भ्रष्टाचार के खिलाफ दहाड़ते नेता
2027 के चुनाव में दिखेगा रोचक मैच
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस मे एक बडा फेरबदल करके कांग्रेस हाईकमान ने अपने इरादे साफ कर दिये हैं कि वह 2027 का चुनावी रण जीतने के लिए आगे बढ़ गये हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राजनीतिक पिच पर भाजपा के साथ बडा रण जीतने के लिए अब भ्रष्टाचार को अपना बडा हथियार बना लिया है और वह सरकार के शासनकाल में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सीधी दहाड लगाते हुए नजर आ रहे हैं जिससे साफ नजर आ रहा है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का मैच काफी रोचक होगा। कांग्रेस हाईकमान ने कांग्रेस के तीन कद्दावर नेताओं को चुनावी रण जीतने की जो बडी जिम्मेदारी दी है वह कांग्रेसियों में एक नई ऊर्जा पैदा कर गई और इन नेताओं का जिस तरह से कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने उनके सम्मान में जो फूल बिछाये वह कहीं न कहीं भाजपा की राह में एक बडे कांटे बिछाते हुए जरूर नजर आयेंगे क्योंकि उनका मिशन 2027 का चुनावी रण जीतना है?
उत्तराखण्ड में दो बार विधानसभा चुनाव हारने का सेहरा अपने सिर पर बंधवा चुकी कांग्रेस के सामने अब 2027 का चुनावी रण जीतना है। उत्तराखण्ड में कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक दिग्गज नेताओं पर मित्र विपक्ष होने के दाग लगते रहे हैं और इसी के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दूसरी कतार में खडे कांग्रेसी नेताओं को यह चिंता सताती थी कि अगर इसी तरह से उनके कुछ बडे राजनेता मित्र विपक्ष की भूमिका निभाते रहे तो 2027 का चुनावी रण भी भाजपा जीत जायेगी इसमें कोई शंका नहीं है? उत्तराखण्ड कांग्रेस के कुछ नेताओं में जिस तरह से आपसी वर्चस्व को लेकर एक बडा युद्ध चलता आ रहा था उसकी गूंज बार-बार कांग्रेस हाईकमान के सामने पहुंच रही थी। कांग्रेसी नेताओं की इस गुटबाजी से हो रहे नुकसान का आइना कांग्रेस हाईकमान को जब हर दिन दिखने लगा तो उन्होंने उत्तराखण्ड कांग्रेस में एक बडा बदलाव करने के लिए महामंथन किया।
कांग्रेस हाईकमान ने अपने दूत भेजकर यह आंकलन करा लिया था कि कौन ऐसे राजनेता हैं जो 2027 का चुनावी रण कांग्रेस को जीता सकते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आक्रामक शैली के राजनेता गणेश गोदियाल को कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपकर यह साफ कर दिया कि उन्हें मित्र विपक्ष वाले राजनेताओं से अब दूरी बनाकर रखनी हैं और जो भ्रष्टाचार और घोटालों के मुद्दे पर सरकार को घेर सके उसे वह कांग्रेस की कमान सौंपेंगे और हुआ भी ऐसा। अब कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी के तेज तर्रार नेता गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह को पार्टी के अन्दर जो बडी जिम्मेदारी सौंपी है उसने कहीं न कहीं भाजपा के अन्दर एक बडी खलबली मचा दी है? कांग्रेस के इन दिग्गज नेताओं ने पार्टी के अन्दर एक नया जोश भरने के लिए खुले मंच से जो सरकार के खिलाफ दहाड लगाई है उससे साफ नजर आ रहा है कि वह राज्य में पनप रहे भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ आरपार की लडाई लडने के लिए आगे आ गये हैं। कांग्रेस के सभी दिग्गज एक मंच पर आकर जिस शैली के साथ सरकार को ललकारते हुए नजर आये उससे अब यह साफ नजर आने लगा है कि 2027 का चुनावी रण बहुत रोचक होगा। कांग्रेस की ओर से सबसे ज्यादा आक्रामक गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने यह संकल्प ले लिया है कि वह आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को उखाड फेंकेंगे और उत्तराखण्ड के अन्दर चरम पर पहुंचे भ्रष्टाचार से आवाम को आजादी दिलायेंगे।

