नैनीताल(संवाददाता)। जनपद के पुलिस कप्तान अपने इलाके में होने वाले किसी भी अपराध के बाद अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने तक चैन से नहीं बैठते और यही कारण था कि जब एक युवक को दो युवकों ने मौत के घाट उतारने के लिए उस पर गोलियां चलाई और उसे मरा समझकर वह फरार हो गये तो पुलिस कप्तान ने अपनी टीमों को हमलावरों की तलाश में लगा दिया और आखिरकार एक गुप्त सूचना पर पुलिस कप्तान ने अपनी टीम को संदिग्ध वाहनों की चैकिंग के लिए लगाया तो मोटर साइकिल पर सवार दो संदिग्धों को जब रूकने का इशारा किया तो वह भाग खडे हुये जिस पर पुलिस टीम ने उनका पीछा कर उन्हें दबोच लिया और जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से एक पिस्टल और तमंचा बरामद किया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि ईद के दिन एक युवक को गोलियां मारने वाले हमलावर पकडे गये युवक ही हैं जिन्होंने अपनी बहनों को अपशब्द कहने वाले को मौत की नंीद सुलाने की कसम खा ली थी और हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक मोटर साइकिल भी चोरी की थी जिसे पुलिस ने बरामद कर ली।
पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिन पूर्व राजदीप सिंह ने मोटर साइकिल पर सवार दो युवकों पर जसविंदर को गोली मारने का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि युवक को गोली मारने वालों को दबोचने के लिए पुलिस की कुछ टीमें लगाई गई थी और उन्हें जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। कप्तान ने बताया कि आज प्रात: छह बजे हाथीडंगर वन विभाग बैरियर से 4०० मीटर आगे मालधनचौड़/काशीपुर जाने वाले रास्ते पर मोड़ के पास से हत्या के प्रयास में हमलावर से पिस्टल 32 बोर मय चार जिन्दा कारतूस मय मो०सा० सुजुकी बरामद की गई। कप्तान पंकज भट्ट ने बताया कि हमलावरों ने पूछताछ के दौरान अपना नाम मनवन्दर सिंह उपरोक्त द्वारा बताया और खुलासा किया कि विगत तीन वर्ष पूर्व फेस बुक के माध्यम से उसकी जान-पहचान राजदीप सिंह के परिवार की किसी महिला से हो गयी थी दोनों आपस में फेस-बुक चौटिंग व मिलना-जुलना हो गया था। जो राजदीप सिंह को पसन्द नहीं था । जिस संबंध में कोतवाली काशीपुर में हमारी काउंसलिंग भी हुयी थी। सिख समुदाय के होने के कारण राजदीप के पिता जसविन्दर सिंह तथा राजदीप सिंह व पंचायत के अन्य सदस्यों द्वारा बड़ा गुरूद्वारा काशीपुर में मुझे बुलाया गया ।
मैने उन सभी से मांफी मांगी लेकिन जसविन्दर सिंह ने मुझे गाली-गलौच करते हुये बहुत भला-बुरा कहा । और कहा कि आज के बाद मेरे परिवार की किसी महिला से मिला तो तेरी बहनों को रखैल बना दुगां और पंजाब से सूटर बुलाकर तुझे जान खत्म करवा दूगां । जसविन्दर सिंह की यह बात मुझे चुभ गयी। जब भी जसविन्दर सिंह की बात मुझे याद आती थी मेरा मन करता था कि मैं जसविन्दर सिंह को जान से खत्म कर दूं। इसी बीच उसकी दोस्ती गौरव कश्यप पुत्र चन्द्रपाल सिंह नि० कल्याणपुर थाना भगतपुर जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश हॉल एस.आर.एल. लैब काशीपुर उधम सिंह नगर के साथ हो गयी। बातो-बातों में गौरव कश्यप को मैने सारी आपबीती बतायी। गौरव कश्यप पहले ठाकुरद्वारा जनपद मुरादाबाद में मर्डर केस में जेल जा चुका है । गौरव ने कहा कि जब कभी मौका मिला तो जसविन्दर सिंह को जान से खत्म कर देगें। कप्तान ने बताया कि दो मई को समय करीब सात बजे सायं गौरव उसे मिला उन्होंने जसविन्दर सिंह को जान से मारने की योजना बनाई। योजना बद्ध तरीके से सबसे पहले हमने एक पिस्टल 32 बोर तथा एक तमंचा 12 बोर का इंतजाम किया उसके बाद संजीवनी अस्पताल काशीपुर के बाहर खड़ी मो०सा० सुजुकी सफेद रंग की चुरा ली । योजनाबद्ध तरीके से चुरायी हुयी मो०सा० हमने रेलवे ट्रैक के पास छिपा दी। फिर अगले दिन ईद का दिन होने के कारण उन्होंने सोचा कि आज वे जसविन्दर को मारेंगे तो पकड़े नहीं जायेगें। क्योंकि पुलिस वाले ईद ड्यूटी में व्यस्त होगें।
इस तरह समय करीब आठ बजे रात्रि वह और मेरा दोस्त गौरव कश्यप संजीवनी अस्पताल के प्रागण से चुराई हुयी मो०सा० सुजुकी बिना नम्बर में बैठकर काशीपुर से टांडा रामनगर आये मो०सा० में चला रहा था गौरव कश्यप मेरे पीछे बैठा था और उसके पास पिस्टल 32 बोर तथा गौरव के पास देशी तमंचा 12 बोर मौजूद था। समय करीब साढे नौ बजे रात्रि के बीच लछ्मीपुर बनिया आम के बाग के पास जसविन्दर सिंह अपनी मो०सा० में सवार होकर अपने घर की तरफ जा रहा था दोनो हमलावरों ने अपनी मोटरसाइकिल से जसविन्दर सिंह का पीछा किया। जैसे ही जसविन्दर सिंह से करीब एक-दो मीटर पीछे पहुंचे तो उसने पिस्टल निकालकर जसविन्दर सिंह को जान से मारने की नियत से फायर किया। गोली चली पर गोली जसविन्दर सिंह को छू-कर निकल गयी उसे गोली नहीं लगी । जब मेरे द्वारा किया हुआ फायर जसविन्दर सिंह को नहीं लगा तो मोटरसाइकिल के पीछे सीट पर बैठे मेरे दोस्त गौरव कश्यप ने जसविन्दर सिंह को जान से मारने की नियत से देशी तमंचे से फायर किया । जो जसविन्दर सिंह को लग गये। मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर गया। आज हमलावरों को पता चला कि जसविन्दर सिंह अभी जिन्दा है मरा नहीं है तो वे दोनों जसविन्दर सिंह को जान से मारने की नियत से रामनगर आ रहें थे लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
