देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के चम्पावत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उपचुनाव होना है और यह चुनाव पुष्कर सिंह धामी की राजनीति की दिशा व दशा तय करेगा। उपचुनाव में पार्टी का कोई भी भीतरघाती कांग्रेस के कुछ नेताओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के चुनाव में उन्हें डंक न मार पाये इसको लेकर उत्तराखण्ड के कुछ जिलों से आम इंसान भी सीएम के उपचुनाव में उनका सारथी बनने की होड में आगे खडा हुआ दिखाई दे रहा है और राजधानी से लेकर रूद्रप्रयाग, कोटद्वार समेत कुछ जिलों से लोगों का एक समूह पुष्कर सिंह धामी के चुनाव प्रचार में खुद चम्पावत में डेरा डालने की ख्वाइश पाले हुये है। हालांकि इन लोगों का किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन उनकी इच्छा है कि जो मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को विकास की राह पर तेजी के साथ ले जाने के लिए आगे बढते जा रहे हैं उन्हें चम्पावत में होने वाले उपचुनाव में इतनी बडी जीत दिलायें जिससे कि पुष्कर सिंह धामी के साथ खटीमा में भीतरघात का जहर बोने वाले भाजपा के कुछ नेताओं को इस बात का इल्म हो जाये कि पुष्कर सिंह धामी भाजपा के अन्दर ही नहीं बल्कि राज्य के चारो ओर अपने नाम का बडे पैमाने में डंका बजा चुके हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर एक बडे विजन के तहत काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं और आम आदमी को राहत देने के लिए जिस तरह से वह अपने जनता दरबार में आम आदमी के पास खुद पहुंचकर उनका दर्द सुनकर उन्हें इंसाफ देने के लिए आगे आये हुये हैं उससे उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी को भाजपा का एक बडा चेहरा माना जा रहा है। उत्तराखण्ड के अन्दर होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी रात-दिन अफसरों के साथ बैठक कर यात्रा को अभूतपूर्व बनाने के लिए आदेश दे रहे हैं उसकी गंूज देश के कोने-कोने में करोडो श्रद्धालुओं के पास पहुंच रही है। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार पुष्कर ंिसह धामी जैसा एक धाकड और सरल स्वभाव का मुख्यमंत्री राज्य को मिला है तो राज्य की जनता अपने मुख्यमंत्री को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती और वह चाहती है कि जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता के साथ वर्षों से सत्ता चला रहे हैं उसी तर्ज पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री भी राज्य के अन्दर पारदर्शिता के साथ सरकार चला रहे हैं और अपनी किचन टीम में उन्होंने जिस तरह से चंद ईमानदार अफसरों की टीम को शामिल किया हुआ है उससे साफ संकेत हैं कि आने वाला समय उत्तराखण्डवासियों के लिए सुखद होगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सफल राजनीति को देखते हुए अभी भी राजनीति के कुछ राजनेताओं के मन में मुंगेरी लाल के हसीन सपना बना हुआ है कि किसी तरह से पुष्कर सिंह धामी उपचुनाव हार जाये और उसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल जाये? हालांकि सपना तो सपना ही होता है और खुली आंखों से सपना कभी पूरा हुआ हो ऐसा शायद ही देखने को मिला हो? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस सौम्य रूप से सरकार चला रहे हैं उससे राज्य की जनता उनकी कायल होती जा रही है और उनका मानना है कि जिस तरह से उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद तीरथ ंिसह रावत ने कहा था कि पुष्कर सिंह धामी पन्द्रह साल तक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रहेंगे वह पुष्कर ंिसह धामी की सफल राजनीति को देखते हुए जरूर सच होगा क्योंकि पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से अपनी टीम में बेहद पाक-साफ अफसरों को राज्य के विकास के लिए चुना है उससे पुष्कर सिंह धामी का राजनीतिक कद और बढा है और राज्यवासियों में एक संदेश गया है कि जो भी पुष्कर सिंह धामी की टीम में अफसर शामिल हुये हैं उन पर कोई दाग नहीं है इसी के चलते राज्य की जनता अब पुष्कर सिंह धामी को लम्बे अर्से तक मुख्मयंत्री देखने की चाह पाले हुये है। पुष्कर सिह धामी के उपचुनाव को लेकर राज्य के कुछ जिलों के लोगों में एक होड मच गई है कि वह पुष्कर ंिसह धामी के चुनाव में उनके सारथी बनने के लिए चम्पावत की चुनावी रणभूमि में डेरा डालेंगे और पुष्कर सिंह धामी को चुनाव जीतवाने के बाद ही वह वापस अपने जिलों में पहुंचेगे? उत्तराखण्ड में होने वाले उपचुनाव को लेकर चम्पावत की जनता एक स्वर में यही बोल रही है कि उत्तराखण्ड के इतिहास में कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री अपना उपचुनाव इतने वोटों से नहीं जीता होगा जितना पुष्कर सिंह धामी को उन्होंने जिताने के लिए अपना मन बनाया है।
