कप्तान अजय के बिछाये जाल में हत्या का गुनाहगार चौबीस घंटे में दबोचा

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प्रमुख संवाददाता
ऋषिकेश/देहरादून। ऋषिकेश आईएसबीटी पर एक युवक की लाश मिलने पर पुलिस कप्तान ने गुनाहगार को दबोचने के लिए जाल बिछाया और चौबीस घंटे के भीतर ही पुलिस ने हत्यारे को दबोच लिया। पूछताछ में यह बात सामने आई की यह हत्या गैर इरादन हुई थी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस कप्तान अजय सिंह ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि आठ सितम्बर को प्रतापनगर टिहरी निवासी विक्रम सिंह ने ऋषिकेश कोतवाली में शिकायत दी थी कि उसके भाई भरत सिंह की लाश ऋषिकेश बस अडडे पर गाडी के नीचे पडी हुई है जिसकी किसी ने हत्या कर दी है। पुलिस कप्तान ने बताया कि भरत सिंह भंडारी मिनी बस के वाहन चालक धाम सिंह रावत के साथ बस में कंडक्टर का काम करता था। उन्होंने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस टीम को हत्यारे के बारे में सुराग लगाने के आदेश दिये थे।
उन्होंने बताया कि बस अडडे के आसपास संदिग्धों से पूछताछ की गई तो संदेह के आधार पर बस चालक धाम सिंह रावत को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि उसने यह हत्या गैर इरादतन की है। अजय सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान धाम सिंह ने खुलासा किया कि वह करीब पच्चीस वर्षों से ड्राईवरी का कार्य कर रहा है और पूर्व में मृतक भरत सिंह भंडारी के मामा राम सिंह की गाडी चलाता था करीब छह माह पहले उसने वहां से काम छोड दिया था और पन्द्रह बीस दिनों से वह भरत सिंह की गाडी चला रहा था जिसे भरत सिंह तथा प्रवीण सिंह नेगी द्वारा संयुक्त रूप से खरीदा गया था। पुलिस कप्तान ने बताया कि पूछताछ में धाम सिंह ने बताया कि सात सितम्बर को वह गाडी लेकर जोगत से ऋषिकेश आया और भरत सिंह के अपने घर जाने के कारण उसी दिन प्रवीण सिंह नेगी को बस का कंडक्टर बनाया था। शाम के समय धाम सिंह ने मृतक भरत को फोन करके ऋषिकेश आने की बात कही और शाम को जब वह बस अडडे पर आया तो उन्होंने ठेके से शराब खरीदी और फिर बस की छत पर बैठकर शराब पीने लगे थे।
पुलिस कप्तान ने बताया कि शराब पीने के दौरान धाम सिंह तथा भरत सिंह के बीच मामा की गाडी को लेकर बहस हो गई थी और इसी दौरान भरत सिंह को हल्का धक्का लगने के कारण वह बस से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई थी। पुलिस कप्तान ने बताया कि भरत सिंह की मौत का दृश्य देखकर धाम सिंह वहां से भाग गया तथा कुछ देर बाद खाना खाकर वापस उसी बस में बैठ गया था।

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