अमृत महोत्सव के तहत सभी विकासखंडों में लगाये जायेंगें स्वास्थ्य मेले

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री डा. धनसिंह रावत ने कहा है कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत योग एवं आरोग्य सत्रों का आयोजन किया जाएगा 18 अप्रैल से राज्य में विकास खंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया जाएगा यह स्वास्थ्य मेले प्रत्येक विकासखंड में 18 से 22 अप्रैल के मध्य आयोजित किए जाएंगे ,राज्य के सभी 95 विकास खंडों में एक दिवसीय स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा इसके अतिरिक्त सात नगर निगम और 11 नगर पालिकाओं में भी स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मेले में चार प्रकार की प्रमुख सेवाएं प्रदान की जाएंगी, प्रत्येक नागरिक की डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जाएगी।
यहां आईटी पार्क स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में प्रत्येक नागरिक की डिजिटल हैल्थ आईडी बनाई जायेगी जिसमें विशेष तौर पर उस व्यक्ति की डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर आदि की स्क्रीनिंग होगी और उसके बाद उसका सारा डाटा आईडी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन पात्र अभ्यर्थियों के अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं उनके आधार कार्ड बनाए जाएंगे , टेली कंसल्टेशन के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी और योग और ध्यान के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 17 अप्रैल 2०22 को इन केन्द्रों पर आजादी का अमृत महोत्सव के बैनर तले योग एवं आरोग्य सत्रों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें आमजन के स्वास्थ्य को आरोग्य बनाए रखने के लिए योग का महत्व बताया जायेगा, तथा 18 अप्रैल 2०22 को राज्य में आयोजित होने वाले विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेले का शुभारम्भ किया जायेगा, यह स्वास्थ्य मेला प्रत्येक विकासखण्डों पर 18 से 22 अप्रैल 2०22 के मध्य आयोजित किए जायेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मेलों के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद के डीएम तथा सीएमओ को उत्तरदायी बनाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में 1464 हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर संचालित किए जा रहे है, जिसमें से 1०31 उपकेन्द्र, 38 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 395 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर संचालित हो रहे हैं। विगत वर्षों में स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर केवल एएनएम तैनात रहती थी, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा टीकाकरण की सेवाएं देती थी। उन्होंने बताया कि उपकेन्द्रों को हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर के रूप में उच्चीकृत करने के उपरान्त यहां पर प्रशिक्षित मिड लेवल हैल्थ प्रोवाईडर को तैनात किया गया है, जिसके द्वारा गर्भाशय, स्तन एवं मुंह के कैंसर की स्क्रीनिंग, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच तथा अन्य गैर संचारी रोगों से बचाव के बारे में परामर्श दिया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रसव पूर्व प्रसव पश्चात्, टीकाकरण तथा परिवार नियोजन सेवाएं भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टरों पर योग शारीरिक व्यायाम, पोषण एवं स्वच्छ खानपान के बारे में जागरूकता तथा परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा इस मौके पर हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टरों पर टेलीकंसलटेशन की सुविधा प्रदान कराने का कार्य आरम्भ होगा तथा ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीकंसलटेशन की व्यवस्था को देखा जायेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा की स्वास्थ्य मेले में संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की सहभागिता प्राप्त कर उनके माध्यम से शुभारम्भ एवं प्रतिभागिता सुनिश्चित करायी जायेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जन प्रतिनिधियों द्वारा जनता के साथ स्वास्थ्य संवाद स्थापित हो सके और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूकता उत्पन्न की जा सके। मेले के लिए उपयुक्त स्थान का चयन उक्त वर्णित जन प्रतिनिधियों के परामर्श एवं निर्देशानुसार किया जायेगा। जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में ब्लॉक स्तर पर 8-1० सदस्यों की एक समिति गठित की गयी है, जो मेले के संचालन हेतु पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मेले को प्रभावी तथा जन उपयोगी बनाए जाने के लिए विभिन्न विभागों को प्रतिभाग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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