प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड बनने के बाद से त्रिवेन्द्र रावत के शासनकाल तक यही शोर मचता रहा कि राज्य का कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री खनन माफियाओं के सिंडिकेट पर प्रहार नहीं कर पाये और इसी के चलते खनन माफिया हर दिन उत्तराखण्ड सरकार का करोडो का खनन चोरी कर सरकार को बडा नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। अब उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर युग शुरू हो चुका है और जिस तरह से देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी रैलियों में हुंकार लगाई थी कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर राजनीति के अन्दर फायर पुष्कर हैं उसका अक्श अब उत्तराखण्ड के अन्दर खनन माफियाओं को दिखाई देने लगा है। सौम्य और विशाल हृदय के सीएम ने खनन माफियाओं का अंत करने के लिए जिस तरह से फायर पुष्कर बनकर अपने कदम आगे बढाये हैं उससे खनन माफियाओं के सिंडिकेट की चूले हिल गई हैं और मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राजधानी के डीएम ने जिस तरह से खनन माफियाओं के खिलाफ बडा ऑपरेशन छेड दिया है उससे साफ झलक रहा है कि अब राज्य के अन्दर खनन मािफयाओं का अंत निश्चित है। उत्तराखण्ड की आवाम फायर पुष्कर को संदेश दे रही है कि अगर खनन माफियाओं पर सरकार का खनन चोरी करने के मुकदमें दर्ज किये जायेंगे तो उससे राज्यभर में मुख्यमंत्री की स्वच्छ पारदर्शिता से सरकार चलाने का संदेश जायेगा और खनन माफियाओं की माफियागिरी पर भी ब्रेक लग जायेगा। उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में माफियागिरी का अंत होना जरूरी है तभी राज्यवासी पुष्कर सिंह धामी को राज्य के भाग्यविधाता की उपाधि देंगे कि पुष्कर ने आवाम से जो वायदा किया उसे दबंगता के साथ उन्होंने राज्य के अन्दर धरातल पर उतारा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर लम्बी राजनीति पारी खेलने के लिए अपनी स्वच्छ टीम के साथ एक बडा खाका तैयार कर उस पर अमल करने में लगे हुये हैं और उनका मानना है कि जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन पर एक बडा भरोसा कर उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया है तो वह प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर शत-प्रतिशत खरे उतरे और उसके लिए वह राज्य के अन्दर सत्ता को स्वच्छता के साथ चलाने का संदेश शपथ लेने के बाद से ही उन्होंने दे दिया था। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर मंच और रैलियों में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सत्ता चलाने के अंदाज पर उनकी खुलकर पीठ थपथपाई और उन्हें देश के अन्दर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का मिशन सौंपा। पुष्कर सिंह धामी ने जबसे दुबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है तबसे वह राज्यवासियों के हितों के लिए बडे पैमाने पर काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। विशाल हृदय वाले पुष्कर ंिसह धामी ने जिस तरह से अपने आवास पर फरियादों की फरियाद सुनने के लिए समय निर्धारित किया है उससे राज्य की जनता पुष्कर ंिसह धामी की कायल होती जा रही है। मुख्यमंत्री आवास में अपनी फरियाद लेकर आने वाले हर फरियादी के पास खुद पुष्कर ंिसह धामी उनका दर्द सुनने के लिए पहुंचते हैं और उस पर कार्यवाही करने का आदेश देकर फरियादी को खुशी-खुशी वहां से विदा करते हैं तो उससे हर फरियादी पुष्कर सिंह धामी का कायल होता दिखाई दे रहा है। आवाम का दर्द हरने के लिए जहां मुख्यमंत्री खुद आगे आ रखे हैं वहीं भ्रष्टाचारियों व खनन माफियाओं पर बडा प्रहार करने के लिए भी उन्होंने राज्यभर में साफ संदेश दे दिया है। बाइस सालों से जो काम उत्तराखण्ड के सभी पूर्व मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में नहीं कर पाये उस काम को मात्र कुछ समय की सत्ता चलाने वाले पुष्कर सिंह धामी ने करना शुरू कर दिया है। हिमाचल, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के खनन माफियाओं ने जिस तरह से पछवादून इलाके में अपना एक बडा नेटवर्क बनाकर नदियों से खनन चोरी करने का जो शातिराना खेल खेलना शुरू कर रखा था उस पर पुष्कर सिंह धामी ने बडा प्रहार करते हुए खनन माफियाओं पर डीएम को कार्यवाही करने का आदेश दिया और जिस तरह से उत्तराखण्ड से बाहरी जिलों का खनन आ रहा था उस पर भी रोक लगाकर साफ संदेश दे दिया कि अब वो खेल नहीं चलेगा जो आज तक खनन के नाम पर खेला जाता रहा है? डीएम ने राजधानी में खनन माफियाओं पर नकेल लगाने के लिए सख्ती के साथ एक्शन लेना शुरू किया तो उससे माफियाओं के सिंडिकेट के हाथ-पांव फूल गये और पुष्कर ंिसह धामी ने राज्य के सभी डीएम को खनन माफियाओं पर नकेल लगाने का खुला आदेश दिया है और अगर प्रशासन ने खनन चुराने वालों पर वसूली के बजाए खनन चोरी के मुकदमें दर्ज करने का ऑपरेशन शुरू किया तो उत्तराखण्ड से खनन माफियाओं का अंत निश्चित है।
