मोदी के उत्तराखण्ड को सितारों की तरह चमकाते पुष्कर
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश के प्रधानमंत्री के बताये रास्ते पर चलने का जो हुनर मुख्यमंत्री ने दिखाया उसने उन्हें उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में सियासत का एक सितारा बना दिया जो उत्तराखण्ड को खूब रोशनी दे रहा है। मुख्यमंत्री के फलावर रूप और उनके विकास का आईना देखकर राज्य की जनता मुख्यमंत्री के साज पर खुलकर झूमती हुई नजर आ रही है और उनका मानना है कि मुख्यमंत्री को 2037 तक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में आसीन रखा जाये जिससे वह उत्तराखण्ड को देश-विदेश में एक नई पहचान दिला सकंे कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखण्ड आज हर तरफ खिलखिला रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सौम्य रूप और उनका आवाम के बीच फ्लावर व्यवहार उनकी प्रसिद्धि में चार चांद लगाता आ रहा है। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के पहले ऐसे राजनेता बन गये हैं जो बच्चों के बीच भी अपनी धाकड छवि बनाये हुये हैं और यही कारण है कि बच्चे भी उन्हें अंकल मामा कहने से नहीं चूक रहे। युवा पीढी, मातृशक्ति के बीच मुख्यमंत्री ने अपनी जो दिल अजीज छवि बनाई है उसी का परिणाम है कि आज राज्य में मुख्यमंत्री जहां भी जनसभायें और रोड-शो करने के लिए आगे आ रहे हैं वहां जनता का सैलाब उमड रहा है। आवाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य का रक्षक तो मान ही चुकी है साथ ही वह यह भी मान रही है कि मुख्यमंत्री ने विकास की जो नई उडान भरने के लिए उसमें स्वच्छ पंख लगाये हैं उसी के चलते आज राज्य के अन्दर हर तरफ विकास की नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री ने आवाम का दिल जीतने के लिए जिस अंदाज में अपने दिल का साज उनके सामने बजाना शुरू किया है उस साज को सुनकर उत्तराखण्ड के चप्पे-चप्पे की जनता झूमती हुई नजर आ रही है।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडे विजन के साथ काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचारमुक्त भारत के संकल्प को उत्तराखण्ड के अन्दर धरातल पर उतारने के लिए शत-प्रतिशत ऑपरेशन चला रखा है। मुख्यमंत्री ने सत्ता चलाने के लिए प्रधानमंत्री से जो गुरूमंत्र लिया उसी पर वह आगे बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। गुजरात में जिस तरह से पन्द्रह साल तक नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप मंे अपना शानदार कार्यकाल पूरा किया था उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उत्तराखण्ड के अन्दर अपने कार्यकाल को यादगार बनाने की दिशा में दो साल से जिस जज्बे के साथ काम कर रहे हैं उससे उत्तराखण्ड की जनता उनकी कायल होती जा रही है। उत्तराखण्ड के अन्दर कोई मुख्यमंत्री को हृदय सम्राट मान रहा है तो कोई उन्हें धाकड धामी के नाम से उन्हें पुकारता आ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल का शानदार कार्यकाल पूरा कर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक पाठशाला में अपने आपको अव्वल पायदान पर लाकर जिस तरह से खडा किया है वह किसी से छिपा नहीं है।
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री ने सत्ता चलाने के लिए अपना रूप जनसेवक को लेकर आगे किया और उसी के चलते उन्होंने राज्यभर मंे आवाम को अपने करीब लाने का जो हुनर दिखाया उसी का परिणाम है कि आज राज्य के बच्चे और बढे सरल स्वभाव के मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खूब गदगद हो रहे हैं और वह यह कहने से नहीं चूक रहे कि ऐसा मुख्यमंत्री युगों बाद मिलता है। मुख्यमंत्री की सादगी और सत्ता चलाने के लिए उनकी स्वच्छ शैली से उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर मंे उनके नाम की एक बडी धूम मची हुई है और उत्तराखण्ड के अन्दर धामी के साज पर जिस तरह से आवाम हर तरफ झूमता हुआ नजर आ रहा है।

