लालकुआ। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर किसान महासभा और भाकपा (माले) ने आज चौतरफा बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग को लेकर लालकुआं तहसील के सम्मुख ष्आक्रोश प्रदर्शनष् कर मोदी सरकार का पुतला दहन किया। आसमान छूती महंगाई के खिलाफ आयोजित ष्आक्रोश प्रदर्शनष् कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉ संजय शर्मा ने कहा कि, ष्मोदी सरकार की निजीकरण और पूंजीपति परस्त नीतियों के कारण महंगाई आसमान छू रही है। मोदी सरकार अंबानी-अडानी के मुनाफे के लिए जनता को निचोडऩे में लगी है। पिछले डेढ़ वर्षों से महामारी के कारण लोग पहले ही बेहाल हैं, उनके पास रोजगार नहीं है लेकिन सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने की कोशिश करने के बजाय आम जनता के जेब पर डाका डालने का काम कर रही है।ष्
ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा ने कहा कि, ष्उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएं से मुक्ति का वादा करने वाली मोदी सरकार रसोई गैस की हर कुछ दिनों पर कीमत बढ़ा रही है। आज महिलाओं की आंखों में बढ़ती महंगाई के कारण आंसू हैं। जमाखोरों कालाबाजारी करने वालों की पौ बारह है और आम जनता त्रस्त है। यह महंगाई पूरी तरह भाजपाई है, यानी भाजपा सरकार द्वारा लायी गयी है। अखिल भारतीय किसान महासभा के नैनीताल जिला संयोजक बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि,ष्पेट्रोल ,डीजल, रसोई गैस व खाद्य तेलों की कीमतों में भारी वृद्धि होने से गरीबों, महिलाओं, मध्यम वर्ग के उपर भारी बोझ पड़ा है। डीजल ,पेट्रोल के दामों में बढोतरी होने से किराये और माल ढुलाई में काफी बढोतरी हुई हैं। यदि केन्द्र सरकार मंहगाई को नहीं रोकती है तो उसे जनता का गुस्सा झेलने को तैयार रहना होगा।ष्
प्रदर्शन के जरिए मांग की गई कि रसोई गैस की कीमत किसी भी हाल में ?5०० से अधिक नहीं होनी चाहिए। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाकर उसपर लगाये जाने वाले टैक्स को कम कर जनता को राहत दी जाय। सरसों और अन्य खाद्य तेलों की कीमतों में की जा रही कृत्रिम बढ़ोतरी को रोकने के लिए जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाय। गरीबों के राशन में सिर्फ चावल और गेहूं ही नहीं दाल, तेल, चीनी और बच्चों के लिए दूध भी मिलना चाहिए। आक्रोश प्रदर्शन व मोदी सरकार के पुतला दहन कार्यक्रम में डॉ संजय शर्मा, के के बोरा, बहादुर सिंह जंगी, डॉ कैलाश पाण्डेय, भुवन जोशी, ललित मटियाली, विमला रौथाण, किशन बघरी, धीरज कुमार, देवेन्द्र रौतेला, राजेन्द्र शाह, कमल जोशी, हरीश भंडारी, गोपाल गडिय़ा, भास्कर कापड़ी, निर्मला शाही, आनन्द सिंह दानू, एन डी जोशी, नरेश कुमार, शिवा कोरंगा, खीम वर्मा,हरीश आर्य, बिशन सिंह आदि शामिल रहे।
