देहरादून(प्रमुख संवाददाता)। उत्तराखण्ड के नये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राजअभिषेक देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने भव्य रूप से होगा और इस राजतिलक के गवाह बनने के लिए ग्यारह राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ केन्द्रीय मंत्री भी देहरादून परेड ग्राउंड मैदान में उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री के सखा पुष्कर सिंह धामी के भव्य राजतिलक से उत्तराखण्ड के बडे विकास की रूपरेखा भी देखने को मिलेगी क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने राज्यवासियों से वायदा किया था कि पुष्कर सरकार उत्तराखण्ड को एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में आगे बढेगी।
बीते रोज जैसे ही पुष्कर सिंह धामी को नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया उसके बाद से ही उनके शपथ ग्रहण को भव्य बनाने के लिए सिस्टम धरातल पर जुट गया। पुष्कर ंिसह धामी का राजअभिषेक जब किया जायेगा तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उसके गवाह बनेंगे साथ में पुष्कर सिंह धामी को नया मुख्यमंत्री बनाये जाने और उनके राजअभिषेक में शामिल होने के लिए भाजपा शासित राज्यों के ग्यारह मुख्यमंत्री और कुछ केन्द्रीय मंत्री भी शामिल होने के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी के राजअभिषेक में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आना यह बताता है कि वह पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ शासन चलाने की नीति से बेहद खुश हैं और वह पुष्कर सिंह धामी के राजतिलक में उन्हें अपना आश्ीार्वाद देने के लिए दून आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के लगभग एक दर्जन अफसरों की टोली को विधानसभा चुनाव से पूर्व यह भय सता रहा था कि अगर विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर सत्ता में आ गई और पुष्कर सिंह धामी फिर राज्य के मुख्यमंत्री बने तो उनके सामने एक बडा संकट आकर खडा हो जायेगा और उनके कार्यकाल में उनके भ्रष्टाचार व अकूत दौलत कमाने के मिशन पर बडा ब्रेक लग जायेगा। अफसरों की इस टोली को यह विश्वास था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आयेगी और मुख्यमंत्री के रूप में हरीश रावत या प्रीतम सिंह ही चेहरा होंगे। इसी सम्भावना को नजर में रखते हुए अफसरों की इस बडी टोली ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनाव में हरवाने समेत भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस के लिए पर्दे के पीछे से काम करना शुरू किया और एक दो आईपीएस ने तो कांग्रेस के एक-दो बडे राजनेताओं को मिठाई के डिब्बे भी अपनी भविष्य की मलाईदार पोस्टिंग को लेकर दे दिये थे और एक आईपीएस तो आये दिन कांग्रेस के एक बडे नेता के घर की दिन-रात परिक्रमा कर रहा था। अफसरों की इस टोली ने पुष्कर सिंह धामी को हरवाने के लिए एक बडा चक्रव्यूह रचा और इस चक्रव्यूह में कहीं न कहीं पुष्कर सिंह धामी फंस गये और उसी के चलते वह तो चुनाव हार गये लेकिन अपनी पार्टी को उन्होंने पूर्ण बहुमत पर लाकर खडा कर दिया और इस बडे टास्क को अंजाम देने पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री, रक्षामंत्री व भाजपा हाईकमान ने उन्हें इस जीत का रियल हीरो मानते हुए उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें उत्तराखण्ड की राजनीति का एक बडा योद्धा बताया। पुष्कर सिंह धामी की चुनाव में हार के बाद साजिशकर्ता अफसरों की टोली ने तांत्रिक विद्या, जादू-टोने और साजिशों का जाल बिछाया कि किसी भी तरह से पुष्कर सिंह धामी राज्य के मुख्यमंत्री न बन पायें लेकिन ऐसे साजिशकर्ता और षडयंत्रकारी अफसरों की टोली को कल उस समय एक बडा झटका 44० वोल्ट का लगा जब विधानमण्डल दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया। पुष्कर सिंह धामी को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किये जाने के बाद उत्तराखण्ड की जनता भी एक ही स्वर में सिर्फ एक ही आवाज बुलंद कर रही है कि पुष्कर सिंह धामी फलावर नहीं फायर हैं। अब इस फायर धामी की कल परेड ग्राउण्ड में राजतिलक की तैयारियां शुरू हो गई हैं और इन तैयारियों को देखकर उन साजिशकर्ता अफसरों की टोली को जुलाब लगे हुये हैं जिन्होंने धामी के खिलाफ एक बडा षडयंत्र रचा था।
