खाकी को बदनाम करती मीडिया

0
3

आईजी और कप्तान की टयूनिंग से कौन जल रहा?
सीएम का ऑपरेशन प्रहार गुलजार कर रही राजीव और प्रमेंद्र की जोडी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए गढवाल रेंज के आईजी और दून के पुलिस कप्तान बेहतर टयूनिंग से अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। आईजी और पुलिस कप्तान की बेहतर टयूनिंग का आईना आवाम देखती आ रही है और कुछ समय पूर्व राजधानी में प्रधानमंत्री की विशाल रैली और रोड-शो को अभेद बनाने के लिए आईजी और पुलिस कप्तान ने सडकों पर खुद मोर्चा संभाला था। मुख्यमंत्री के ऑपरेशन प्रहार को गुलजार करने के लिए आईजी और कप्तान की जोडी पिछले काफी समय से हिट हो रखी है और राजधानी में जिस तरह से अपराधियों के खिलाफ पुलिस कप्तान ने सीधी जंग छेड रखी है उससे अपराधियों को गोली का जवाब गोली से मिल रहा है और कुछ अपराधी शूटआउट में गोली लगने से घायल भी हुये हैं और पुलिस कप्तान के सामने अपने प्राणों की भीख मांगते हुए गिडगिडाये कि वह अब राजधानी में कभी अपराध नहीं करेंगे। वहीं अचानक कुछ मीडिया ने राजपुर रोड में एक काल्पनिक ड्रामे की पटकथा लिखी और इस पटकथा को लिखने वालों ने आईजी गढवाल और जनपद के पुलिस कप्तान और उनकी खाकी को बदनाम करने की एक बडी साजिश रचकर उत्तराखण्ड के अन्दर बडा भूचाल मचाने का जो तांडव किया है उसकी सच्चाई जब जनपद के छोटे पुलिस कप्तान ने वीडियो जारी करके की तो उससे साफ हो गया कि जिस काल्पनिक ड्रामे को लेकर खाकी को बदनाम किया जा रहा था वह तो झूठ का पुलिंदा ही निकला। सवाल यही तैर रहे हैं कि आखिरकार वो कौन चेहरे हैं जिन्होंने मीडिया के कुछ लोगों को आगे करके खाकी को बदनाम करने के लिए राजीव और प्रमेंद्र की सुपर दिख रही जोडी को साजिश के तहत निशाने पर लेने का खेल खेला था?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए गढवाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने देहरादून केे पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के साथ मिलकर अपराधियों और माफियाओं पर बडा शिकंजा कसने के लिए एक बडी रणनीति के तहत ऑपरेशन चला रखा है। आईजी गढवाल और दून पुलिस कप्तान मुख्यमंत्री के ऑपरेशन प्रहार को गुलजार करने के लिए रात-दिन एक किये हुये हैं और दोनो अफसरों के बीच दिखाई दे रही जबरदस्त टयूनिंग से राजधानी में अपराधियों के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने अपने अल्प कार्यकाल में अपराधियों और माफियाओं की नाक में नकेल डालने का जो दौर शुरू किया उससे अब अपराध और माफिया के शैतान बिलों में जाकर शरण ले रहे हैं। पुलिस कप्तान के कार्यकाल में पुलिस और बदमाशों के बीच हुये कई शूटआउट में बदमाशों को गोलियां लगी और उससे अपराधजगत में संदेश चला गया कि राजधानी में अपराध करना कितना बडा गुनाह है। आईजी गढवाल और दून पुलिस कप्तान मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के ऑपरेशन प्रहार को सफल बनाने के लिए आगे आ रखे हैं।
वहीं दो दिन पूर्व कुछ मीडियाकर्मियों ने राजपुर रोड में एक कथित ड्रामें की पटकथा लिख दी और इस पटकथा को उन्होंने किसके इशारे पर लिखा यह तो अभी एक रहस्य ही है लेकिन खाकी को बदनाम करने के लिए जो साजिश का खेल खेला गया वह काफी खतरनाक ही दिखाई दिया है। कथित ड्रामे में आईजी गढवाल राजीव स्वरूप और पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के खिलाफ जो व्यूहरचना रची गई वह हैरान करने जैसी ही नजर आई। इस कथित ड्रामे को लेकर जिस तरह से खाकी को बदनाम करने का शातिराना खेल खेला गया उसने उत्तराखण्ड के अन्दर पुलिस को कटघरे में लाकर खडा किया। वहीं जब राजधानी के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने इस कथित ड्रामे को फर्जी करार दिया तो उससे साफ हो गया कि किस तरह से एक बडी साजिश करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारने वाले आईजी और पुलिस कप्तान को आवाम के बीच विलेन बनाने का खतरनाक खेल खेला गया था। सवाल यह है कि आखिर वो कौन चेहरे हैं जो आईजी गढवाल और राजधानी के पुलिस कप्तान के बीच दिखाई दे रही जबरदस्त टयूनिंग से बिलबिलाये हुये हैं।

LEAVE A REPLY