धामी की बेदाग सत्ता से मोदी भी खुश

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चार साल से बडे-बडे फैसले लेने में निडरता दिखाते आ रहे सीएम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है कि जब देश के प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री की बेदाग सत्ता चलाने की शक्ति को भांपकर उन्हें अपना सखा और छोटा भाई मानकर उनके साथ उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए अपने कदम आगे बडा रखे हैं जो उत्तराखण्ड की करोडो जनता के लिए एक सुखद अनुभव दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री की किचन टीम मंे ईमानदार अफसरों ने राज्य मंे भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से बडी जंग शुरू कर रखी है और एक के बाद एक भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ उन्हांेने अपने कदम आगे बढा रखे हैं उसी के चलते यह अफसर सरकार की शान बन चुके हैं जो भ्रष्टाचार का नाम सुनते ही क्रोधित हो उठते हैं और उन्होंने सरकार के मुखिया के साथ मिलकर राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त करने का जो बडा हौसला दिखा रखा है उसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री का अब तक का कार्यकाल राज्य के अन्दर जहां शानदार माना जा रहा है वहीं वह बेदाग सत्ता चलाकर देश के प्रधानमंत्री के भी सखा और छोटे भाई बनकर उनकी राह पर आगे बढते जा रहे हैं जिससे देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी यह समझ चुके हैं कि मुख्यमंत्री बेदाग होकर सरकार चला रहे हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब राज्य के अन्दर सत्ता संभाली थी तो उन्होंने सबसे पहले अपनी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल कर राज्यवासियांे को संदेश दे दिया था कि जहां से सरकार चलनी है वहां ईमानदार अफसरों की तैनाती से उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार और घोटालों से आजादी मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब राज्य के अन्दर सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो उन्होंने राज्य के अन्दर साफ संदेश दे दिया था कि बाइस सालों में राज्य के अन्दर भ्रष्टाचार और घोटाले करने वालों को चिन्हित कर उन पर एक्शन किया जायेगा और उसके बाद ऐसे भ्रष्ट अफसरों, कर्मचारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सीधा मोर्चा खोलकर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन चला रखा है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को धारण किया क्योंकि जैसे पीएमओ मंे तैनात अफसर पूरे देश में भ्रष्टाचार और घोटालों पर अपनी निगाह बनाकर रखते हैं और कहीं भी अगर उन्हें कोई अफसर या राजनेता गलत दिशा मंे जाता हुआ दिखाई देता है तो वहां उसका लेखा-जोखा तैयार हो जाता है। मुख्यमंत्री ने अपनी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल कर उन्हें पूरे प्रदेश में विकास के हो रहे कार्यों पर जहां पैनी नजर रखने का आदेश दे रखा है वहीं यह अफसर राज्य के विकास को लेकर बडा खाका तैयार करते हैं और कुछ अफसर ऐसे हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के नाम से ही क्रोध आता है और उनका साफ विजन है कि सरकार को पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ आगे ले जाना है क्योंकि राज्य को आदर्श राज्य बनाने का जो संकल्प प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ले रखा है उस संकल्प को धरातल पर उतारने की उनकी जिम्मेदारी है। उत्तराखण्ड के इतिहास मंे पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि जब सरकार के मुखिया भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को एक के बाद एक बेनकाब कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन चलाये हुये हैं। मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम ने जिस तरह से नकल माफियाओं के लिए सख्त कानून बनाया जिसके चलते अब राज्य के अन्दर नकल माफियाओं का खेल खत्म हो चुका है और उसके चलते उत्तराखण्ड की युवा पीढी अब अपनी मेहनत से सरकारी नौकरियां पाने में सफलता की उस सीढी पर चढती जा रही हैं जिस पर वह बाइस सालों से चढने में अपने आपको असफल पा रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी उत्तराखण्ड के पहले ऐसे राजनेता हैं जिन्हें बडे से बडे फैसले लेने के लिए कभी भी दिल्ली नहीं जाना पडता और वह दबंगता और निडरता के साथ वो फैसले ले रहे हैं जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मुख्यमंत्री की स्वच्छ और पारदर्शी शैली का ही परिणाम है कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री को हर संकटकाल में आसरा देने के लिए आगे खडे हो रहे हैं।

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