और बदला सा नजर आने लगा शहर

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धामी ने संकल्प के साथ चमकाया दून
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों ने राज्य की अस्थाई राजधानी को गुलजार करने के लिए कभी अपने कदम आगे नहीं बढाये जिसके चलते आवाम के मन में यह सवाल खडा होता था कि जब पूर्व सरकारें छोटे से शहर को गुलजार करने में फिस्ड्डी रही तो फिर उनसे उत्तराखण्ड को गुलजार करने की उम्मीद कैसे की जा सकती थी? अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने दून को पुराना दून ही रहने दिया लेकिन जब राज्य की कमान युवा मुख्यमंत्री के हाथों में आई तो उन्होंने शहर को स्मार्ट बनाने के लिए तेजी के साथ अपने कदम आगे बढाये और उन्होंने जिस विजन के साथ शहर की कायापलट करने का दौर शुरू किया उसे देखकर उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के चेहरे भी हमेशा गुलजार रहे कि आखिरकार अब उत्तराखण्ड को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो दून को एक नया दून बनाने के लिए आगे बढा और उसमें उन्हें सफलता भी हासिल हुई। मुख्यमंत्री ने शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और एमडीडीए को बडे विजन के साथ मैदान में उतारा था और उन्होंने शहर को एक नया लुक देने के लिए जो काम किया वह शहर के अन्दर दिखाई देने लगा और जो दून पुराने क्लेवर में नजर आता था अब वह दून बदला-बदला नजर आने लगा है।
उत्तराखण्ड में जब युवा मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को कमान मिली तो उन्होंने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में एक बडा संकल्प ले लिया था और उस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने रात-दिन एक किया। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के अन्दर विकास की नई गाथा लिखने का मिशन शुरू किया और उन्होंने कुछ जनपदों का रूप बदलने की दिशा में अपनी टीम के साथ धरातल पर जब काम करना शुरू किया तो उन जनपदों की जनता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन की कायल होती चली गई। उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी दून को सजाने सवारने के लिए किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने कोई काम नहीं किया जिससे एक छोटा सा शहर भी अपने नयेपन को लेकर तरसता रहा था लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने शहर को एक नया लुक देने के लिए बडी रणनीति के साथ काम शुरू किया और उन्होंने शहर की सडकों को रंगीन बनाने से लेकर सडकों के बीच में फुलवारी लगवाने का जो दौर शुरू किया था उसे देखकर आम जनमानस से लेकर बाहर से आने वाले पर्यटक भी देहरादून शहर का नया क्लेवर देखकर हमेशा गदगद नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी दून को एक नया रूप देने के लिए उन्होंने संकल्प के साथ काम किया हे और आज देहरादून का शहर अपनी एक नई पहचान के साथ आवाम को खूब रास आ रहा है।
उत्तराखण्ड के अन्दर हमेशा यही बहस चलती थी कि राज्य को आवाम ने कई पूर्व मुख्यमंत्री दिये और वह राज्य को स्वीजरलैंड बनाने तक का दम भरते रहे लेकिन वे राज्य की अस्थाई राजधानी दून का स्वरूप भी बदलने में कामयाब नहीं हो पाये जिससे हमेशा यह बहस चलती रही कि शहर को सवारने के लिए हमेशा करोडो रूपया आता रहा लेकिन वह कहां लगता रहा और उस पैसे से शहर कहां बदल गया यह शायद किसी को कभी पता ही नहीं चला। बाहरी राज्यो ंसे आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में यह बात उठती थी कि जिस राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन से सरकार देश-विदेश में अपनी वाहवाही खूब लूटती आ रही है उस राज्य की अस्थाई राजधानी को सुन्दर बनाने की दिशा में कभी किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने बडे विजन के साथ काम करने का साहस क्यों नहीं दिखाया। वहीं राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो एक बडे विजन वाले नेता बन चुके हैं उन्होंने जब अस्थाई राजधानी को पुराने स्वरूप में देखा तो उन्होंने उसका स्वरूप बदलने की दिशा में अपनी टीम के अफसरों के साथ बडा मंथन किया और उसके बाद राजधानी को एक नया रूप देने के लिए सडकों को चौडा करने की दिशा में जो बडा कदम उठाया वह आवाम की नजर में काबिले तारीफ बना हुआ है। शहर को देखकर आवाम यही सोचता था कि तेइस सालों से उनका शहर क्यों नहीं चमक पाया लेकिन आवाम की इस सोच को भांपते हुए जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बडी रणनीति के तहत उसे सजाने और सवारने की दिशा में अपने कदम आगे बढाये तो शहर की सडकें और उसका स्वरूप देखकर हर शहरवासी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच का कायल हो चला है और उसका यही मानना है कि मात्र कुछ समय के भीतर जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने शहर की कायापलट की है उस कायापलट को कायम रखने के लिए अब सिस्टम के अफसरों को काम करना पडेगा जिससे कि ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान जिस शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था वह शहर हमेशा दुल्हन की तरह ही सजा रहे जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक व श्रद्धालु यह सोचने पर मजबूर हो जायें कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक गजब के राजनेता हैं जिनकी सोच उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने की है जिस दिशा में वह रात-दिन आगे बढ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के जुनून में आगे बढते जा रहे हैं।

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