हर रण में पुष्कर ही संभाल रहे मोर्चा

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डबल इंजन की रफ्तार देख विपक्ष की उडी नींद?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के अन्दर सत्ता का घमंड अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों में देखने को मिला और उन्होंने अपने आपको राज्य का सेवक न समझकर प्रदेश का राजा समझकर हमेशा सत्ता चलाई वह किसी से छिपी नहीं रही? वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब तक हुये चुनाव और उपचुनाव में जिस तरह से आवाम को भाजपा के पक्ष मंे लाकर खडा किया और राज्य के अन्दर बार-बार कमल खिलाया उसने मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति से दिल्ली मंे भी उनका कद इतना बडा दिया कि प्रधानमंत्री हमेशा मुख्यमंत्री को हर संकट से बचाने के लिए उनके साथ खडे हुये नजर आते हैं और उन्हें बार-बार दिल्ली में प्रधानमंत्री जिस तरह दुलार दे रहे हैं उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि 2024 का रण पुष्कर सिंह धामी ही संभालेंगे और पांच शून्य का स्कोर करने के लिए उन्होंने अभी से ही जो बिसात बिछानी शुरू कर दी है उसका ब्लू पिं्रट भी मुख्यमंत्री ने जरूर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा आलाकमान के सामने रख दिया होगा और यही कारण है कि आज उत्तराखण्ड से लेकर विदेशों तक में पुष्कर सिंह धामी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सहारे उनका राजनीतिक कद भाजपा के अन्दर काफी ऊंचा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भी अपनों को साथ लेकर 2024 का चुनावी रण जीतने के लिए आगे आ गये हैं और उन्हांेने अपनी किचन टीम के अफसरों को जिस तरह से राज्य में हर तरफ विकास को नई उडान देने के लिए आगे किया हुआ है उसी के चलते विपक्ष भी चिंता के दौर में है कि आखिरकार 2024 में उत्तराखण्ड के अन्दर वह किन मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने के लिए आगे आयें क्योंकि पुष्कर राज में तो न उनके हाथ में भ्रष्टाचार का कोई हथियार हाथ लगा है और न ही युवाओं को नौकरी देने का अब उनके पास कोई एजेंडा रह गया है क्योंकि मुख्यमंत्री ने इन्वेटर समिट के सहारे पहाड से लेकर मैदान तक में उद्योग लगाने का जो प्लान तैयार किया है उससे युवा पीढी भी अब पुष्कर के साथ खडी हुई नजर आ रही है।
उत्तराखण्ड को सजाने और संवारने में जिस तरह से डबल इंजन एकसाथ एक पटरी पर तेजी के साथ दौडता जा रहा है वह उत्तराखण्डवासियों को खूब रास आ रहा है। मुख्यमंत्री ने सबका साथ सबका विकास के मिशन पर अपने कदम आगे बडा रखे हैं और वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए जिस विजन के साथ आगे बढते जा रहे हैं वह विपक्ष की नींद उडाये हुये है और उन्हें अभी से ही 2024 का मिशन उनकी नींद उडाये हुये है क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभी तक विपक्ष को ऐसा कोई मुद्दा ही उनके पाले मे नहीं डाला जिससे कि वह सरकार की घेराबंदी के लिए आगे आ सकंे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव से लेकर दो उपचुनाव में जीत का परचम अपने बलबूते पर लहराया है और उसी का परिणाम है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुष्कर सिंह धामी खूब लाडले बन चुके हैं और उन्होंने राज्यवासियों के दिलों में डबल इंजन को लेकर जो विश्वास कायम किया है उसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पूर्ण विश्वास है कि लोकसभा में भाजपा का स्कोर पांच शून्य ही रहेगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड 2022 के चुनाव में राज्य के मिथक को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत को सफल होता देख भाजपा के चंद दिग्गज बेचैन हो उठे थे। आश्चर्य इस बात का है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए अटूट मेहनत कर रहे हैं लेकिन पार्टी के ही कुछ राजनेता अपने भविष्य को लेकर बेचैन हैं और उनमें इस बात को लेकर भय बना हुआ है कि अब तक हुये चुनाव में जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने चुनावी रण में विपक्ष को चारो खाने चित किया है उससे उनका दिल्ली में राजनीतिक कद बुलंद होता जा रहा है। यह भी साफ हो चुका है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत को कोई अनदेखा नहीं कर सकता है। इस सब के बाद भी राज्य के कुछ दिग्गज स्वार्थ हित के चलते मतलब परस्त राजनीति में गोेते लगा रहे हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के पहले ऐसे राजनेता बन गये हैं जिन्होंने आवाम से जो-जो वायदे किये उसे वह एक-एक कर पूरा करने की दिशा में आगे बढते जा रहे हैं।

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