तो किसकी आंखो मंे चुभने लगे अजय सिंह?

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सीएम की उम्मीदों पर खरा उतरने मैदान में उतरे कप्तान
नशा तस्करों, खनन, भू-माफियाओं को सबक सिखायेंगे अजय
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने आईपीएस अजय सिंह पर बडा विश्वास करते हुए उन्हंे राजधानी का पुलिस कप्तान बनाकर उन्हें नशा तस्करों, खनन और भू-माफियाओं पर बडी नकेल लगाने के लिए आगे किया है। मुख्यमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पुलिस कप्तान मैदान में उतर आये हैं और उन्होंने साफ संदेश दिया है कि राजधानी के अन्दर पारदर्शिता के साथ पुलिसिंग दिखनी चाहिए और जिसने भी आवाम के साथ अन्याय करने की कोशिश की उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। अभी पुलिस कप्तान की जनपद में तैनाती हुये मात्र चंद दिन ही हुये हैं और वह किसकी आंखों में चुभने लगे हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोदी के जन्मदिन को लेकर एक समाचार पत्र में विज्ञापन छपा और उस विज्ञापन में प्रधनमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो के साथ जिस तरह से पुलिस कप्तान की फोटो बडे पद के नाम से की गई है वह कई आशंकाओं को जन्म दे गया? चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कहीं वो चंद पुलिस अफसर इस साजिश में शामिल तो नहीं है जो चंद सरकारों में अहंकार के आसमान में अपने आपको सरकार समझने का भ्रम पालकर रखते थे? इस विज्ञापन से यह बात भी उठी कि क्या समाचार पत्र इतने अंजान हैं कि उन्हंे इस बात का इल्म ही नहीं हुआ कि अजय सिंह जनपद के पुलिस कप्तान हैं या फिर उससे बडे अफसर?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर कानून का राज रखने का वचन आवाम को दिये हुये हैं और वह राज्य को भयमुक्त करने की दिशा में जिस तरह से आगे खडे हुये दिखाई दे रहे हैं उससे साफ दिखाई दे रहा है कि वह अपराधियों पर नकेल लगाने के लिए कितनी बडी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। आईपीएस अजय सिंह को राजधानी का पुलिस कप्तान बनाकर उन माफियाओं और धंधेबाजों के मन में मुख्यमंत्री ने एक बडा डर पैदा कर दिया है जो अपने आपको अब तक जनपद में भौकाली समझ रहे थे? जनपद के पुलिस कप्तान ने मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए अपनी प्राथमिकता साफ जाहिर कर दी थी और यह भी संदेश दे दिया था कि जिन माफियाओं ने अपराध से दौलत कमाई है उनकी सम्पत्तियां सील की जायेंगी। अजय सिंह की तैनाती के बाद से ही उत्तराखण्ड के चंद अहंकारी पुलिस अफसरों में बेचैनी का माहौल है और कहीं न कहीं अजय सिंह की जनपद में तैनाती से उनमें खलबली मची हुई है? हैरानी वाली बात है कि अजय सिंह को तैनात हुये अभी मात्र चंद दिन ही हुये हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन को लेकर जो एक विज्ञापन छपा है वह काफी हैरान करने जैसा है और यह विज्ञापन एक साजिश का हिस्सा तो नहीं इसको लेकर भी कई सवाल खडे होने शुरू हो गये हैं और इस विज्ञापन की आड़ में कहीं अजय सिंह को एक साजिश के तहत निशाना बनाने का चक्रव्यूह तो नहीं रचा गया इसका सच भी जरूर बाहर आना चाहिए?

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