उमेश ने ली शपथ

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देहरादून(संवाददाता)। साउथ की फिल्मों में जिस अंदाज के साथ हीरो जमीन से लेकर आकाश तक में कुछ भी करिश्मा करता हुआ दिखाई दे जाता है उसी तर्ज पर पत्रकारिता करते-करते अपने और परिवार को हमेशा सरकार के मुकदमों की बारिश में भीगते-भीगते उमेश कुमार जेल की सलाखों से सदन तक का सफर तय करेंगे यह शायद किसी ने भी नहीं सोचा था लेकिन मन में एक दृढ़ इच्छा रखते हुए उन्होंने जब राजनीति के पायदान पर विधानसभा चुनाव से मात्र कुछ समय पूर्व ही साउथ फिल्मों के हीरो की तर्ज पर खानपुर के खेतों में हैलीकाप्टर को लैण्ड किया वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं रहा और खानपुर विधानसभा के हजारों लोगों के मन में उमेश कुमार एक रोबिन हुड की तरह बन गये और उन्होंने जिस तरह से भाजपा व बसपा प्रत्याशी को चुनाव मैदान में हजारो मतों से हराया उसने राज्य के चंद बडे राजनेताओं की नींद उडा कर रख दी कि जो उमेश पत्रकार बनकर उनके भ्रष्टाचार व घोटाले खोलता था अब उसकी विधानसभा में एंट्री उनके लिए एक घातक साबित होगी। उमेश कुमार को विधायक बनता देख कुछ राजनेताओं ने पर्दे के पीछे रहकर उन्हें विधानसभा में विधायकी की शपथ लेने से रोकने का कुचक्र जरूर रचा लेकिन आज जिस तरह से उमेश कुमार ने विधानसभा में विधायकी की शपथ लेते हुए कहा कि ”मैं उमेश कुमार ईश्वर को हाजिर-नाजिर मानते हुए भारत के संविधान में सच्ची निष्ठा रखने और उसकी अक्षुण्णता को बनाये रखने की शपथ लेता हंूÓÓ तो उससे उन षडयंत्रकारियों को एक बडा आघात जरूर पहुंचा होगा जिन्होंने उमेश कुमार को शपथ लेने से रोकने के लिए एक बडा तानाबाना बुना था।
उत्तराखण्ड के अन्दर उमेश कुमार को कुछ राजनेता बाहरी बताकर उनके खिलाफ अकसर बडा दुष्प्रचार करने का खेल खेलते रहते थे और उमेश कुमार को मुकदमों की फेहरिस्त में फंसाने के लिए पुलिस के चंद बडे अफसर भी कुछ राजनेताओं के इशारे पर बडे-बडे चक्रव्यूह रचते रहते थे। चंद समय की ही बात है जब राजधानी में उमेश कुमार के खिलाफ पुलिस के चंद बडे अफसरों ने कुछ राजनेताओं के साथ मिलकर उन पर संगीन से संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और हैवानियत का नंगा नाच करने वाले कुछ पुलिस अफसरों को इतनी शर्म नहीं आई कि जिस उमेश कुमार के उत्तर प्रदेश में स्थित आवास पर वह पुलिस की बडी टीमों को छापेमारी के लिए भेज रहे हैं वहां उमेश कुमार की वृद्ध मां भी निवास करती हैं। दबिश के दौरान उम्रदराज एक मां को जिस तरह से उत्तराखण्ड की मित्र पुलिस के दर्जनों दरोगाओं ने अपनी वर्दी का आतंक दिखाने का दुसाहस किया वह उत्तराखण्ड की मित्र पुलिस को हमेशा कटघरे में खडा करता रहेगा। पत्रकारिता के दौरान भ्रष्टाचार का स्टिंग करने पर जब उमेश कुमार की नोएडा में उनके घर से एक साजिश के तहत गिरफ्तारी हुई तो एक दरोगा ने तो उन्हें गोली मार देने तक की धमकी दे दी थी और यह बता दिया था कि वह सत्ता के इशारे पर उनके यहां छापेमारी के लिए आये हैं। भ्रष्टाचार व घोटाले के खिलाफ उमेश कुमार ने अपनी जंग लडी लेकिन उन्हें हासिल सिर्फ संगीन से संगीन धाराओं में मुकदमें और जेल के सिवा कुछ नहीं मिला? हैरानी वाली बात है कि जिस उमेश कुमार को उत्तराखण्ड के अन्दर बाहरी करार दिया जाता था उन्हें खानपुर की जनता ने अपना मानकर उन्हें अपने इलाके का भाग्यविधाता बनाकर उत्तराखण्ड की विधानसभा में पहुंचा दिया। उमेश कुमार को विधायक बनते देख उत्तराखण्ड के कुछ राजनेताओं की नींद उड गई और उन्होंने उमेश कुमार को विधानसभा में शपथ लेने से रोकने का खेल खेला लेकिन इस खेल मे ंवह सफल नहीं हो पाये और आज उमेश कुमार ने विधानसभा के अन्दर विधायकी की शपथ लेकर उन षडयंत्रकारियों को चारो खाने चित कर दिया जो चाहते थे कि उमेश कुमार विधानसभा में विधायकी की शपथ न ले पायें?

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