देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड की राजधानी में अक्सर जिले के डीएम को लेकर सवाल खडे होते रहते थे कि वह आवाम से नहीं मिलते और न ही उनका दर्द सुनने के लिए वह आगे आते है लेकिन राजधानी के डीएम की जबसे तैनाती हुई है तो वह सड़कों पर ही दिखाई दे रहे है और जहां वह विकास कार्यों को धरातल पर पारदर्शिता के साथ उतारने में रात दिन लगे हुए हैं। एक आम इंसान का भी फोन उठाने में वह तिनकाभर भी देरी नहीं करते और आवाम के जीवन से खिलवाड करने वालों पर उन्होंने जिस तरह से हंटर चलाना शुरू कर दिया है उससे साफ नजर आ रहा है कि राजधानी के डीएम पुष्कर सिंह धामी के सपनों को पंख लगाने की दिशा में एक बडे विजन के तहत काम कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी के डीएम डा. आर राजेश कुमार की जबसे जनपद में तैनाती हुई है तो हर इंसान यह बोलने से भी नहीं चूक रहा है कि क्या ऐसा भी डीएम हो सकता है जो आवाम के मिलने व उनसे बात करने में तिनका भर भी गुरेज नहीं करते। राजधानी में स्मार्ट सिटी के काम को संभाल रहे डीएम आये दिन सडकों पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को परखते हुए दिखाई देते है जिससे सरकार को भी इस बात का इल्म हो चुका है कि राजधानी के डीएम के रहते हुए स्मार्ट सिटी के कामों में कोई भी भ्रष्टाचार नहीं कर पायेगा। हैरानी वाली बात है कि प्रशासन से लेकर पुलिस के कुछ अफसर जहां आम आदमी का फोन उठाने में भी संकोच करते है वहीं राजधानी के डीएम अपने फोन पर आने वाले हर फोन को जिस तरह से सुन रहे है उससे आम आदमी अपने आपको पुष्कर सरकार में सुरक्षित महसूस कर रहा है और यह कहने से भी गुरेज नहीं कर रहा है कि अगर पुष्कर राज में सभी अधिकारी राजधानी के डीएम जैसे हो जाये तो यह उत्तराखंड वैसे ही आदर्श उत्तराखंड बन जायेगा। डीएम ने संकल्प ले रखा है कि वह राजधानी में मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगें और जो नकली पनीर व सिंथेटिक दूध अभी तक दून में आता था वह अब किसी भी कीमत पर नहीं आयेगा क्योंकि वह आवाम के जीवन से खिलवाड करने वालों को किसी भी सूरत में राजधानी के अंदर कदम रखने नहीं देंगें।
