देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि आज प्रदेश विकट स्थिति से गुजर रहा है। अंकिता भंडारी में वीआईपी की पहचान होने के बाद आज तक नहीं हो पाई है और केंद्र सरकार ने वीआईपी की जांच नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि शुरूआत दौरान से वीआईपी को बचाने का काम किया और अब सिक्किम का राज्यपाल बनाकर वीवीआईपी बना दिया। उन्होंने कहा कि तत्काल दुष्यंत कुमार का इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में चुप्पी साध रखी है। यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी ने अपनी हत्या से पहले अपने मित्र को व्हास्टअप पर चेट के माध्यम से बता दिया था कि एक वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने के लिए दवाब बनाया जा रहा है और उनके साथ कुछ भी हो सकता है और अगले दिन अंकिता भंडारी की हत्या हो जाती है और वहां पर बुलडोजर से कमरे को जमीदोंज कर सबूत नष्ट कर दिए गए और आग लगाई गई और सामान को पानी में फेंक दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के तत्कालीन एक मंत्री ने यहां तक कह दिया था कि वीआईपी व्यक्ति नहीं रिजॉर्ट का एक कमरा था। इस मामले में भाजपा व सरकार अपने आरोपित नेताओं को बचाने का काम करती आ रही है और सीबीआई जांच हो भी रही है या नहीं कुछ पता नहीं चल रहा है। उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति का आहवान किया है कि वह इस मामले में लामबंद होकर आगे आए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि नारी स्वाभिमान पर देश एक है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण उत्तराखंड की अस्मिता पर चोट है। अंकिता ने अपनी जान देकर उत्तराखंड के स्वाभिमान व अस्मिता की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का प्रकरण उत्तराखंड का नहीं बल्कि पूरे देश की आवाज बन गया है। उन्होंने कहा कि अब यह लडाई हर माता-पिता की है। इंडिया गेट पर अंमिता भंडारी के माता पिता के धरने से सरकार हिल गई। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में हिरासत में लेने की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के आने से अंकिता प्रकरण राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि राहुल व प्रियंका ने अंकिता के माता-पिता को अपना समर्थन दिया। उन्होंने अंकिता के माता पिता के बयान को एफआईआर का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर राज्य की जनता को साथ लेकर उत्तराखंड बंद भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दुष्यंत गौतम को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए और इसके लिए कांग्रेसी अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई कथित वीआईपी का खुलासा करे। वीआईपी को लोकभवन भेजना उत्तराखंड पर तमाचा है। रावत ने कहा है कि यह राज्यव्यापी लड़ाई की जरूरत है। इसके लिए एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। इस अवसर पर कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में महिला अपराध बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में जो महिलाओं पर अपराध हुए है उनमें भाजपा नेताओं की संलिप्ता रही है।अंकिता मामले को सरकार ने दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में वीआईपी के चेहरे से नकाब हटना चाहिए, सरकार के इशारे पर मामले को दबाने का हरसंभव प्रयास किया गया और जब सीबीआई जांच हो रही है तो इस बीच दुष्यंत कुमार गौतम को क्यों राज्यपाल बना दिया गया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति सड़कों पर उतरकर इसके लिए संघर्ष करेगी।
कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा में मानवता खत्म हो गई। उन्होंने केहा कि बीती रात को इंडिया गेट पर जो हुआ किसी से छिपा हुआ नहीं है। अंकिता भंडारी के माता पिता धरने पर बैठे और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने अपना समर्थन दिया और रात के अंधेरे में पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता पिता को गिरफ्तार कर लिया जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। रावत ने कहा है कि महिला अपराधों में भाजपा के नेता ही शामिल रहे है और उन्हें भी बचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम व राजस्थान महामंत्री संगठन अजेय कुमार को हटाया नहीं जाता है तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा महिला मोर्चा की महिलाएं एक दिन भी सड़कों पर नहीं उतरी और राहुल गांधी दून पहुंचे तो भाजपा महिला मोर्चा सड़कों पर अनावश्यक रूप से उतर गई।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा है कि महिलाओं का अपमान किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा और महिलाओं के हितों के लिए व्यापक स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल दुष्यंत कुमार व राजस्थान महामंत्री संगठन अजेय कुमार को तत्काल पदों से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि वीआईपी का नाम भाजपा पूर्व विधायक व उनकी पत्नी उर्मिला सनावर ने खुलासा कि था। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार को राज्यपाल के पद नहीं हटाया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में प्रदेश सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, महानगर अध्यक्ष डा जसविंदर सिंह गोगी, राजेन्द्र शाह, सुनीता प्रकाश, पंखुड़ी पाठक, डा. प्रतिमा सिंह आदि मौजूद रहे।


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