जन संघर्ष मोर्चा की हुंकार

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नाकाम है स्वास्थ्य मंत्री
ध्वस्त स्वास्थ्य सेवाओं पर बर्खास्त हों मंत्री
विकासनगर(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य विभाग पर न्यायालय की नाराजगी को लेकर जन संघर्ष मोर्चा अब महकमे के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आरपार की लडाई लडने के लिए आगे बढ गया है और उनका साफ कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में नाकाम हो चुके स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त किया जाये। जन संघर्ष मोर्चा स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ दहाड़ने के लिए आज विकासनगर तहसील में दस्तक देने के लिए आगे बढा और उन्होंने अपनी खुली नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि आज प्रदेश के अन्दर स्वास्थ्य सेवायें ध्वस्त हो चुकी हैं इसलिए नैतिकता के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। एसडीएम को दिये पत्र में जन संघर्ष मोर्चा ने स्वास्थ्य महकमे की लचर कार्यशैली को लेकर अपनी बडी नाराजगी दिखाई और कहा कि आयुषमान कार्ड और गोल्डन कार्ड से मरीजों को इलाज कराने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड रहा है लेकिन सबकुछ देखते हुए भी स्वास्थ्य मंत्री मौन धारण किये हुये हैं। जन संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि वह सरकार से मांग करता है कि ऐसे विफल और गैर जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमण्डल से जल्द बाहर का रास्ता दिखाया जाये।
जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ,स्वास्थ्य विभाग पर उच्च न्यायालय द्वारा चाबुक चलाने के मामले में मंत्री धन सिंह रावत की बर्खास्तगी को लेकर मुख्यमंत्री को संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी, विकासनगर विनोद कुमार को सौंपा। नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के गैर जिम्मेदाराना रवैये एवं अधिकारियों पर नियंत्रण न होने के कारण अस्पतालों में लूट-खसोट, आपात स्थिति में इलाज न मिलने, रेफरल सिस्टम, गर्भवती माताओं की इलाज न मिलने से हो रही मौत, खराब मशीनें, स्टाफ की कमी, दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती न होने आदि तमाम मामलों को लेकर जिस तरह से हाल ही में उच्च न्यायालय ने चाबुक चलाया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो चुकी हैं, इसलिए नैतिकता के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। नेगी ने कहा कि विगत कुछ माह से, जिस प्रकार स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हुई हैं तथा विभागीय मंत्री का अस्पतालों पर कोई नियंत्रण न होना, सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट-खसोट,आयुषमान के मरीजों से बीमारी के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूलने, फर्जी बिल, आपात स्थिति में बाह्य मरीजों को आईसीयू/ वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने आदि तमाम अव्यवस्थाओं ने स्वास्थ्य मंत्री की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। कुछ माह से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज न मिलने के कारण मौतों में भी काफी इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री की मौज मस्ती एवं ढीली पकड़ के कारण न्यायालय लगातार अधिकारियों को इन अव्यवस्थाओं को लेकर तलब पर तलब किये जा रहा है। यही हाल सभी विभागों का है, जो धन सिंह रावत के पास हैं। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि ऐसे विफल व गैर जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर बाहर का रास्ता दिखाए।
घेराव/प्रदर्शन में – मोर्चा महासचिव आकाश पंवार , विजयराम शर्मा, ठा. भाग सिंह, हाजी असद, रूपचंद, सलीम मुजीब रहमान, पछवादून अध्यक्ष अमित जैन, सरोज गांधी, प्रवीण शर्मा पिन्नी, वाहिद कुरैशी, मंगला चौधरी, अकरम सलमानी, जयपाल सिंह, परवीन,नरेंद्र तोमर, मान चंद्र राणा, मनोज राय, नाजिर, यूनुस, जयकृत नेगी, बिल्लू गिल्बर्ट, मंगत साहू, कुंवर सिंह नेगी, विनय गुप्ता,भीम सिंह बिष्ट, प्रकाश पाठक, महेंद्र भंडारी, टीकाराम उनियाल, जगदीश रावत, गुलफाम, अरविंद साहनी,अशोक गर्ग, परिमल गोस्वामी, निशा खातून, गोविंद नेगी, दिनेश राणा, गफूर, रहबर अली, प्रमोद शर्मा, नसीम, सफीक पांडे, सियाराम बिष्ट, नरेश ठाकुर, गुलफाम, श्रवण गर्ग, परवेज, नसीम,सायरा बानो, विनोद जैन,भगत सिंह, निर्मला देवी, नानक सिंह, इमरान, शेर सिंह चौधरी, खुशनुदा, भजन सिंह नेगी, नरेंद्र तोमर ,रईस,जाबिर हसन, इमरान, मनीष कुमार, सलीम मिर्जा, बुशरा, हिमांशु राठौर, भूरा ,क्रिस्टीना, रईस, अरविंद कुमार, रहमान, संध्या गुलरिया, रामशरण, सुनील कुमार मौजूद थे।

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