एमडीडीए सचिव को हटाये जाने को किया मुख्यमंत्री आवास कूच

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नगर संवाददाता
देहरादून। हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं एमडीडीए सचिव की सन्देहास्पद कार्यशैली के विरोध में व उन्हें हटाये जाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवस कूच किया और इस बीच पुलिस ने हाथीबडकला पुलिस चौकी के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया तथा इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जायेगा।
यहां विभिन्न हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता राजपुर रोड स्थित रामतीर्थ मिशन के पास इकटठा हुए और वहां से एमडीडीए सचिव की सन्देहास्पद कार्यशैली के विरोध में व हटाये जाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया और इस बीच पुलिस ने हाथीबडकला पुलिस चौकी के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया तथा इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये।
इस अवसर पर हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों व प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि एमडीडीए डालनवाला में बनी हुई अवैध मस्जिद व मदरसे के विरोध तथा उसे संरक्षण देने वाले एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया द्वारा भ्रष्टाचार कर हिंदुओं का पलायन कराने एवं अवैध मदरसा संचालन में सहयोग किया जा रहा है जो पूर्ण रूप से गलत है।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व में भी प्रांत स्तर पर एमडीडीए सचिव का पुतला फूंका गया था तथा यह तय किया गया था की यदि सचिव मोहन सिंह बर्निया को एमडीडीए से हटाया नहीं जाता ता व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जायेगा लेकिन आज तक भी बर्निया को हटाया नहीं गया है जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इसका स्वत: संज्ञान लेना चाहिए जिससे ऐसे अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। एमडीडीए सचिव मस्जिद को संरक्षण दे रहे है और
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एमडीडीए द्वारा न तो विवादित ढांचा मस्जिद, मदरसा हटाया गया और न ही एमडीडीए सचिव की कार्यशैली के प्रति कोई जाँच प्रचलित करवाई गई जिससे स्पष्ट है की एमडीडीए किस प्रकार लैंड जेहाद को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी ने मस्जिद परिसर को सील करने के आदेश दिये गये थे लेकिन सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया द्वारा आदेश को दरकिनार कर मस्जिद संचालक को एक सपताह का समय दे दिया गया था और उसके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई और एमडीडीए उपाध्यक्ष की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 26 सितम्बर तक सरकार द्वारा मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो 27 सितम्बर को पूरे प्रदेश में सरकार के संरक्षण में हो रहे भ्रष्टाचार तथा उससे होने वाले आंतरिक सुरक्षा को खतरों को प्रदर्शित करने वाले पत्रकों का वितरण घर घर जाकर किया जायेगा। उनका कहना है कि इन पत्रकों को प्रमाण के साथ देश में भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, भाजपा के सभी प्रदेश अध्यक्षों एवं भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व सहित लगभग पांच सौ गणमान्य लोगों को पंजीकृत डाक से प्रेषित किया गया और इसके बाद पूरे प्रदेश में लगातार दस दिनों तक सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। उनका कहना है कि यदि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो देवभूमि रक्षा मंच के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जायेगी और उसकी घोषणा बाद में की जायेगी। इस अवसर पर देवभूमि रक्षा मंच, हिंदू जागरण मंच, धर्म रक्षा सेवा समिति, वीर सावरकर संगठन, करणी सेना व अन्य हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद रहे।

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