पुष्कर सत्ता में बब्बर शेर

0
75

देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में कभी कोई ऐसा मुख्यमंत्री आयेगा जो राज्य को गुलजार कर सकेगा ऐसी सोच तेइस साल से राज्यवासियों ने अपने मन में पाल रखी थी? उत्तराखण्ड के अन्दर अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री सिर्फ सत्ता पर काबिज रहने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार दिखते थे और अपने भ्रष्टाचार और घोटालों पर पर्दा डालने के लिए वह मीडिया को अपनी सत्ता की हनक दिखाकर उन्हें अपना गुलाम बनाने की चाहत में हमेशा आगे रहते थे? गुलाम न बनने वालों को वह मुकदमों के जाल में फंसाकर यह संदेश देते थे कि अगर वह अपनी कलम को उनके अनुसार नहीं चलायेंगे तो वह हमेशा इसका खामियाजा भुगतते रहेंगे? यही कारण रहा कि उत्तराखण्ड के अन्दर आवाम को कभी बदला हुआ उत्तराखण्ड नजर नहीं आया? देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के अन्दर युवा राजनेता पुष्कर सिंह धामी की मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी की तो उसके बाद से ही मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक धाकड़ फैसले लेकर आवाम को संदेश देते रहे कि अब उत्तराखण्ड में नये युग का आरम्भ हो चुका है और यही कारण है कि अब उत्तराखण्ड के अन्दर चारो तरफ एक ही आवाज सुनने को मिल रही है कि पुष्कर भाजपा के शेर हैं।
उत्तराखण्ड की कमान जबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में आई है तो उन्होंने राज्य के अन्दर माफियागिरी और अपराधियों पर नकेल लगाने का जो ऑपरेशन चला रखा है उसे देखकर उत्तराखण्डवासियों के मन में यह बात उभर आई है कि अब राज्य में कोई भी अपराधी या माफिया उन्हें अपनी ताकत का डर नहीं दिखा पायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अब तक के कार्यकाल में क्रांतिकारी कदमों से उत्तराखण्ड को गुलजार करने की दिशा में जो बडे-बडे फैसले लिये उससे वह उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर में एक दबंग राजनेता के रूप में अपनी पहचान बनाते हुए नजर आ रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना अभेद साथ दे रखा है और उत्तराखण्ड के विकास के लिए हमेशा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की झोली में बडी-बडी योजनायें डालकर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में वह आगे खडे हुये नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने उस समय साधु समाज का दिल जीत लिया था जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा बनाये गये देवास्थनम बोर्ड को एक झटके में खत्म कर दिया था। मुख्यमंत्री के इस फैसले से उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर के साधु-संतों ने पुष्कर सिंह धामी का दिल से स्वागत किया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में पनपते आ रहे नकल माफियाओं की नाक में नकेल डालकर जिस तरह से बडे-बडे नकल माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाकर उन पर बडा प्रहार किया उससे देशभर में मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी का राजनीतिक इकबाल बुलंदियों पर दिखाई देने लगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करने की दिशा में जो मास्टर स्ट्रोक चला था उसको लेकर विपक्ष उनके इस कदम को राजनीतिक एजेंडा मानकर उसे हवा में उडा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाकड़ अंदाज में धाकड़ यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार कराया और उसके बाद विधानसभा में उसे विधेयक बनाने में अपना संकल्प पूरा किया जिससे वह देशभर में भाजपा के शेर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी एक नई पहचान बनाते हुए नजर आ गये। उत्तराखण्ड में पूर्व सरकारों ने कभी भी लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ अपना रूख साफ नहीं किया लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रूख अपनाते हुए राज्य के अन्दर अपनी इच्छाशक्ति से लैंड जेहाद और लव जिहाद को कुचलने की दिशा में जो जंग लडी उससे वह उत्तराखण्डवासियों की आंखों के तारे बन चुके है। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी आज राज्य के अन्दर एक धाकड़ मुख्यमंत्री के रूप में उभरकर सामने आये हैं जिनके राज में न तो कहीं धरने प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं और न ही कहीं सरकार पर कोई भ्रष्टाचार या घोटाले का दाग लगा पाया है? मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी का आज राजनीतिक इकबाल उस दौर में प्रवेश कर गया है जैसा इकबाल गुजरात में पन्द्रह साल तक वहां के मुख्यमंत्री रहे नरेन्द्र मोदी का देखने को मिलता था। अब उत्तराखण्ड के अन्दर हर तरफ एक ही शोर सुनने को मिल रहा है कि पुष्कर सिंह धामी भाजपा के वो शेर हैं जो उत्तराखण्ड को एक नई उडान पर ले जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY