चुनाव और विकास एक साथ साजिशों के कांटो को फूल बनाते धामी

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री के बताये गुरूमंत्र पर सरकार चलाने का हुनर सीख लिया है और यही कारण है कि वह सिर्फ आवाम के दिलों मंे सरकार का अक्स दिखा रहे हैं। सत्ता संभालने के बाद से ही भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री को स्टार प्रचारक के रूप में एक नई पहचान दे रखी है और यही कारण है कि देश के किसी राज्य में जब चुनाव की बेला आती है तो मुख्यमंत्री को चुनाव प्रचार में उतारा जाता है और उसके बाद वह चुनाव प्रचार के साथ-साथ विकास के पहिये को भी एक साथ आगे बढाने में ही रात-दिन एक किये हुये हैं। सबसे अह्म बात यह है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भले ही अकसर साजिशो के काटे बिछाये जा रहे हों लेकिन वह इन कांटो को भी फूल समझकर आगे बढते हुए नजर आ रहे हैं। बिहार में हुये विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का आक्रामक प्रचार भाजपा हाईकमान को खूब रास आया और बिहार में एडीए को मिली जीत पर मुख्यमंत्री ने इसका ताज देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सर पर सजाया है।
उत्तराखण्ड में आपदा का दौर हमेशा दिखाई देता रहा है और जब भी राज्य के अन्दर कोई आपदा आती है तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मोर्चा संभालने के लिए अपनी टीम के साथ मौके पर डट जाते हैं। मुख्यमंत्री का यह साहस और उनकी राज्य के प्रति बडी सोच का ही परिणाम है कि आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा और छोटे भाई बने हुये हैं। मुख्यमंत्री को भाजपा हाईकमान हमेशा चुनाव प्रचार में देश के कोने कोने में भेज रही है और वह वहां जाकर जिस तरह से आवाम को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का स्वरूप पेश कर रहे हैं वह किसी से छिपा नहीं है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों पर बडा प्रहार कर अपनी सोच को देशभर में साफ कर रखा है और वह सत्ता चलाने के दौरान किसी के साथ भी भेदभाव करने में विश्वास नहीं करते तथा उनका एकमात्र एजेंडा है कि राज्य को कैसे आदर्श राज्य बनाने की राह पर वह आगे बढते चले। पुष्कर सिंह धामी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जो भाजपा के चुनाव प्रचार की भी कमान संभाल रहे हैं साथ ही उत्तराखण्ड के विकास को किस तरह से तेजी के साथ आगे बढाया जाये उस पर वह रात-दिन डटे हुये नजर आ रहे हैं। हर मोर्चे पर जिस तरह से सिर्फ और सिर्फ पुष्कर ही पुष्कर नजर आ रहे हैं उसी का परिणाम है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवा मुख्यमंत्री को अपना खुलकर आशीर्वाद दे रहे हैं और उनके राज्य में विकास योजनाओं को बडा पंख लगाने के लिए वह उत्तराखण्ड को एक के बाद एक बडी-बडी विकास योजनायें दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के विजन को देखते हुए उत्तराखण्डवासियों के मन में एक ऐसी अलख जग चुकी है कि वह मुख्यमंत्री को राज्य का विकास पुरूष मानकर उनके साथ हर मोर्चे पर खडे हुये नजर आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड का गठन हुये पच्चीस साल हो गये और इन सालों में राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने आपको उत्तराखण्ड का सरताज समझा और आवाम से वह हमेशा दूरी बनाकर रखने में ही विश्वास रखते थे। आवाम तो क्या वह मीडिया को भी अपने हाथ का खिलौना समझते थे और जब चाहते वह इन खिलौनों को अपने हिसाब से खेलने में जुट जाते थे। उत्तराखण्ड के अन्दर कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में जब भी राज्य के अन्दर आपदा आई तो उन्होंने उस आपदा के कार्यकाल में मौके पर जाकर सिर्फ मीडियाबाजी करने में ही विश्वास किया और जैसे ही फोटोग्राफरों और कैमरामैनों की फलैश उनसे हटती थी तो वह हैलीकाप्टर में बैठकर वापस देहरादून पहुंच जाते थे इसी के चलते आवाम के मन में कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों को लेकर हमेशा बडी नाराजगी देखने को मिलती रही और ऐसे पूर्व मुख्यमंत्रियों का नाम आज जनता के बीच गायब ही दिखाई देता है। वहीं राज्य की कमान जब युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को मिली तो सत्ता पर आसीन होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दिया था कि वह राज्य के अन्दर पारदर्शिता के साथ सरकार चलायेंगे और किसी के साथ भी वह द्वेष भावना नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री ने जो कहा वह धरातल पर आवाम को दिखाई दे रहा है और यही कारण है कि राज्य के मुख्यमंत्री की प्रसिद्धि का ग्राफ जिस तेजी के साथ उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में बढता जा रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव में प्रचार प्रसार के दौरान उत्तराखण्ड के विकास को आगे बढाने के लिए एक साथ जो काम किया उससे साफ हो चुका है कि वह चुनाव और विकास को एक तराजू में तोल रहे है।

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