देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड डायट डीएलएज्ञ प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के प्रदेश सचिव हिमांशु जोशी ने कहा है कि डायट डीएलएड संगठन 2०18 और 2०2० से लंबित प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश सरकार व विभाग ने अभी तक नियुक्ति के लिए कोई प्रक्रिया आरंभ नहीं की है जिससे बेरोजगारोंं में व्यापक स्तर पर रोष बना हुआ है और शीघ्र ही नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय ननूरखेडा में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की शुरूआत कर दी गई है।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि दून मैं जल्द कोर्ट केस के निस्तारण औेर आगामी दिनों मैं होने वाली विशाल धरने ओर अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी शुरूआत शिक्षा निदेशालय में धरने व प्रदर्शन से कर दी गई है। इस अवसर पर संगठन के सचिव हिमांशु जोशी ने बताया कि संघ सरकार के रवैये से परेशान है। उन्होंने कहाकि शिक्षा मंत्री द्वारा संघ को पिछले दिनों कोर्ट में सुनवाई कर लंबित केस का जल्दी निस्तारण कर शिक्षक भर्ती पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि परन्तु इतने दिन बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा काउंटर जमा नहीं किया गया जिस वजह से कोर्ट में सुनवाई में देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि लगातार उन्हें झूठे आश्वासन दिये जा रहे है और उनके हितों को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम राज्य सरकार व विभाग नहीं उठा पा रहा है जिससे प्रशिक्षित बेरोजगारों में रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से कोविड की पहली व दूसरी लहर को बहाना बनाया जा रहा है और जून माह में नियुक्ति दी जानी थी लेकिन आज तक नियुक्ति नहीं हो पाई है और जहां कोविड की तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है जिसके कारण उनका मामला फिर लटक सकता है इसलिए शीघ्र की प्रशिक्षित बेरोजगारों को नियुक्ति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार अपनी मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है और इस बीच शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद पूर्व में आंदोलन को समाप्त कर दिया था लेकिन उसके बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि इसी कारण डीएलएड संघ द्वारा निदेशालय में नारेबाजी कर औपचारिक अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की गई और साथ ही राज्य सरकार को चेताया गया कि जल्दी से जल्दी शिक्षक भर्ती पूरी करें अन्यथा संघ उग्र धरना करने पर मजबूर होंगें। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से भी आदेश है कि किसी भी भर्ती को छह माह से अधिक समय तक रोका नहीं जा सकता है लेकिन यहां पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है जो उचित नहीं है और अब तत्काल प्रभाव से प्राथमिक शिक्षक भर्ती की जानी चाहिए। इस अवसर पर धरने की रणनीति स्पष्ट करते हुए संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष दीक्षा राणा ने बताया कि मांग पूरी न होने पर धरना के साथ साथ रैली, क्रमिक अनशन, डिप्लोमा वापसी आदि कार्य करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि लगातार उनके हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है जिसे अब सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को और तेज किया जायेगा। इस अवसर पर वार्ता में प्रकाश दानू, शुभम पंत, हिमांशु जोशी, दीक्षा राणा, मन्नू, सरोज व अन्य डायट प्रशिक्षित बेरोजगार उपस्थित थे।
