देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड को सजाने सवारने की दिशा में विधानसभा चुनाव से पूर्व तेजी के साथ अपने विजन को आगे बढाने वाले पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म था कि खटीमा में उनके साथ भीतरघात हो सकता है लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने अपनी विधानसभा सीट पर फोकस न कर समूचे राज्य में भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रचार-प्रसार किया और समूचे राज्य में भगवा फहरा दिया जिसके चलते राज्य में एक बार फिर भाजपा की सरकार आ गई लेकिन खटीमा में पुष्कर सिंह धामी को एक बडे षडयंत्र के तहत हरवा दिया गया। पुष्कर सिंह धामी को चुनाव में हराने की साजिश रचने वाले सभी भीतरघातियों को भाजपा हाईकमान ने एक बडा झटका देते हुए पुष्कर ंिसंह धामी को एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर उन पर अपना बडा विश्वास जताया है जिसके चलते पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी की हार से अब खटीमा के लोग रो रहे है कि आखिर उनके चलते एक महानायक बन चुके पुष्कर सिंह धामी को चुनाव में हार का सामना करना पडा? खटीमा में काफी संख्या में ग्रामीणों ने क्षमा के रूप में आज सांकेतिक रूप से नदी के जल में घंटो खडे होकर पश्चाताप करते हुए कहा कि सीएम साहब की हार का उन्हें एक बडा दुख है और जैसे ही मुख्यमंत्री को ग्रामीणो के इस पश्चाताप की खबर लगी तो उन्होंने तत्काल ग्रामीणों से बात कर उन्हें नदी से बाहर आने की अपील की और कहा कि उनकी हार के कारण खटीमा का विकास नहीं रूकेगा और समूचे राज्य की तरह खटीमा का भी एक बडा विकास होगा।
उल्लेखनीय है कि खटीमा से दो बार विधायक रहे पुष्कर सिंह धामी को भीतरघातियों ने एक षडयंत्र के तहत उन्हें चुनाव हरवा दिया लेकिन अब खटीमा के हजारों ग्रामीणों के मन में एक बडी पीडा है कि पुष्कर सिंह धामी को एक साजिश के तहत हरवा दिया गया इसी से आहत होकर आज हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने पुष्कर सिंह धामी की हार को लेकर एक बडा पश्चाताप करते हुए अपने इलाके की नदी में उतरकर अपना पश्चाताप शुरू किया और कहा कि वह कुछ लोगों के बहकावे में आ गये और उन्होंने अपना मत गलत स्थान पर दे दिया जिसका उन्हें अब बेहद पश्चातावा है।
नदी में सैकडों लोगों द्वारा पश्चाताप किये जाने की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बडा दिल करते हुए फोन पर ग्रामीणों से बात करते हुए उन्हें तत्काल नदी से बाहर निकलने की अपील की और साफ शब्दों में कहा कि वह खटीमावासियों के साथ रात-दिन खडे हैं और भले ही वह खटीमा से अपना चुनाव हार गये लेकिन खटीमा का विकास किसी भी कीमत पर नहीं रूकेगा। हजारो ग्रामीण आज जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी की हार पर रो रहे थे उससे साफ संकेत मिल गया कि पुष्कर सिंह धामी के चुनाव में किस तरह से उनके साथ बडा भीतरघात हुआ था।
