जिंदा दिल पुष्कर

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दिल तो बच्चा है जी…
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की सत्ता चला रहे मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के कार्यकाल मंे दयालुभाव से सरकार चलाने का जो पैमाना आवाम के सामने परोसा है उसी का परिणाम है कि आज राज्य में क्या बच्चे, क्या बूढे सब धामी के कायल होते जा रहे हैं। छोटो को प्यार और बडों के आशीर्वाद का महत्व मुख्यमंत्री समझते हैं इसीलिए वह कहीं पर भी बच्चों को गोद में उठाकर उसे दुलार देने के लिए आगे आते हैं तो वहीं बडों का आशीर्वाद लेने के लिए वह उनके सामने दोनो हाथ जोडकर जिस तरह से शीश झुका रहे हैं उससे राज्य के बच्चे से लेकर बूढे तक मुख्यमंत्री के जबरदस्त कायल हो गये है। मुख्यमंत्री जिंदादिली के साथ सरकार चलाते हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने सबको साथ लेकर चलने का जो हुनर दिखा रखा है उसके चलते आज उत्तराखण्ड के अन्दर बच्चे से लेकर बूढे तक मुख्यमंत्री के फलावर रूप के इतने कायल हो चुके हैं कि उसकी तस्वीरें अकसर सामने आ जाया करती हैं। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहला ऐसा मुख्यमंत्री राज्य को मिला जो आम जनमानस को अपना परिवार मानकर उनके साथ खडा हुआ है और माफियागिरी से लेकर अवैध धंधे करने वालों पर हमेशा मुख्यमंत्री फायर दिखते रहे हैं जिसके चलते आज उत्तराखण्ड एक नई उडान पर उडता हुआ नजर आ रहा है।
उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में बच्चांे से लेकर बडों का दिल जीतने में कभी कामयाब नहीं हो पाये थे। चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों को हमेशा इस बात का अहंकार रहता था कि वह प्रदेश के सर्वोच्च पद पर हैं इसलिए वह आवाम से दूरी बनाकर ही रखेंगे जिससे कि यह संदेश जा सके कि मुख्यमंत्री का ओहदा कितना बडा होता है? उत्तराखण्ड में अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री आवाम की अदालत मंे कभी पास नहीं हुये और उन पर आवाम के गुस्से भरे तीर हमेशा चलते रहे जिससे राज्य कभी भी खुशहाली और विकास की राह पर आगे नहीं बढ पाया था? देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के हसमुख और शालीनता से राजनीति करने वाले पुष्कर सिंह धामी को पहचाना और उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर उत्तराखण्ड का विकास करने का बडा जिम्मा सौंप दिया था। नरेन्द्र मोदी के भरोसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी दो साल से शत-प्रतिशत खरे उतरते आ रहे हैं और उन्हांेने राज्य के अन्दर भ्रष्टाचार, घोटाले और माफियागिरी की वर्षों से चली आ रही पुरानी फिल्म को हमेशा के लिए बंद कर राज्य में विकास और आवाम के बीच खुशहाली लाने के लिए जो नई फिल्म परोसी है उसे देखकर राज्य की जनता गद्गद् नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सत्ता इसलिए भी बेदाग चल रही है क्योंकि उन्होंने अपनी किचन टीम में धाकड और स्वच्छ छवि के अफसरों को साथ रखकर राज्य के अन्दर जो संदेश दे रखा है वह आवाम को सुखद भाव दे रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे राजनेता हैं जो अकसर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों व आवाम के बीच जाकर जिस तरह से खुले मन से नृत्य करते हैं और गीत गाते हैं उससे आवाम उन्हें एक जिंदा दिल मुख्यमंत्री मानने लगी है। मुख्यमंत्री की उदारता हमेशा उस समय देखने को मिल जाती है जब वह किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां उन्हें कोई बच्चा मिलता है तो वह उसे गोद में उठाकर अपना दुलार देते हैं तो किसी बच्चे के सिर पर वह हाथ रखकर उसे अपना आशीर्वाद देने से पीछे नहीं हटते। मुख्यमंत्री का शीश हमेशा बुजुर्ग महिलाओं को देखकर हमेशा झुकता आया है और वह बुजुर्ग महिलाओं को दोनो हाथ जोडकर जिस तरह से उनका अभिनंदन करते हैं उसे देखकर बुजुर्ग महिलायें भाव विभोर होकर उन्हें अपना खुला आशीर्वाद देकर एक लम्बे युग तक मुख्यमंत्री बने रहने का आशीर्वाद देती हुई नजर आती हैं।

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