डोबाल की हुंकार

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पाताल से भी ढूंढ निकलूंगा बदमाश
धुरंधर धामी को है अपने कप्तान पर विश्वास
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त विजन को पंख लगाने के लिए राजधानी के पुलिस कप्तान ने खुली हुंकार भर रखी है कि वह बदमाशों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे। वहीं धुरंधर मुख्यमंत्री को अपने कप्तान पर अभेद विश्वास है कि वह अपराधियों की नाक में नकेल डाल देंगे और अगर किसी ने भी जनपद के अन्दर अपराध करने का दुसाहस किया तो उसे इसका वो खामियाजा भुगतना पडेगा जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। मुख्यमंत्री का ऑपरेशन प्रहार अपराधियों के लिए काल बना हुआ है और जिस अपराधी ने भी अपराध करने का दुसाहस किया उसे वो सबक सिखाया जा रहा है कि वह पुलिस की गोली लगने से घायल होने क बाद अपनी जान की भीख मांग रहा है कि वह कभी भी अपराध नहीं करेगा और उसे आखिरी बार बक्श दिया जाये। पुलिस कप्तान की आक्रामक पुलिसिंग देखकर अपराधियों में खौफ पैदा हो गया है और वह थरथर कांप रहे हैं कि अगर उन्होंने छोटा सा भी अपराध किया तो उसकी सजा इतनी बडी होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। अपराधियों के खिलाफ ताबडतोड चल रहा एक्शन आम जनमानस को खूब रास आ रहा है और वह मान रही है कि अब राजधानी अपराधमुक्त होने की दिशा में आगे बढ चली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद गृहमंत्री हैं इसलिए वह अपराधों पर हमेशा अपनी पैनी निगाह बनाकर रखते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को वचन दे रखा है कि वह राज्य के अन्दर अपराधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देंगे और राज्य के अन्दर अपराधी और नशा माफियाओं का साम्राज्य नेस्तनाबूत कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल को राजधानी की कमान सौंप रखी है और उन्हें दो टूक संदेश दिया हुआ है कि वह राजधानी को क्राईम फ्री करें जिससे कि राजधानीवासियों के मन में अपराधियों का कोई खौफ न रहे। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने शुरूआती दौर से ही हुंकार लगा रखी है कि अगर किसी भी अपराधी ने अपराध करने का दुसाहस किया और वह भाग जाने में भी सफल हुआ तो उसे वह पाताल से भी खोज निकालेंगे। पुलिस कप्तान ने अपराधियों को उनके बिलों से निकालने का जो दौर शुरू किया है उससे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पुलिस कप्तान की पीठ थपथपा रहे हैं। कुछ अपराध करने में सफल हुये अपराधी पुलिस को चकमा देकर भाग खडे हुये लेकिन इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस कप्तान ने खुद मोर्चा संभाला और वह अपनी रणनीति से उन्हें उनके बिलों से बाहर खींचकर ले आये और जिस अपराधी ने पुलिस को चुनौती देने के लिए उस पर गोलियां चलाने का दुसाहस किया तो पुलिस ने भी पलटवार करते हुए उन पर गोलियां दागी और उन्हें घायल करके यह दिखा दिया कि राजधानी पुलिस का इकबाल इतना बुलंद है कि अगर उसे कोई भी चुनौती देेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने शहर और देहात इलाकों में चप्पे-चप्पे पर ऐसा जाल बिछा रखा है कि अगर कोई भी अपराधी दून के अन्दर एंट्री करके कोई अपराध करने का ख्वाब भी देखेगा तो उसके ख्वाब को ध्वस्त कर दिया जायेगा। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने अपने अल्प कार्यकाल में अपराधियों को मिट्टी में मिलाने का जो दिलेरी के साथ दौर शुरू कर रखा है उससे अपराधजगत भयभीत है और जेलों में बंद अपराधियों को भी यह डर सताने लगा है कि अगर उन्होंने जेल से छूटकर छोटा सा भी अपराध किया तो वह जेल से छूटने पर बडा पछतावा करेंगे। पुलिस कप्तान ने चैकिंग का इतना बडा खाका तैयार कर रखा है कि अगर कोई भी अपराधी अपराध करके भागने के लिए आगे बढता है तो वह पुलिस की चैकिंग के जाल में फंस जाता है या फिर पुलिस के सामने हुई आमने-सामने की मुठभेड में गोली लगकर घायल हो जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के शुरू होने के बाद से अपराधियों पर सख्ती के साथ कार्यवाही की जा रही है और इस ऑपरेशन में अपराधियों को यह समझ आ चुका है कि अब उत्तराखण्ड के अन्दर अपराध करना या सोचना बहुत आफत लाने वाला है। पुलिस कप्तान की हुंकार और उनके बिछाये जाल में एक और बदमाश देर रात पुलिस मुठभेड मंे मार गिराया गया जिससे राजधानी की जनता को यह विश्वास हो चला है कि अब राजधानी के अन्दर अपराधियों का काल शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश का कुख्यात अकरम अली मारा गया तो उससे दूनवासियों को आभास हो गया कि अब राजधानी में ऑपरेशन क्रिमनल से कोई नहीं बच पायेगा।

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