राजपुर रोड पर मामूली विवाद में हुआ था खूनी संघर्ष
कप्तान की रडार से नहीं बचेंगे अपराधी
देहरादून। राजधानी डालनवाला क्षेत्र में निर्माणाधीन भवन में हुए खूनी संघर्ष के मामले में फरार चल रहे दो ईनामी आरोपियों को दून पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर मजदूरों पर लोहे की सरिया से जानलेवा हमला करने का आरोप है। घटना में गंभीर रूप से घायल एक मजदूर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस कप्तान ने दहाड़ लगाते हुए दोनो ईनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का मोर्चा संभाला था और पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से इन ईनामियों को दबोचकर यह संदेश दे दिया कि दून में अपराध करना सबसे बडा गुनाह है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि 26 मई 2026 को राजपुर रोड स्थित ठाकुर इंफ्रा की निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद आसिफ ने अपने साथियों के साथ मिलकर मौके पर मौजूद लोगों पर लोहे की सरिया से हमला कर दिया। हमले में रामफल ऋषि, हसन और अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले में पिंटू कुमार की तहरीर पर कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों और चिकित्सकों के बयान दर्ज किए तथा आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच 11 जून को गंभीर रूप से घायल रामफल ऋषि की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर दी।
पुलिस कप्तान ने बताया कि घटना के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वे पुलिस की पकड़ से दूर रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल ने दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस टीम ने सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। लगातार निगरानी के बाद 12 जून को दोनों आरोपियों को उनके गांव सरदाहेड़ी, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो लोहे की सरिया भी बरामद कर ली हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद हुसैन ने बताया कि वह निर्माणाधीन भवन में शटरिंग का काम कर रहा था। घटना वाले दिन सरिया की रिंग हटाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गुस्से में आकर उसने और उसके साथी ने लोहे की सरिया उठाकर मौके पर मौजूद लोगों पर हमला कर दिया था। घटना के बाद दोनों आरोपी गांव लौट गए थे, लेकिन घायल की हालत गंभीर होने और बाद में मौत होने की जानकारी मिलने पर पुलिस कार्रवाई के डर से लगातार ठिकाने बदलते रहे। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि संगीन अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अपराध कर फरार होने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दून पुलिस लगातार अभियान चला रही है और ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाना प्राथमिकता है।