कांग्रेस विधायक की छलकी पीड़ा

0
155

प्रमुख संवाददाता
देहरादून। नौ नवम्बर को उत्तराखण्ड अपनी रजत जयंती मनाने जा रहा है और उससे पहले विधानसभा का विशेष सत्र चलाया जा रहा है जिसमें इस बात को लेकर गहन मंथन और चिंतन चल रहा है कि इन पच्चीस सालों में उत्तराखण्ड कितना बदला और आवाम ने जिस राज्य का ख्वाब देखा था क्या वह ख्वाब पूरा हो रहा है? कांग्रेस के कुछ विधायकों ने रजत जयंती को लेकर सरकार को कटघरे मे खडा किया है और एक विधायक ने तो विधायक निधि में विधायकों द्वारा दी जा रही कमीशन का मुद्दा उठाकर सरकार को ही कटघरे मे लाकर खडा कर दिया। वहीं एक कांग्रेसी विधायक की सदन के अन्दर पीडा छलकी कि अगर रजत जयंती समारोह मनाने का किसी को सौभाग्य मिल रहा है क्योंकि इस राज्य में नेताओं, अफसरों और ठेकेदारों का विकास हुआ है और इन वर्षों में आवाम का कोई विकास नहीं हुआ है। सदन के अन्दर रजत जयंती मनाये जाने को लेकर जिस तरह से कांग्रेस ने आक्रामक रूख अपनाकर सरकार को विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर घेर रखा है तो उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस 2०27 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब सरकार को भ्रष्टाचार से लेकर राज्य में हुये हवा हवाई विकास के आईने से आवाम को रूबरू कराने में जुट गई है।
उत्तराखण्ड पच्चीस सालों में कितना बदला इसको लेकर विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार को कटघरे मे खडा करती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस के कई विधायक सरकार से यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिरकार पच्चीस सालों में उत्तराखण्ड के अन्दर किसका विकास हुआ है? कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सदन के अन्दर जिस तरह से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को अपने निशाने पर ले रखा है उससे उत्तराखण्ड की सर्द वादियों का तापमान गर्म होता हुआ नजर आ रहा है। सबकी निगाह इस विशेष सत्र पर लगी हुई है और इस सत्र में कांग्रेस भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर जिस अंदाज में आक्रामक नजर आ रही है उसने सरकार और सिस्टम के अफसरों के माथे पर ंिचता की लकीरें डाल दी हैं। सदन के अन्दर भ्रष्टाचार को लेकर तो एक महाभारत चल ही रही है लेकिन भाजपा के एक विधायक ने पहाड-मैदान को लेकर जो संदेश दिया है उसने राज्य के अन्दर एक नई बहस को जन्म दे दिया है और सोशल मीडिया पर भी पहाड बनाम मैदान को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है कि आखिरकार उत्तराखण्ड किस राह पर आगे बढ रहा है क्योंकि जब राज्य के अन्दर पहाड बनाम मैदान की कोई जंग नहीं हो रही तो आखिर कुछ राजनेता क्यों राज्य के अन्दर अब विधानसभा चुनाव से पूर्व एकाएक पहाड बनाम मैदान का बीज बोने के एजेंडे पर आगे बढ रहे हैं।

सदन में कांग्रेस के विधायक व नेता उप सदन भुवन कापडी ने कहा है कि विधायक निधि में पन्द्रह पन्द्रह प्रतिशत कमीशन अधिकारियों द्वारा काट दिया जाता है और उत्तराखंड में भ्रष्टाचार जवान हुआ है और हम भला करने वाले लोग बैठे है हम क्या भ्रष्टाचार रोकेंगें ओर 25 सालों में महिला अपराध जवान हुआ , किसानों का कर्जा जवान हुआ है और पहाड के खेतों के वह जानवर जवान हुआ है और जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। रोजगार को बेचने वाले अपराधी जवान हुए है।
उन्होंने कहा कि उन आंदोलनकारी है और 253 आंदोलनकारी खटीमा में है। उन्होंने कहा कि उनमें से तीन लोग स्वर्ग सिधार गए है और आंदोलनकारियों को अधिकार नहीं मिल रहा है और वह कडवा सच बोल रहे है और यह सच्चाई स्वीकार करना होगा। तब तक यह प्रदेश का भला नहीं होने वाला और यह प्रदेश आगे जाने वाला नहीं है। आज कल ही की घटना है और अधिकारी किसी भी जन प्रतिनिधि की बात सुनने को तैयार नहीं है और फोन उठाने के लिए तैयार नहीं है और क्यों इतने अधिकारी बेलगाम हो गए है और उसके भी कारण है और हल्द्वानी में नौ लोग मर जाते है और सौ से ज्यादा लोग दो साल से जेल में है और अधिकारियों की कमी के कारण योजना की कमी के कारण आज तक एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों का प्रदेश में भय खत्म हो गया है और बैगलोंर में एक भाई है जो कार्टून बनाते है और उत्तराखंड के अधिकारियों से मिले और खुद पैसे लगाकर पढाकर और रोजगार देने के लिए आये है लेकिन यहां पर योजना बताने के लिए गए तो अधिकारी बोले हमें क्या मिलेगा और राज्य को जब मिलेगा तब मिलेगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ बात रहे है और हावी होते है नौकरशाही और अधिकारियों पर लगाम लगाने की जरूरत है और जॉर्ज एवरेस्ट को एक करोड सालाना लीज पर दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि कडवे घूंटों को नहीं पी पाएंगे और इस कडवे सच को स्वीकार नहीं कर पाएंगे तो स्वीकार कर सुधारेगे नहीं तो राज्य को आगे नहीं ले जा सकेगें और अपना सहयोग नहीं दे पाएंगे नशा गांव गांव पहुंच गया है और युवा बेरोजगार घूम रहा है और दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण यूसीसी के साथ आया।

LEAVE A REPLY