सीएम की दहाड़ः हर रिश्वतखोर जायेगा जेल

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शिक्षा के मन्दिर में भी रिश्वतखोरों को विजिलेंस ने दबोचा
धामी राज में सैकडों रिश्वतखोर जेलों में हैं कैद
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचारमुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखण्ड के अन्दर चार सालों से भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों के खिलाफ एक बडी मुहिम चला रखी है। मुख्यमंत्री की सख्ती का ही परिणाम है कि चार साल के अन्दर सैकडों रिश्वतखोर राज्य की जेलों में कैद हैं। सीएम ने दहाड लगा रखी है कि राज्य में अगर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने रिश्वतखोरी करने का दुसाहस किया तो वह सीधा जेल की सलाखों के पीछे होगा। मुख्यमंत्री के ऑपरेशन रिश्वतखोर को लेकर आम जनमानस के मन में अब हर रिश्वतखोर को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का जज्बा जागा हुआ है और यही कारण है कि आज विजिलेंस की टीम ने डोईवाला के उपखण्ड शिक्षा अधिकारी व उसकी एक महिला सहयोगी को रंगे हाथों एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। शिक्षा के मन्दिर में भी रिश्वतखोरों की जमात ने आम जनमानस को झंझोर कर रखा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि डोईवाला के उपखण्ड शिक्षा अधिकारी एक स्कूल प्रबंधक से लाखों रूपये की रिश्वत मांग रहे हैं। विजिलेंस ने इस शिकायत को जब परखा और उसकी जांच की तो उन्हें मामला सही लगा जिसके बाद उन्होंने रिश्वतखोर को रंगे हाथों पकडने के लिए जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि आज हरिद्वार देहरादून रोड स्थित नेपाली तिराहे फार्म पर विजिलेंस की टीम ने एक बडा जाल बिछाकर उपखण्ड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट को रंगे हाथों एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया तो वहीं रिश्वतखोर की सहायिका पुष्पांजली को भी विजिलेंस ने अपने शिकंजे में ले लिया। बताया जा रहा है कि रिश्वतखोर अधिकारी दो लाख रूपये की रिश्वत मांग रहा था और शुरूआती दौर में एक लाख रूपये देने का सौदा हुआ। बताया जा रहा है कि यह रकम गंगा वैली जूनियर हाई स्कूल ऋषिकेश में शिक्षा का अधिकार आरटीई के तहत पढ़ रहे छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल पास करवाने की एवज में मांगी गई थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में एक अन्य रिश्वतखोर पुष्पांजलि जिसे गिरफ्तार किया गया है वह वर्तमान में स्वामी उत्तरांचल मोर्डन स्कूल गुमानीवाला ऋषिकेश से जुडी हुई बतायी जाती है। विजिलेंस ने आज जिस तरह से दो रिश्वतखोरो को अपनी गिरफ्त में लिया है उससे साफ संदेश चला गया है कि उत्तराखण्ड के अन्दर रिश्वतखोरों के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन जारी रहेगा। चर्चा है कि पकडे गये रिश्वतखोर अधिकारी द्वारा बहुत स्कूलों को परेशान करने का सिलसिला चल रहा था और यहां तक चर्चा है कि कई स्कूलों से उसने अपनी मांग भी मनवाई थी। बताया जा रहा है कि स्कूलों की मान्यता के नाम पर वसूली का खेल खेलने का धंधा किया जा रहा था? कुछ स्कूल संचालकों का कहना है कि इस रिश्वतखोर अधिकारी के खिलाफ न्यायिक जांच कराई जाये और यह पता लगाया जाये कि उसने रिश्वतखोरी से कितना धन जमा कर रखा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के अन्दर जिसने भी रिश्वतखोरी करने का दुसाहस किया उसे इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा। रिश्वतखोरों के खिलाफ मुख्यमंत्री का बडा ऑपरेशन कामयाब हो रहा है।

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