प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडे विजन के तहत उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा दे रहे हैं और जब भी किसी जनपद के लोग अपने आपको संकट में पाते हैं तो पुष्कर सिंह धामी वहां पहुंचकर उनके लिए संकटमोचन बन जाते हैं जिसके चलते उत्तराखण्ड के चप्पे-चप्पे पर धामी ही धामी की पुकार हो रही है और उत्तराखण्ड में शांति के साथ रहने का सपना देखने वाले लोगों को भी अब पुष्कर सिंह धामी का राज खूब रास आ रहा है। उत्तराखण्ड में आने वाले हर संकट के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी का संकट में घिरे लोगों के सामने संकटमोचन बनकर उनके साथ खडे होना यह दिखा रहा है कि गजब का है पुष्कर राज। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में आई बडी से बडी आपदा में खुद मोर्चे पर खडे होकर वहां के प्रभावितों को गले से लगाकर साफ संदेश दिया था कि डबल इंजन सरकार उनके लिए फिर वैसे आशियाने बनायेगी जो उनके सामने उजड गये हैं।
उत्तराखण्ड के अन्दर युवा मुख्यमंत्री सवा लाख से एक लडाऊ की तर्ज पर हर मोर्चे पर अकेले जंग लडते हुए दिखाई दे रहे हैं। आपदा हो या फिर कहीं कोई बडा संकट आकर आवाम के सामने खडा हो रहा है तो उस संकट से लडने के लिए मुख्यमंत्री खुद अगली पंक्ति में खडे हुये दिखाई दे रहे हैं। किसी भी जनपद में आया बडा संकट हो या मौजूदा दौर में कोई भी घातक बीमारी का कहर हो सबमें मुख्यमंत्री आवाम के संकटमोचन बनकर उनका संकट दूर करते हुए नजर आ रहे हैं और यही कारण है कि वह उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक अपनी राजनीति की एक बडी छाप छोड रहे हैं जिससे दिल्ली में मुख्यमंत्री का राजनीतिक कद इतना बढ़ चुका है कि उसे देखकर भाजपा के ही कुछ बडे नेताओं का बीपी आये दिन बढता हुआ नजर आ रहा है? संकटमोचन बनकर आवाम का हर संकट दूर कर उन्हें अपने सीने से लगाने वाले मुख्यमंत्री ने जिस दरियादिली का आईना आवाम के सामने कर रखा है उससे उत्तराखण्ड की जनता बस एक ही स्वर में यही कह रही है कि पुष्कर तुम्हें पहले सत्ता क्यों नहीं मिली? उत्तराखण्ड के अन्दर हर सैक्टर में मुख्यमंत्री ने नयापन लाने की दिशा में जो बडा कदम उठा रखा है वह इस बात का परिचायक है कि आने वाला समय उत्तराखण्ड का होगा और जो पलायन एक दशक से कभी बंद नहीं हो पाया वह पुष्कर सिंह धामी के विजन के आगे धडाम होता हुआ नजर आ रहा है। राज्य के युवा अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार पाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर अपने उत्तराखण्ड को तेजी के साथ बदलता हुआ महसूस करने लगे है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जबसे सरकार की कमान संभाली है उसी दिन उन्होंने संकल्प ले लिया था कि वह उत्तराखण्ड की तस्वीर बदल देंगे और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का साथ पाकर वह उत्तराखण्ड को 2०25 तक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में आगे खडे होंगे। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ राजनीति और उनकी पारदर्शी किचन टीम के अफसरों की कार्यशैली से बेहद प्रसन्न हैं और यही कारण है कि उत्तराखण्ड में आने वाले हर सकंट के दौरान पुष्कर सिंह धामी को बडा सहारा देने के लिए नरेन्द्र मोदी आगे खडे हुये दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अन्दर जो साहस और राज्य की पुरानी तस्वीर को बदलने का जज्बा देखने को मिल रहा है उसी का परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड विकास की राह पर तेजी के साथ आगे बढता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी किचन टीम पर अभेद भरोसा कर रखा है और हर संकट के काल में यह टीम मुख्यमंत्री के साथ आवाम को हर संकट से बचाने के मिशन में जिस तरह से खडी हुई नजर आती है वह किसी से छुपा नहीं है। उत्तराखण्ड के अन्दर जब भी कोई दैवीय आपदा आई और आपदा वाले इलाकों के लोगों के सामने एक बडा संकट आकर खडा हुआ तो पुष्कर सिंह धामी संकटमोचन बनकर उनके हर संकट को दूर करने के लिए उनके साथ खडे हुये दिखाई दिये और उसी के चलते आवाम के मन में पुष्कर सरकार की सोच उन्हें एक बडा सुकून दे रही है। हाल ही में उत्तराखण्ड के कुछ जिलों में जिस तरह से दैवीय आपदा ने एक बडा तांडव मचाया और हर तरफ हाहाकार मचा उस मोर्चे पर खुद अकेले मुख्यमंत्री आपदा पीडितों के साथ खडे होकर उन्हें यह विश्वास दिलाने में कामयाब हुये थे कि वह इस संकटकाल में उनके साथ खडे हैं और उन्हें फिर पुर्नावासित करना उनका पहला लक्ष्य है। उनके इस विजन को देखकर हालांकि कुछ विपक्षी राजनेताओं ने आपदा पर राजनीतिक रोटियां सेकने का गुप्त मिशन चलाया था लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बडी रणनीति के तहत उनकी सारी योजना की हवा निकालकर रख दी थी। उत्तराखण्ड में बरसात के मौसम में पहाड से लेकर मैदान तक में बर्बादी का मंजर आवाम के लिए घातक बना और इस बर्बादी का दंश झेलने वाले लोगों के मन में यह शंका थी कि सरकार उसकी मद्द के लिए आगे आयेगी या नहीं? आवाम की इस सोच को तार-तार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे बढकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने अपने आपदाग्रस्त इलाकों के पीडितों का दर्द रखा था और उसी के चलते नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी का हाथ थामते हुए उन्हें विश्वास दिलाया था कि केन्द्र सरकार उत्तराखण्ड में आई आपदा में उनके साथ खडी है और सरकार उत्तराखण्ड को उचित मुआवजा देगी।

