संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की धमक ने समूचे राज्य में कांग्रेस के इकबाल पर बडा ग्रहण लगा दिया है और राज्य की जनता धामी को एक बडे महानायक के रूप में देख रही है और उनका कहना है कि जिसके सारथी के रूप मे ंदेश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं तो उस पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव में हराने का ख्वाब कांग्रेस को बडे नुकसान की ओर धकेलेगा? उत्तराखण्ड के अन्दर बहस चल रही है कि जब कांग्रेस के पास उपचुनाव लडने के लिए कोई दमदार उम्मीदवार है ही नहीं तो फिर पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव में कांग्रेस ने बडा दिल दिखाकर वॉकओवर देने की दिशा में क्यों अपने कदम आगे नहीं बढाये? कांग्रेस अगर उत्तराखण्ड के विकास के लिए इस उपचुनाव में पुष्कर ंिसह धामी को अगर वॉक ओवर दे देती तो उससे कांग्रेसी नेताओं को भी राज्य की जनता उनका अभिवादन करती कि कांग्रेस ने उत्तराखण्ड सरकार को उपचुनाव के बोझ के तले दबने नहीं दिया और प्रचंड बहुमत वाली सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ही वॉक ओवर दे दिया है जिससे राज्य के अन्दर विकास के पहिये पर एक माह तक ब्रेक न लगता? सोशल मीडिया पर कांग्रेस को कटघरे में खडा किया जा रहा है कि आखिरकार जब उसके पास चुनाव लडने के लिए कोई सशक्त उम्मीदवार ही नहीं था तो फिर पुष्कर ंिसह धामी के सामने एक डमी उम्मीदवार उतारकर क्यों एक माह तक पुष्कर के विकास पर ग्रहण लगा दिया?
उत्तराखंड में उपचुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही तैयारियों में जुट गई है लेकिन राज्य में यह चर्चा चारों ओर हो रही है कि आखिरकार कांग्रेस को जब ऐसा गुमनाम प्रत्याशी उतारना ही था तो भला राजनीति में शुचिता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वॉकओवर क्यों नहीं दे दिया गया अगर कांग्रेस बड़ा दिल दिखाकर सर्वसम्मति या अन्य विकल्पों के द्वारा ही धामी का साथ दे देती तो इससे राज्य में कांग्रेस की छवि तो सुधरती ही साथ ही साथ उनके नेताओं का सम्मान लोगों की नजर में और बढ़ जाता लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया कांग्रेश ने एक ऐसे प्रत्याशि को मैदान में उतारा है जिस पर कांग्रेस के नेता ही ऐतबार नहीं कर रहे हैं चंपावत में होने जा रहे उपचुनाव में पहले से ही बीजेपी के उम्मीदवार जीते हुए हैं राज्य में धामी सरकार जिस तरह से काम कर रही है उससे पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता हर दिन बढ़ रही है लिहाजा कोई राजनीति का अनजान व्यक्ति भी यह बता देगा कि 3 जून को चंपावत के उपचुनाव के परिणाम क्या होंगे।
राजनीति के जानकार यह भी बोल रहे हैं कि अगर कांग्रेस के पास कोई ऐसा चेहरा नहीं था जो धामी के सामने लड़ सके तो ऐसे में चुनावों का बोझ और कांग्रेस की फजीहत करवाने के लिए भला कांग्रेस ने ऐसा कदम क्यों उठाया है एक महिला को मैदान में उतारकर कांग्रेश ने निर्मला को ऐसे हालातों में भला क्यों खड़ा किया है आपको बता दें के निर्मल आगे थोड़ी पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही है और पूर्व में वह राज्य मंत्री का दर्जा संभाल चुके हैं लेकिन चंपावत की जनता उनसे ज्यादा वाकिफ नहीं है जबकि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है उनके साथ लोगों का लगाव जुड़ गया है उत्तराखंड की तरक्की के लिए नए काम किए जा रहे हैं उनके द्वारा इसके साथ ही प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक उनकी सरलता सौम्यता और उनके कामों की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
