डीजीपी का सभी जिलों को आदेश रात एक बजे तक पुलिस कप्तान करेंगे गश्त

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के डीजीपी राज्य में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए हमेशा अगली पक्ति में खडे हुये दिखाई दे रहे हैं और राज्य को अपराधमुक्त बनाने के संकल्प पर वह आगे बढे हुये हैं जिससे कि राज्यवासियों को भयमुक्त रखा जा सके। डीजीपी ने सभी जिलों में रात्रि पुलिस गश्त और पुलिस पैट्रोलिंग करने के आदेश देकर कहीं न कहीं अपराधियों पर एक बडा शिंकजा कसने का मास्टर स्ट्रोक खेला है। उत्तराखण्ड में कथित रूप से बढ रहे अपराधों का शोर मचाने वालों को डीजीपी जल्द अपनी आक्रामक पुलिसिंग से रूबरू करायेंगे लेकिन उन्होंने अब सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को सीधा आदेश दिया है कि अपराधों पर नकेल लगाने के लिए वह रात्रि एक बजे तक सड़कों पर गश्त करेंगे। डीजीपी के इस आदेश से यह बात साफ हो गई है कि अब राज्य के अन्दर अपराधियों की नाक में नकेल डालने के लिए ऐसा खाका तैयार किया गया है कि उससे कोई भी अपराधी बच नहीं पायेगा।
उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी को साफ संदेश दे रखा है और यही कारण है कि राज्य में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक बडी रणनीति के तहत डीजीपी अभिनव कुमार ने रोड मेप तैयार किया है। डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को यह संदेश दे रखा है कि वह अपने कोतवाल और थानेदारों से देर रात तक इलाकों में गश्त करायें जिससे कि कोई भी अपराधी उनके इलाकों में घुसकर अपराध करने का दुसाहस न कर पायें। देखने में आता रहा है कि कई जनपदों में कोतवाल और थानेदार रात्रि में सडकों पर गश्त करने से बचते रहे हैं और अपने स्थान पर वह एसएसआई को इलाके में गश्त कराने के लिए आगे कर देते थे? हरिद्वार में हुई डकैती व राज्य के चंद जनपदों में हुई कुछ अपराधिक वारदातों को लेकर डीजीपी अभिनव कुमार ने आक्रामक रूख अपना रखा है और उन्होंने इन सभी घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा करने का आदेश दिया हुआ है तो वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार में शराब तस्करों पर पैनी नजर बनाये रखने के लिए पुलिस कप्तानों को साफ आदेश दिये हैं कि नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बक्शा न जाये।
उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे डीजीपी अभिनव कुमार ने अब सभी जनपदों के एसएसपी व एसपी को आदेश दिये हैं कि वह अपने जनपदों में रात एक बजे तक सडकों पर गश्त करेंगे जिससे कि अपराधिक वारदातों को अंजाम देने की सोच रखने वाले अपराधियों के खिलाफ एक बडा ऑपरेशन चलाकर उन्हें यह बता दिया जाये कि अब उत्तराखण्ड के अन्दर अपराध करने का सोचना भी उनके लिए नुकसानदायक रहेगा।
वहीं उन्होंने कहा कि रूद्रप्रयाग से रिपोर्ट मांगी गई है। कानून के दायरे में रहते हुए इसमें आगे कार्यवाही की जाये। उत्तराखंड चूंकि एक हमारे समीप के राज्य है और उनके मुकाबले बाहरी लोगों का आवागमन रहता है और करोडों की संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक आते है और बाहर से बदमाश आते है और क्राइम व अपराध करते है और दस पन्द्रह दिनों में ऐसी घटनायें हुई है और सभ्य समाज व राजनेताओं के द्वारा कानून व्यवस्था पर चिंता प्रकट की गई है और बाहर के लोग आकर जघन्य अपराध कर दें और ओवर ऑल प्रदेश कानून व्यवस्था काफी हद तक ठीक है और किसी भी पैरामीटर पर लें तो कानून व्यवस्था ठीक है तत्थात्मक बाते रखी गई है और हाल फिलहाल जो घटनायें हुई है और चुनौती के रूप में लेते है और उत्तराखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति एकदम से खराब हो गई है ऐसा भी नहीं है और ऐसा कहना गलत है।
उन्होंने कहा कि छोटी मोटी कमियों को दूर किया जायेगा और आज ही डिटेल ऑर्डर किया जा रहा है और राज्य के सभी कप्तान रात्रि एक बजे तक गश्त करेंगें और थाना चौकी, नाकाबंदी आदि देखेंगें और क्षेत्राधिकारी भी अपने अपने क्षेत्रों में गश्त करेंगें। उन्होंने कहा कि अपने बेहतर संसाधनों का प्रयोग करते हुए हम जो भी वैलिड चिंताओं को दूर किया जायेगा और गलत प्रपेप्शन बनाया गया है और उसे जनता से बेहतर संवाद करते हुए उन्हें भी दूर करने का प्रयास करेंगें।

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