विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाओं को पहचान दिलायेगी उत्तराखंड टेलेंट हंट प्रतियोगिता

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड में पारम्परिक वाद्य यंत्रों एवं विभिन्न क्षेत्रों में छिपी प्रतिभा को पहचान दिलाने का बीड़ा दून के जाने माने वरिष्ठ फिजिशियन व चारधाम अस्पताल के संचालक डॉ के पी जोशी ने उठाया है। उनकी इस मुहिम को सरकार का सहयोग भी मिल गया है। राज्य के 13 जिलों से छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के लिए जिला एवं प्रदेश स्तर पर उत्तराखंड टेलेंट हंट प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए चारधाम अस्पताल के संचालक डॉ के पी जोशी ने बताया कि और इस प्रतियोगिताह में अव्वल आने वालों को पुरस्कार देने के साथ ही रोजगार भी दिलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए 7० प्रतिभाओं को चयनित किया गया है जो अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करेगी और उन्हें ड्रेस कोड प्रदान करने का भी काम किया जायेगा। जिससे उनकी एक अलग ही पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में विभिन्न स्तर पर ऐसी प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे लाने का एक प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से ऐसी पांच प्रतिभाओं को चिन्हित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य मुख्य रूप से दूरदराज के क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं को ढूंढकर लाना है, जिन्हें अपनी प्रतिभा का राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का अभी तक अवसर नहीं मिला है। उन्होंन ेकहा कि मसलन कोई विशिष्ट पहचान नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पहचान दिलाने के लिए उत्तराखंड टेलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन जुलाई व अगस्त में तथा फाइनल प्रतियोगिता अक्टूबर माह में की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिभागी किसी विशिष्ट कला जैसे परम्परागत वाद्य यंत्रों ढोल, दमांऊ, नगाडा, मसक बाजे, रणसिंगा के साथ ही साथ संगीत, सांस्कृतिक परम्परा, शिल्प एवं कारीगरी से जुड़े होंगें को एक प्लेटफार्म दिया जायेगा और इसके साथ ही साथ रिंगाल, लकड़ी, ऊन, नेचुरल फाईवर, ताम्र आदि का काम करते हो को भी अवसर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर एक समिति बनाई जायेगी, जो ऐसी प्रतिभाओं को विभिन्न स्त्रोतों से चिन्हित कर एवं उनके प्रदर्शन के आधार पर संस्तुति करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से पांच प्रतिभाओं का चयन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर भी एक समिति का गठन किया जायेगा। जो जनपदों से संस्तुत प्रतिभागियों में से पांच-पांच प्रतिभाओं का चयन करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को नकद पुरुष्कार दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम पुरस्कार 51 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार, 31 हजार रूपये और तृतीय पुरस्कार 21 हजार रूपये का होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में सरकार की ओर से भी सहयोग करने की मंजूरी मिल गयी है। इस काम में उद्योग विभाग सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि योग्यतानुसार व्यवसायिक संस्थानों में रोजगार दिये जाने का प्रयास किया जायेगा। संगीत एवं वाद्य यंत्रों से सम्बन्धित प्रतिभाओं को जिला एवं राज्य स्तर पर प्रदर्शन का अवसर दिया जायेगा ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सकें और इस बात का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के उत्पादों को खरीदने का भी काम किया जायेगा। इस अवसर पर उद्योग विभाग के निदेशक सुधीर नौटियाल ने कहा है कि विभाग की ओर से कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने का काम किया जाता है और इस प्रकार की प्रतिभाओं को प्लेटफार्म भी प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में उद्योग विभाग के निदेशक सुधीर नौटियाल भी शामिल रहे।

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