जलने वालों को और जला रहा धामी का सुशासन
विपक्ष की बयानबाजी बयां कर रही उनकी कुंठा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड हाल ही में आयोजित हुए धामी सरकार के चार साल, बेमिसाल कार्याक्रम की तारीफों की गूंज अभी तक शांत नहीं हुई है। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मौजूदा कार्यकाल के चार सालों की उपलब्धियों का जब मंच से उल्लेख किया तो उत्तारखण्ड की जनता को महसूस हुआ कि वास्तव में उन्हें एक जनसेवक संबोधित कर रहा है। अपनी सरकार के इन चार सालों में मुख्यमंत्री धामी ने अनेक उत्कृष्ट कार्य और क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिसके चलते उन्हें आवाम से लेकर दिग्गज राजनेताओं ने धाकड़ धामी की उपाधि से नवाजा। वहीं अब तो धामी धाकड़ से धुरंधर बन चुके हैं। धाकड़ से धुरंधर बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री धामी के विरोधियों को मिर्चें लगनी शुरू हो गई हैं। धामी सरकार के उपलब्धियों भरे चार सालों के विरोध में जो बयानबाजी विपक्षियों की तरफ से सामने आ रही है, उससे विपक्षियों की कुंठा साफ देखने को मिल रही है। वहीं दूसरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सुशासन जलने वाले विपक्षियों को और जला रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का शानदार चार साल बेमिसाल समारोह हुआ तो उसमें शामिल हुये देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हजारों की भीड़ में बडी दहाड़ लगाते हुए कहा कि पुष्कर ंिसह धामी सरकार चलाने के दौरान विकास के पथ पर जिस विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं उसके चलते अब वह धाकड़ से धुरंधर बन गये हैं और अब उन्हें धुरंधर मुख्यमंत्री कहना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धुरंधर होने का जो ताज राजनाथ सिंह पहना गये उसके बाद से तो भाजपा नेताओं के सड़कों पर दिख रहे बडे-बडे होर्डिंग्स में पुष्कर सिंह धामी धाकड़ से धुरंधर हो गये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धुरंधर का ताज क्या मिला विरोधियों को मिर्ची लगनी शुरू हो गई और वह जिस तरह से मुख्यमंत्री की इस ताजपोशी से बिलबिलाये हुये हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि वह मुख्यमंत्री के बढ़ते रूतबे से घबरा चुके हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने चार साल पहले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये गुरूमंत्र को धारण करके स्वच्छता और पारदर्शिता के साथ सरकार चलाने का जो हुनर दिखा रखा है उससे राज्य की जनता तो गदगद नजर आ ही रही है वहीं देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा हाईकमान भी मुख्यमंत्री की सरकार चलाने की शैली के कायल हो रखे हैं। भाजपा की दिग्गज लीडरशिप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने के लिए अकसर बडी-बडी विकास योजनायें उसकी झोली में डाल रही है। मुख्यमंत्री के विजन ने राज्यवासियों के मन में एक उमंग पैदा कर रखी है कि अब उनका उत्तराखण्ड उस ऊंचाई पर खडा हुआ नजर आयेगा जहां उसेे एक दशक पहले खडा होना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने अपने दो रूप दिखा रखे हैं जिसमें एक रूप उन्होंने अपराधियों, माफियाओं को दिखा रखा है जो कि हमेशा फायर ही नजर आता है तो वहीं आम जनमानस के सामने उनका रूप फलावर के रूप में ही गुलजार होता हुआ दिखाई देता आ रहा है। मुख्यमंत्री की सादगी और आम जनमानस को साथ लेकर चलने का उनका विजन भाजपा के दिग्गज राजनेताओं को खूब पसंद आ रहा है। मुख्यमंत्री ने आम जनमानस से चार साल पहले जो वायदे किये थे उसे एक-एक करके उन्होंने पूरा करने का जो जज्बा दिखाया उससे यह बात शीशे की तरह साफ होती चली गई कि धाकड से धुरंधर बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कहते हैं वो करते हैं। उत्तराखण्ड में अफवाहों का बाजार हमेशा मुख्यमंत्री को कमजोर करने के लिए सजता रहता है लेकिन राज्य की जनता और भाजपा की बडी लीडरशिप ऐसी अफवाहों को हमेशा नजरअंदाज करते रहे और हर बार वह मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की तारीफों के पुल बांधकर यह संदेश देते रहे हैं कि उत्तराखण्ड की राजनीति का सितारा पुष्कर सिंह धामी ही हैं।
