धामी राज में शांत है उत्तराखंड
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल ने चंद दिन पूर्व राजभवन में हुये कार्यक्रम में खुले मंच से ऐलान किया था कि धामी शेर का पुत्तर है जिसने उत्तराखण्ड के अन्दर कमाल कर रखा है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शेर का पुत्तर कहकर यह साफ संदेश दे दिया कि जिस तरह से एक सैनिक देश की रक्षा के लिए बॉडर पर रात-दिन देशवासियों की रक्षा करता है उसी तरह से उत्तराखण्ड में शेर का पुत्तर राज्यवासियों की चार साल से रक्षा कर रहा है और उत्तराखण्ड को एक बडे विजन के साथ आगे ले जाने के लिए उन्होने जो संकल्प लिया हुआ है उसका अक्स राज्यवासियों को दिखता आ रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को शांत बनाने के लिए बडा संकल्प लिया हुआ है और उन्होंने जब राज्य पुलिस की कमान अभिनव कुमार के हाथों में सौंपी थी तो उन्होंने उत्तराखण्ड से अपराधियों और माफियाओं को नेस्तनाबूत करने का बडा बीडा उठाकर उन्हें यह दिखा दिया था कि खाकी का इकबाल क्या होता है। जेल से लेकर राज्य की सीमाओं को उन्होंने सुरक्षित रखने का जो दौर शुरू किया था उसने राज्य में नापाक इरादे रखने वाले असामाजिक तत्वों और राज्य विरोधियों को खुला संदेश दे दिया था कि अगर राज्य की सुरक्षा के साथ उन्होंने खिलवाड करने का दुसाहस किया तो उन्हें मिट्टी मे मिला दिया जायेगा। अभिनव के शासनकाल में उत्तराखण्ड की वादियां शांत हुई और आज तक राज्य सुरक्षा की दृष्टि से शंात हो चुका है और राज्य के लोग अब यह कहने से नहीं चुकते कि धामी राज में उनका उत्तराखण्ड अब शांत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चार साल से राज्य के अन्दर एक बडे संकल्प के साथ काम कर रहे हैं और उत्तराखण्ड के सभी सैनिक परिवारों को वह हमेशा यह संदेश देते आ रहे हैं कि सरकार उनके साथ खडी है और हमेशा उनके हितों की रक्षा करने के लिए वह उनके साथ ही रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने उत्तराखण्ड को शांत बनाने के लिए बडे विजन के साथ काम करना शुरू कर रखा है और जब अभिनव कुमार को उन्होंने डीजीपी की कमान सौंपी थी तो डीजीपी ने उत्तराखण्ड को अपराधियों, माफियाओं व अदृश्य शक्तियों की नाक में नकेल डालने का वो दौर शुरू किया था जिससे इनमें ऐसा भूचाल मचा था कि वह राज्य के अन्दर अपने नापाक इरादों को धरातल पर उतारने में डरने लगे थे क्योंकि अभिनव कुमार ने खुला अल्टीमेटम दिया था कि अगर किसी ने भी राज्य को अशांत करने का दुसाहस किया तो उसे मिट्टी मे मिला दिया जायेगा और राज्य की सीमाओं पर अगर किसी ने भी अपनी गलत निगाह रखी तो उनका भ्रम भी चूर कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए अभिनव कुमार ने ऐसा अभेद चक्र बनाया था कि आज तक उस चक्र को कोई भी तोड पाने में सफल नहीं हुआ है और यही कारण है कि आज उत्तराखण्ड बिल्कुल शांत नजर आ रहा है।
गौरतलब है कि सैनिक परिवार के बेटे पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार द्वारा चलाई गई अग्निपथ योजना को बडा रूप देने के लिए शुरूआती दौर में ही संकल्प ले लिया था और उन्होंने अग्निपथ योजना में सैनिक बनने वाले युवाओं को खुला संदेश दिया था कि जब वह सेना में अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे तो उत्तराखण्ड सरकार उन्हें अपने यहां नौकरियों में समायोजित करने के लिए उनके साथ खडी रहेगी और उन्होंने यह संकल्प धरातल पर भी उतारने में कोई कसर नहीं छोडी। अग्निपथ योजना से उत्तराखण्ड के युवाओं में एक नया जोश भरने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा पीढी को इस योजना के लाभ से हमेशा रूबरू कराया वहीं सेवा के उपरांत अग्नि वीरों को उत्तराखण्ड की सेवा में प्राथमिकता के साथ आपदा प्रबन्धन एवं चारधाम प्रबन्धन में सेवायें देने का दौर भी शुरू करके अग्निपथ में शामिल युवाओं को उत्तराखण्ड के अन्दर एक बडी उम्मीद के साथ उन्हें सरकारी महकमों में शामिल करने का दौर शुरू करके उनके परिवारों में भी एक नई ऊर्जा भर रखी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जिन्हें खुले मंच से राज्य के राज्यपाल ने शेर का पुत्तर कहकर यह संदेश दिया है कि वह उत्तराखण्ड के अन्दर दबंगता के साथ सरकार चला रहे हैं और राज्य को जिस विजन के साथ वह आगे ले जाने का दौर शुरू किये हुये हैं उससे आज उत्तराखण्ड में कोई भी अपने नापाक इरादे रखने में कामयाब नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल में हर तरफ उनके नाम का जो डंका बज रहा है वह किसी से छिपा नहीं है और आज उत्तराखण्ड का हर जनपद शांत नजर आ रहा है जहां अपराधी और माफिया मुख्यमंत्री की दहाड़ से बिलों में जा घुसे हैं।
गजब है सीएम की किचन टीम
पुष्कर की किचन टीम रणनीति का
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने सरकार चलाने के लिए अपनी किचन टीम में एक से एक अफसरों को अपने साथ रखा हुआ है जो उन्हें हमेशा यह सच बताते हैं कि उत्तराखण्ड में सरकार को किस दिशा में चलना चाहिए और राज्य के हर जनपद में किस तरह से आवाम को न्याय दिलाने के लिए अफसरशाही को काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे राजनेता हैं जो अपने अफसरों के बताये रास्ते पर चलने में हमेशा विश्वास रखते हैं और यही कारण है कि चार साल से वह बेदाग होकर अपनी सरकार चला रहे हैं। चार साल के कार्यकाल में राज्य के हर जनपद में डीएम और पुलिस कप्तान ने अपने इलाकेवासियों की पीडा को सुनकर उनका समाधान करने में कभी कोई कोताही नहीं दिखाई जिसके चलते जनपदों के लोग अपनी फरियाद लेकर सिर्फ डीएम और पुलिस कप्तानों के पास ही जाते हैं और यही कारण है कि आज किसी भी जनपद में यह शोर नहीं सुना जाता कि अफसर उनकी नहीं सुनते। यही कारण है कि आज राज्यवासी एक ही उद्घोष लगा रहे हैं कि गजब है सीएम की किचन टीम।

