जुबिन-उमेश फिर गुनगुनाये

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रूक जाना नहीं तू कहीं हार के………
राहत सामग्री के साथ चमोली जिले के गौचर पहुँचे उमेशकुमार के साथ बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल
देहरादून(संवाददाता)। न राजनीति की चाहत और न किसी सरकारी औहदे पर बैठने का ख्वाब, फिर भी पत्रकार उमेश कुमार कोरोना काल में पहाडवासियों का जीवन बचाने के मिशन में लम्बे समय से सेवाभाव को अपना मिशन मानते हुए हवाई मार्ग से आये दिन राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मैदान में उतरे हुये हैं और उनके इस सेवाभाव को देखकर पहाडों की युवा पीढी उमेश कुमार के इस विजन में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढती हुई दिखाई दे रहे हैं। आज एक बार फिर बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल और उमेश कुमार ने गौचर रवाना होने से पहले फिर एक साथ गुनगुनाया कि रूक जाना नहीं तू कहीं हार के………। उनके इस बोल से उन सैकडों सामाजिक संस्थाओं व एनजीओ को इस संकट काल में पहाड के दूर दराज गांव में एक बडी मद्द के लिए आगे कदम बढाना चाहिए लेकिन उनका हौसला जिस तरह से फुस्स हो रहा है उससे ऐसे संगठनों पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गये हैं। उमेश कुमार व उनके साथी जिस तरह से कोरोना काल में मद्द के लिए अपना बडा हौसला रखते हुए सेवा को अपना धर्म माने हुये हैं उसकी गूूंज समूचे उत्तराखण्ड में सुनने को मिल रही है।
पहाड़ परिवर्तन समिति इस कोरोना के काल मे पहाड़ी दुर्गम से दुर्गम इलाको में लगातार कोरोना राहत पहुंचाने का काम कर रही है। समिति के संस्थापक पत्रकार और समाजसेवी उमेश कुमार जहाँ जहाँ राहत सामग्री खत्म हो रही है स्वयं हेलीकॉप्टर के माध्यम से त्वरित राहत पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज सुबह वॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल के साथ उमेशकुमार धारचुला पिथौरागढ़ से चमोली जिले के गौचर हवाई पट्टी में उतरे जहां उन्होंने स्थानीय युवाओ और सामाजिक कार्यकर्ताओ से मुलाकात कर उन्हें ऑक्सीमीटर , इन्फ्रा टेम्परेचर , पैरासिटामोल आदि सामग्री वितरित की। जुबिन नौटियाल ने स्थानीय युवाओ से बातचीत के दौरान कहा कि इस वक्त एक एक जान कीमती है इसके लिए मुहिम जारी है। वहीं पत्रकार उमेशकुमार ने कहा कि इन पाहाड़ी दुर्गम क्षेत्रो में इस वक्त राहत की सबसे ज्यादा आवश्यकता है इसलिए मैं सभी पाहाड़ी जिलों का दौरा करके यथासंभव मदद कर रहा हूँ क्योंकि एक एक जान कीमती है। उन्होंने कहा कि इस समय राजनीति की बजाय कोरोना की कार्यनीति पर सबको केंद्रित होने की आवश्यकता है। आपको बता दें कि पहाड़ परिवर्तन समिति इस समय लगातार पहाड़ी क्षेत्रो के दुर्गम से दुर्गम इलाको में पैदल मार्गो से भी राहत पहुंचाने का काम कर रही है। वहीं उमेशकुमार द्वारा सभी पहाड़ी जिलों में स्वयं राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है और ये कार्य लगातार जारी है।

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