धामी साकार करेंगे विकसित उत्तराखण्ड का सपना
पीएम-सीएम की मित्रता, पहाड़ी राज्य के लिए वरदान
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। एक फिल्म का संवाद है कि ‘अगर किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हे उससे मिलाने में लग जाती है’। ‘शिद्दत’, यह मात्र एक शब्द नहीं बल्कि किसी व्यक्ति के जज्बे को बयां करने की परिभाषा है। ऐसी ही एक शिद्दत के साथ उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने इस अद्भुत राज्य को विकसित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकास के पथ पर सवार सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड का विकसित राज्य बनाने का सपना देख रखा है और उसे साकार करके ही दम लेंगे। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए उनके सामने भी उत्तराखंड के विकास का संकल्प रखा। सीएम धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में हुए कार्यों को राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड के मंत्र पर चलते हुए समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूबे की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मित्रता के विषय में हर कोई जानता है और यह भी सबको मालूम है कि इन दोनों की मित्रता ने उत्तराखण्ड में हमेशा ही इतिहास रचा है फिर चाहे वह राज्य में लगातार दूसरी बार डबल इंजन की मजबूत सरकार बनाना हो या राज्य को विकास की बुलंदियों पर पंहुचाना हो। पीएम मोदी और सीएम धामी की जोड़ी हर क्षेत्र में सुपरहिट रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब उसे उत्तराखण्ड राज्य की कमान अपने हाथों में ली है, तब से ही उनका फोकस सिर्फ इसी बात पर रहा है कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में विकास की गंगा बहाई जाए। अपने इसी फोकस को आकार देते हुए उन्होंने राज्य में हर क्षेत्र में लगातार विकास किया है। अपने विकास के रथ पर सवार सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखण्ड का सपना देखा है और उनके इस सपने को पूरा करने के में उनकी सबसे बड़ी मदद उनके मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने जा रहे हैं। सीएम धामी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 सम्मेलन की बैठकों सहित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजनों के द्वारा बदलते उत्तराखंड की स्वर्णीम तस्वीर देश और दुनिया के सामने रखी है जिसकी बदौलत आज उत्तराखण्ड का नाम समूचे विश्व में सम्मान के साथ लिया जाने लगा है। पुष्कर सिंह धामी अपने मित्र के विषय में कहते हैं कि केदारनाथ त्रासदी, सिलक्यारा टनल हादसा, जोशीमठ भूधंसाव व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ उत्तराखंड की जनता का साथ दिया है। प्रधानमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन से उत्तराखंड कठिनाइयों से उबरकर नई शक्ति, नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, पारंपरिक पहचान और जनसांख्यिकीय संतुलन को संरक्षित रखने के लिए भी कार्य कर रही है। इसी क्रम में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, मतांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, मदरसा बोर्ड की समाप्ति जैसे र्यों से उत्तराखंड एक एकजुट समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर है।
उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता का निहारने के लिए हर साल लाखों सैलानी यहां आते हैं। वादियों की अलौकिक संुदरता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस आकर्षण की पराकाष्ठा अनुमान उस वक्त जब बॉलीवुड की फिल्मी हस्तियों ने यहां की खूबसूरती को निहारा और यहां कार्य करने में अपनी रूचि को उजागर किया। इस उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शिता ही कहेंगे कि उन्होंने फिल्मी सितारों की उत्सुक्ता को समझा और उन्हें यहां पर फिल्म, वेब सीरीज, शॉर्ट फिल्म को फिल्माने के लिए मुफीद वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उत्तराखण्ड में विकास के नए-नए उदाहरण को प्रस्तुत करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कोई कसर नहीं छोड़ते।
जब एक मुख्यमंत्री अपने राज्यहित के लिए हर क्षेत्र में विकास का रथ दौड़ा रहा है तो उस राज्य का कायाकल्प होना तो तय ही है। अपनी इसी निष्ठा के चलते ही उन्होंने उत्तराखण्ड का एक विकसित राज्य बनाने का सपना देखा है और राज्य की जनता के आशीर्वाद और उनके मित्र प्रधानमंत्री मोदी की सहायता से उनका यह सपना जरूर पूरा होगा।

