आशारोडी चैक पोस्ट पर पेड़ों को काटे जाने का विरोध

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देहरादून(नगर संवाददाता)। दून की कई संस्थाओं ने आशा रोड़ी चैक पोस्ट पर पहुंचकर बन रहे 4 लेन मोटर मार्ग पर लगभग 42०० पेड़ों को काटा जा रहा है और इस अवसर पर लोगों ने पेड़ काटे जाने का पुरजोर विरोध किया और इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक पोस्टर दिखा कर अपना विरोध सरकार के खिलाफ दर्ज किया।
इस अवसर पर रवि चोपडा ने कहा है कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के नाम पर हजारों पेड़ों का कटान होने के विरोध में सामाजिक संगठन एक मंच पर आ गये है और उनका कहना है कि किसी भी प्रकार से पेड़ों को कटने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादून की यात्रा ढाई घंटे में तय करने की योजना है और हालांकि दोनों शहरों को एक दूसरे के कराब लाने का विचार शानदार और आर्थिक रूप से फायदेमंद लगता है।
उन्होंने कहा कि लेकिन कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार नहीं किया गया है। इसके निर्माण करने पर हजारों पेडों का कटान होगा जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं करेंगें और इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के अंतिम खंड यूपी में गणेशपुर से उत्तराखंड में आशारोडी तक मात्र 19 किलोमीटर की दूरी है लेकिन यह शिवालिक रेंज के घने साल के जंगालों से होकर गुजरता है और जैव विवधिता से भरपूर राजाजी नेशनल पार्क के बहुत करीब और यहां पर 11 हजार पेडों की कटाई व यूपी सैक्शन में 85०० और उत्तराखड सैक्शन में 25०० का विनाशकारी प्रभाव पडेगा।
इस अवसर पर कमला पंत ने कहा कि काटे जाने वाले लगभग 8० प्रतिशत पेड साल के है और इन्हें न तो प्रत्यारोपित किया जा सकता है और न ही इन्हें पुन: उतन्न किया जा सकता है और शिवालिक श्रेणी के साल वन प्राकृतिक जलशोषक के रूप में कार्य करते है और वह बारिश के पानी को बहने से रोकते है। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में इन पेडों के कटान को रोका जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए चिपको आंदोलन की तर्ज पर वृहद स्तर पर आंदोलन चलाया जायेगा। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर प्राउड पहाड़ी संस्था के स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रकाश नेगी ने बताया कि आशारोड़ी से बड़ोंवाला मैं बन रहे 4 लेन मोटर मार्ग में लगभग 42०० पेड़ों को काटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम विकास के साथ हैं पर अंधे विकास के खिलाफ हैं. हम सभी को अपने पर्यावरण के प्रति जागरूक होना होगा और सरकार को भी इस विषय पर सोचना होगा।
इस अवसर पर विरोध दर्ज करने वालों में सेनि ब्रिगेडियर के जी बहल, कमला पंत, गजेन्द्र भंडारी, हिमांशु अरोडा, जैना, मनोज ध्यानी, परमजीत सिंह, निर्मला बिष्ट, मोहन खत्री, प्रकाश नेगी, विनीत कुमार, शुभम रावत, त्रिलोचन भट्ट, जयदीप सकलानी, हिमांशु, मनोज आदि मौजूद थे।

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