सीएम के खिलाफ कौन रच रहा साजिश?

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धामी के खिलाफ सोशल मीडिया पर उगल रहे ‘आग’
अफसरों और सीएम को निशाने पर लेने का चक्रव्यूह
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य को विकास के पथ पर ले जाने के लिए जिस विजन के साथ अपने कदम आगे बढा रखे हैं वह राज्यवासियों को खूब रास आ रहे हैं लेकिन कुछ सफेदपोश और राजनेता पर्दे के पीछे रहकर मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के लिए कुछ साजिशकर्ताओं के बल पर सोशल मीडिया पर आग उगलने का जो शातिराना खेल, खेल रहे है उसको लेकर यह सवाल पनपने लगे हैं कि आखिरकार सीएम के खिलाफ वो कौन अदृश्य चेहरे हैं जो उन्हें अपने निशाने पर लेने का चक्रव्यूह शातिराना अंदाज में रच रहे हैं? अफसरों और सीएम को आवाम के सामने कमजोर करने का जो खतरनाक एजेंडा चल रहा है वह यह सोचने को मजबूर कर रहा है कि आखिरकार एकाएक कैसे सीएम और उनके कुछ अफसरों को बदनाम करने का हथकंडा अपनाया जा रहा है? मुख्यमंत्री की दबंगता के साथ दिखाई दे रही राजनीतिक पारी ने काफी राजनेताओं और सफेदपोशों को बेचैन किया हुआ है क्योंकि मुख्यमंत्री के शासनकाल में उनके वो धंधे बंद हो चुके हैं जो कुछ सरकारों में वह खुलकर किया करते थे? सोशल मीडिया पर फर्जी एकाउंट बनाकर मुख्यमंत्री और उनके कुछ अफसरों को आवाम की अदालत में घेरने के लिए जो चौसर बिछाई जा रही है उस चौसर को अगर जल्द नेस्तनाबूत न किया गया तो यह मुख्यमंत्री और उनके अफसरों के लिए घातक हो सकता है?
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने चार साल से सरकार चलाने के लिए जो पैमाना बनाया हुआ है उस पैमाने ने आवाम के मन में एक आशा की किरण जगा रखी है कि जब तक मुख्यमंत्री हैं तब तक उनका राज्य गुलजार रहेगा और उन्हें किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं रहेगा। आवाम के विजन को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने अपनी किचन टीम के साथ मिलकर उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर ले जाने के लिए एक बडी सोच के साथ अपने कदम आगे बढा रखे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में दलाली करने वाले काफी राजनेताआंे और सफेदपोशों के खेल को जिस तरह से नेस्तनाबूत कर दिया है उससे दलाली करने वाले काफी राजनेताओं और सफेदपोशों को अपने भविष्य के धंधे पर बडा ग्रहण लगता हुआ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और पारदर्शिता के साथ सरकार चलाने का जो दौर शुरू कर रखा है उससे वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की आंखों के तारे बने हुये हैं। प्रधानमंत्री की राजनीतिक पाठशाला में हमेशा मुख्यमंत्री अव्वल आये हैं और उसी के चलते मुख्यमंत्री का उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक में राजनीतिक वजूद बढ चुका है जो उत्तराखण्ड के काफी राजनेताओं और सफेदपोशों को शायद रास नहीं आ रहा है।
पिछले काफी समय से देखने में आ रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को एक साजिश के तहत बदनाम करने का शातिराना खेल चल रहा है और इस खेल को कौन लोग खिलवा रहे हैं यह एक पहेली बना हुआ है। मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के लिए साजिश का जो शातिराना खेल, खेला जा रहा है वह यह बताने के लिए काफी है कि कुछ सफेदपोश और राजनेताओं को मुख्यमंत्री की स्वच्छता के साथ चल रही सरकार रास नहीं आ रही है और उन्हंे यह इल्म होता जा रहा है कि अगर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव हुआ तो उनका राजनीतिक भविष्य अंधकारमय चला जायेगा। हैरानी वाली बात है कि मुख्यमंत्री के साथ-साथ गढवाल कमिश्नर व मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे और सूचना के महानिदेशक बंशीधर तिवारी के खिलाफ भी साजिशों का एक बडा चक्रव्यूह रचा जा रहा है जिससे कि मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम के इन अफसरों को कमजोर करने के मिशन में वह सफल हो जायें।

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