सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी पुरोला को विकास की सौगात

0
10

उत्तरकाशी(संवाददाता)। उत्तराखंड के सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद की पुरोला विधानसभा के बर्नीगाड़ में लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत वाली 38 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 3० नई विकास योजनाओं की आधारशिला रखी, जबकि 8 पूर्ण हो चुके कार्यों को जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का शुभारंभ कर क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा की नई सुविधा उपलब्ध कराई। राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ (कुंवा) में आयोजित सेवा सेतु अभियान के जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, सड़क, खेल और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के स्थायी भवन और परिसर का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की घोषणा की। इसके साथ ही राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम, बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज तक मोटर मार्ग तथा बड़कोट और चिन्यालीसौड़ के राजकीय महाविद्यालयों के उच्चीकरण की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने पूर्व में घोषित डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल और सड़क निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में शिक्षा, खेल और यातायात सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए 3० विकास कार्यों के शिलान्यास में सबसे बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का रहा। पीएमजीएसवाई खंड पुरोला के अंतर्गत लगभग 176 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से 18 विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग पुरोला के पांच कार्यों पर 6 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग बड़कोट के चार कार्यों पर 6 करोड़ 61 लाख रुपये तथा सिंचाई खंड पुरोला के तीन कार्यों पर 5 करोड़ 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं 22 करोड़ रुपये से अधिक लागत के आठ कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें सड़क संपर्क, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। सेवा सेतु अभियान के जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं उपकरण वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु अभियान के माध्यम से प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंच रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। धामी ने कहा कि सड़क संपर्क मजबूत होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में 3 लाख 1० हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण की योजनाओं तथा सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 3० प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने सख्त नकल विरोधी कानून को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
धामी ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी सरकार की प्रमुख पहलों में गिनाया। कार्यक्रम में पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राजकीय महाविद्यालय के शुभारंभ और करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री श्याम डोभाल, पूर्व विधायक मालचंद, ब्लॉक प्रमुख रणदेव राणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बर्नीगाड़ में घोषित योजनाओं के तहत अब महाविद्यालय के स्थायी भवन, मिनी स्टेडियम, मोटर मार्ग और अन्य निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेष रूप से पीएमजीएसवाई की 18 सड़क परियोजनाएं पर्वतीय गांवों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगी।

LEAVE A REPLY