेंडर की व्यवस्था दी जाए और टीएचआर में जो राशन गेहूं चावल दिया जा रहा है उसे केंद्र तक पहुंचाई जाए साथ ही विभाग द्वारा दिए गए अंडे चिप्स खजूर व अन्य सामग्री का आंगनवाड़ी केन्द्र तक पहुंचाया जाय नहीं तो कार्यकर्ती को ढुलान दिया जाये।
उनका कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का न्यूनतम मजदूरी के तहत 18 हजार रूपये मानदेय तथा प्रत्येक वर्ष सीनियरिटी के आधार पर मानदेय बढ़ोत्तरी एवं पदोन्नति किया जाए और इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पदोन्नति होने पर उसी केंद्र की सहायका को प्रथम वरीयता दी जाए। उनका कहना है कि विभागीय आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों को नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट किया जा रहा है लेकिन जहां पर प्राथमिक स्कूल दूर हो वहां पर आंगनबाड़ी केंद्रों को किस जगह संचालित किया जायेगा। भवन किराया भी नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि विभागों द्वारा सालों तक किराया न मिलने कारण कोई भी मकान मालिक अपना भवन किराए पर नहीं देता है जिस कारण मजबूरी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हो अपनी निजी घर पर ही कर केंद्र को रखना पड़ता है विभाग द्वारा आदेश हुआ है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने घर पर केंद्र ना रखे वरना कार्रवाई की जायेगी तो विभाग प्रत्येक माह आंगनबाड़ी का किराया भवन स्वामी के खाते में डाला जाय जिससे वह भवन किराए पर ले सके। उनका कहना है कि छह सेवाओं के अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ती कोई और काम नहीं करेगी अगर किसी नई योजना का सरकार द्वारा शुभारंभ किया जाता है तो उस योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को उसका मानदेय दिया जाना चाहिए मात्र वंदना के फार्म या अन्य फार्म कार्यकर्ती द्वारा कम्प्यूटर एवं मोबाइल पर न भराये। मिनी केदों का उच्चीकरण शीघ्र किया उनका सम्मान कार्य के लिए सम्मान वेतन दिया जाये।
उनका कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सुपरवाइजर पदों पर पदोन्नति होने में बहुत विलंब हो चुका है कुछ बहने तो रिटायर भी हो चुकी है इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुपरवाइजर में पदोन्नति शीघ्र अति शीघ्र की जाए। समाचार लिखे जाने तक सभी आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां एवं सेविकायें बैरीकैडिंग पर धरने पर बैठी रही। इस अवसर पर प्रदेश भर से आई हुई आंगनवाडी कार्यकत्र्रियां एवं सेविकायें, मिनी कर्मचारी शामिल रहे।

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