सट्टोरियों-जुआरियों की आई शामत
नशे पर चल रहा कप्तान का चाबुक
युवाओं को भटकाने वालों को नहीं बख्शुंगाः एसएसपी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है क्योंकि यह उम्मीद रहती है कि युवा पीढ़ी ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। हालांकि सही राह पर चलने वालों को भटकाने के लिए समाज में ही कुछ अपराधिक और असामाजिक तत्व भी मौजूद हैं। यह तत्व ऐसे हैं जो युवाओं को नशे की लत लगाते हैं, सट्टे का चस्का लगाते हैं और एक झटके में अकूत दौलत कमाने का प्रलोभन देकर जुए के दलदल में धकेल देते हैं। ऐसे अपराधिक और असामाजिक तत्वों के खिलाफ राजधानी दून के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने मोर्चा खोल रखा है और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के चलते अपनी पुलिस टीमों को ऐसे तत्वों को पाताल से भी ढूंढ निकालने और उन्हें उनके कर्मों की सही सजा देने के लिए मैदान में उतार रखा हैै। बीते कुछ समय से देखने में आया है कि दून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल लगातार अपराधियों के मकड़जाल को ध्वस्त करते जा रहे हैं। युवाओं को सही राह से भटकाने वाले सट्टोरियों, जुआरियों व नशे के सौदागरों के खिलाफ एक मिशन चलाते हुए उनकी धरपकड़ को कप्तान ने टीमें मैदान में उतार रखी है। पुलिस कप्तान की इस सटीक पहल का परिणाम भी लगातार देखने को मिल रहा है। बता दें कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त प्रदेश बनाने का सपना देखा हुआ है। जिसके लिए राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने पूरे प्रदेश मे पुलिस को ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाने के फरमान दे रख हैं। सीएम के अपराध मुक्त प्रदेश के सपने को धरातल पर उतारने के लिए दून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने दिन रात एक किया हुआ है और उन्हें इस मिशन में लगातार सफलता भी मिल रही है।
क्रिकेट लीग आपीएल को शुरू हुए लगभग 18 साल हो गए हैं। इस लीग के शुरू होते ही सट्टेबाजों की तो समझों बांछे ही खुल गई। उत्तराखण्ड की राजधानी दून में भी बाहरी राज्यों से सट्टेबाज आकर यहां के नादान युवाओं को फंसाकर उन्हें सट्टे के दलदल में धकेलने का काम पिछले लंबे समय से करते आ रहे हैं। विगत कई सालों में कुछ ही केस ऐसे आए हैं जिनमें कि पुलिस के हाथ ऐसे कुख्यात सट्टेबाजों पर पंहुचे, वरना अधिकांश बार तो आईपीएल के सीजन के सीजन खत्म हो जाते हैं लेकिन सट्टेबाजों की गिरफ्तारी की कोई खबर सामने तक नहीं आ पाती। हालांकि अब मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ है। राजधानी के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने यह प्रण ले रखा है कि अपराधी फिर वह चाहे किसी भी किस्म का हो, वे न तो अपराधी को बख्शेंगें और और न ही उनकी करतूत को। अपराधियों के मकड़जाल को ध्वस्त करने के लिए खुद कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने मोर्चा संभाला हुआ है। इसी का परिणाम है कि दून पुलिस और एसटीएफ ने ने आनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया और गिरोह से जुड़े पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। जबकि गिरोह का सरगना दिल्ली निवासी सुमित यादव फरार है। बताया गया कि आरोपित दुबई से संचालित महादेव एप और रेडीबुक बैटिंग एप से आइपीएल में सट्टा लगवाते थे। पकड़े गए सट्टोरिए बिहार व छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं। वहीं पुलिस कप्तान ने नशे के खिलाफ भी अपना एक्शन तेज किया हुआ है। ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड’ के मिशन को आगेे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निद्रेशानुसार पुलिस कप्तान ने अपनी टीमों को मैदान में उतार रखा है। पुलिस कप्तान की सटीक रणनीति का ही परिणाम है कि राजधानी के युवाओं को नशा परोसने वाले तस्करों पर लगातार पुलिस का हंटर बज रहा है आए दिन लगातार ऐसे तस्करों की गिरफ्तारियां हो रही हैं और इन तस्करों के पास से भारी मात्रा में नशा बरामद हो रहा है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल की इस एक्शन से जहा सट्टोरियों व जुआरियों की शामत आ रखी है वहीं नशा तस्करों पर भी कप्तान का चाबुक जोर से बरस रहा है। कहना गलत नहीं होगा कि कप्तान डोबाल लगातार अपराधियों के मकड़जाल को ध्वस्त कर एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
