संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केन्द्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा है कि उत्तराखंड में भाजपानीत सरकार के लगभग साढ़े चार में राज्य में विकास की कोई अवधारणा नही की, लेकिन तीसरा मुख्यमंत्री देकर जनादेश का मखौल उड़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता के जनादेश का पूरी तरह से अपमान किया है और अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की आवश्यकता है।
यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा की अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार के आखण्ड में डूबने के कारण बार बार मुख्यमंत्री को बदल रही है। उन्होंने कहा कि 1०० दिन में लोकायुक्त की नियुक्ति, रोजगार के वायदा आदि को लेकर जो वायदे किये थे वो सब धरे के धरे रह गये। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पंचायतों के चुनावों के ढाई वर्ष हो चुके है अभी तक जिला जिला योजना समितियों का गठन तक नही हुआ। उन्होंने कहा कि अभी तक के सरकार के कार्यकाल व कार्य शैली की बात करे तो उच्च न्यायालय नैनीताल सैकड़ो मामलों में संज्ञान लेकर सरकार को निर्देशित किया या फिर उनके निर्णयों पर जबाब तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को उसका मुखिया या उसकी कैविनेट चला रही है यह कही दिखायी नही दिया। उन्होंने कहा कि लालफीताशाही के इशारों पर सरकार चलती रही। उन्होंने कहा कि जनविरोधी नीतियां जिसमें भू कानून को खत्म करना, इंवेस्टर समिट पर 25 करोड़ खर्च कर 25 रुपये का इन्वेस्ट न होना। सरकारी नौकरियों को फ्रिज करना। व जेई परीक्षा, फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा का परिणाम, तथा परीक्षा में हुई गड़बडिय़ा, नर्सिंग परीक्षा को बार बार टालना आदि सरकार की विफलतायें रही है।
उन्होंने कहा कि सत्ता के नशें में डूबे भाजपा के विधायकों के चाल चलन व चरित्रों की बखिया उड़ी है। उन्होंने कहा कि व्याभिचार में द्वाराहाट विधानसभा के विधायक व अब ज्वालापुर हरिद्वार के विधायक सुरेश राठौर में होना भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा बयां करता है। उन्होंने कहा कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर झारखंड वाला गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष को लेकर लेन देन सवालियां निशान सरकार के नुमाइंदों पर लगता है। उन्होंने कहा कि अभी तक तो लगभग सभी कई मंत्रियों के विभागों में भ्रष्टाचार के कई मामले संदेह के घेरे में है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व निवर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के विभाग भ्रष्टाचार में डूबे रहे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण विभाग व स्वास्थ्य विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त रहा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस कोविड 19 काल में कुंभ में हुई जांचे व कोरोना मृतकों की संख्याओं को लेकर गड़बड़झाला रहा है। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि अन्यथा इसके लिए आंदोलन किया जायेगा।
