भू कानून लागू किए जाने को धरना

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संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड राज्य में सख्त भू कानून व धारा 371 को लागू किये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और कहा कि जल्द ही ओर कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। यहां दल के कार्यकर्ता महानगर अध्यक्ष दीपक रावत की अध्यक्षता में इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य में सख्त भू कानून व धारा 371 को लागू किये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया और ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड राज्य गठन की मांग के पीछे प्रमुख कारण इस राज्य की भौगोलिक, सामाजिक , आर्थिक एवं सांस्कृतिक विशिष्टतायें थी। राज्य का गठन तो हो गया किंतु दुर्भाग्यवश न तो राज्य पुनर्गठन विधेयक में और न ही उसके बाद इन विशिष्टताओं के संरक्षण उन्नयन के लिए कोई सार्थक कदम उठाए गए। उत्तराखंड राज्य की उक्त विशिष्टताओं के अतिरिक्त इस राज्य के सामरिक महत्व को भी नकारा जाता रहा जबकि राज्य की सीमाएं नेपाल और तिब्बत (चीन ) से मिलती है। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड क्रांति दल राज्य गठन के आंदोलन के दौर में भी राज्य गठन के बाद भी इस राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने और यहां की जमीन की खरीद फरोख्त पर पाबंदी लगाने की मांग करता आ रहा है लेकिन इस ओर किसी भी दिशा में आज तक कार्यवाही नहीं हो पाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य गठन के बाद पहली निर्वाचित स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी सरकार ने एक लचीला व कमजोर भू कानून बनाया जिसका कोई लाभ प्रदेश को नहीं मिल पाया। है। ज्ञापन में कहा गया कि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में राज्य के मूल निवासियों के सामाजिक सांस्कृतिक एवं आर्थिक ताने-बाने को बहुत अधिक क्षति पहुंचेगी। साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस राज्य के महत्व को भी नुकसान पहुंचेगा। ज्ञापन में राज्य सरकार को निर्देशित किये जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार सख्त भू कानून लागू कर जमीनों की खरीद फरोख्त को प्रतिबंधित करे। सरकार विधानसभा में प्रस्ताव पारित करें कि प्रदेश में संविधान की धारा 371 के अंतर्गत प्रावधान किया जाए कि राज्य के बाहर के किसी व्यक्ति पर यहां की भूमि खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध हो अथवा कठोर प्रतिबंधों के साथ बहुत सीमित खरीद फरोख्त की इजाजत हो। सरकार उक्त प्रस्ताव को केंद्र सरकार को प्रेषित करे ताकि संसद में इसे पारित किया जा सके। ज्ञापन में कहा गया कि स्थाई निवास (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र प्राप्त करने के प्रावधानों को अधिक कठोर बनाते हुए उनका कठोरता से अनुपालन करवाया जाए। प्रदेश में वर्ष 198० से पूर्व के निवासियों को ही मूल निवासी माना जाए और उन्हीं निवासियों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाये। इस अवसर पर धरने की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष दीपक रावत ने की। इस अवसर पर धरने पर दल के केंद्रीय संरक्षक त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बी डी रतूड़ी, ए पी जुयाल, जय प्रकाश उपाध्याय बहादुर सिंह रावत, लता पंत, लताफत हुसैन, किरन रावत, सुनील ध्यानी, मीनाक्षी सिंह, दीपक मधवाल राजेंद्र प्रधान शकुंतला रावत ललित कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।

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