‘वो सीएम पुष्कर हमारा है’
प्रचंड बहुमत के साथ धामी को मिला प्रचंड स्नेह
मुख्यमंत्री लिख रहे लोकप्रियता की अनूठी कहानी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। लोकप्रिय होना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए व्यक्ति विशेष के पास अदम्य साहस, अद्भुत इच्छाशक्ति होने के साथ-साथ समाज के हितों में कुछ ऐसा अकल्पनीय कर गुजरना पड़ता है, जिसके चलते समाज, व्यक्ति विशेष के साथ खुद का एक अटूट जुड़ाव महसूस कर सके। कुछ ऐसा ही अटूट जुड़ाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ उत्तराखंड की जनता महसूस कर रही है और जिसका नतीजा यह सामने आया है कि प्रचंड बहुमत की सरकार की बागडोर थामने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड की जनता का प्रचंड स्नेह भी प्राप्त हो रहा है। यहीं कारण है कि मौजूदा समय में मुख्यमंत्री पुष्कर लोकप्रियता की अनूठी कहानी लिखते जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि किसी मुख्यमंत्री को साकारात्मक तौर इतनी संज्ञाओं से पुकारा जा रहा हो। अब तो ऐसा भी प्रतीत होने लगा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अटूट स्नेह करने वालों ने उनके प्रथम नाम का उच्चारण ही संभवतः भुला दिया है क्योंकि अब उन्हें कोई भी पुकारता है तो वह ऐसी संज्ञाओं के साथ पुकारता है, जिन्हें सीएम धामी ने अपने कुशल नेतृत्व के चलते अर्जित किया है। कोई उन्हें धाकड़ धामी कहता है तो कोई धुरंधर। जिन वृद्धजनों के हृदय में मुख्यमंत्री धामी बसते हैं, वे उन्हें दुलारा कहकर बुलाते हैं। मुख्यमंत्री धामी से अटूट स्नेह करने वालों का कहना है कि ‘वो धाकड़ है, वो धुरंधर है, वो दुलारा है, वो सीएम पुष्कर हमारा है…..’
सरकार के चार साल, बेमिसाल का कार्यक्रम हो या फिर कोई जनसभा। मंडल गढ़वाल का हो या फिर कुमाऊं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां भी जाते हैं, वह उनकी एक झलक पाने के लिए जिस प्रकार से जनसैलाब उमड़ पड़ता है, वह उनकी लोकप्रियता को चरितार्थ करता है। मौजूदा धामी सरकार के चार साल पूर्ण होने से पूर्व ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत शासन-प्रशासन ने प्रदेश के कोने-कोने तक तक सरकारी द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं को पंहुचाया। इस पहल का ही परिणाम माना जा रहा है कि मौजूदा समय में प्रचंड बहुमत की धामी सरकार को जनता का प्रचंड स्नेह प्राप्त हो रहा है। यही स्नेह मुख्यमंत्री धामी को प्रदेश को विकास की राह पर मजबूती के साथ चलाने के लिए प्रेरणा देता है और विकसित उत्तराखण्ड के उनके सपने को साकार करने के लिए उन्हें और मजबूत करता है। उत्तराखण्ड राज्य की लगातार हो रही प्रगति का श्रेय वे सदैव ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते आए हैं। उनका मानना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार जब एक साथ मिलकर सच्ची निष्ठा से कार्य करती हैं तो कई विकास के मील के पत्थर पर हो जाते हैं। मुख्यमंत्री का हमेशा से कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। डबल इंजन की सरकार की मजबूती का ही परिणाम है जोकि राज्य में सख्त कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता के के साथ-साथ प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का साहासिक कदम उठाा है। सरकार और संगठन को राज्य में मजबूती प्रदान करने के लिए सीएम धामी हमेशा पार्टी कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश देते रहे हैं। उनका मानना है कि वह पार्टी के कार्यकर्ता ही हैं जो सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार, संगठन, पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में पिरोने का जो काम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उसको लेकर हाईकमान भी उनसे काफी गदगद नजर आ रहा है और यहीं वजह है कि हाईकमान के दिग्गज नेता तक भी उन्हें धाकड़ धामी या धुरंधर धामी की संज्ञा देने से नहीं चूके।
