प्रमुख संवाददाता
देहरादून। डबल इंजन सरकारें, प्रदेश हित में कितनी कारगर होती है, इसका अंदाजा उन राज्यों के विकास को देखकर स्वतः ही लगाया जा सकता है, जहां यह स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम समेत देश में ऐसे कई राज्य हैं, जहां डबल इंजन की सरकार स्थापित है। इन राज्यों में विकास पहिया जिस तेजी के साथ घूम रहा है, ऐसा संभवतः उन राज्यों में शायद नहीं घूम पा रहा है, जहां डबल इंजन की सरकारें नहीं हैं? कहने को तो उत्तराखण्ड एक छोटा सा राज्य है लेकिन यहां की भौगोलिक विषमताएं इसे कई बड़े राज्य से ज्यादा जटिल बना देती है और यहां विकास की ब्यार बहाना आसान नहीं समझा जाता था। हालांकि जब से उत्तराखण्ड में डबल इंजन की सरकार बनी है और खासतौर पर उसकी कमान जबसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में आई है, तभी से भौगोलिक विषमताओं के बावजूद उत्तराखण्ड में विकास लगातार बुलंदियों पर छू रहा है।
आलवेदर रोड का निर्माण, सैन्य धाम का निर्माण, शूटिंग डेस्टिनेशन की स्थापना, यूसीसी, धर्मांतरण पर सख्त कानून के साथ-साथ पर्यटन को और मुफीद बनाना, ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के साथ साथ शीतकालीन यात्रा का आयोजन, यह उन उल्लेखनीय कार्यों में से है जो उत्तराखण्ड में डबल इंजन की सरकार द्वारा किए गए है।
डबल इंजन सरकार के ध्वजवाहक के रूप में अपनी उपयोगिता को पुष्कर सिंह धामी पूर्ण रूप से साबित कर रहे हैं और वह उत्तराखण्ड में जब भी कहीं भी कोई जनसभा करने के लिए आगे आते हैं तो उसके बाद वहां जनता का जलसैलाब उमडना यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज उत्तराखण्ड के वो राजनेता बन चुके हैं जिन्हांेने आवाम के दिलों में अपनी बडी जगह बना ली है। उत्तराखण्ड में विकास का जो आईना डबल इंजन की सरकार दिखा रही है उससे साफ नजर आ रहा है कि राज्य की जनता यह समझ चुकी है कि जब तक दिल्ली में भाजपा की सरकार मौजूद है तब तक डबल इंजन विकास के पथ पर तेजी से आगे बढता चला जायेगा क्योंकि दिल्ली और उत्तराखण्ड में एक ही दल की सरकार होने का फायदा हमेशा राज्यहित मे रहा है और उत्तराखण्ड के अन्दर जब भी कोई बडा संकट या आपदा आई है तो उसके बाद डबल इंजन की सरकार राज्यवासियों के लिए संकटमोचन बनकर उनका साथ देने के लिए आगे खडी हो जाती है। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी एक ऐसे कुशल राजनेता हैं जो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को यह बताने में कामयाब रहे हैं कि उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर ले जाने के लिए क्या-क्या योजनायें उसके लिए जरूरी हैं जिसके चलते मोदी कैबिनेट के मंत्री हमेशा उत्तराखण्ड को एक सशक्त राज्य बनाने के लिए हमेशा उसे बडी-बडी विकास योजनायें देकर राज्य को देश में अग्रणीय राज्य बनाने की दिशा में अपनी बडी भूमिका निभाते आ रहे हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन चुके हैं जो उत्तराखण्ड के विकास के लिए हमेशा दिल्ली से बडी-बडी योजनायें पास कराकर उत्तराखण्ड की झोली में डलवाने में कामयाब हुये हैं। मुख्यमंत्री ने सडक से लेकर हवाई क्षेत्र में जो एक बडी छलांग विकास के रूप में लगाई है उसके चलते आज देशभर के पर्यटक व श्रद्धालुओं को इस बात का इल्म हो चुका है कि उत्तराखण्ड अब विकास की वो उडान छू रहा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उत्तराखण्ड के अन्दर पर्यटन और तीर्थाटन को बडे पंख लगाने के लिए मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच ने आज राज्य के अन्दर युवा पीढी और सैकडों परिवारों को स्वरोजगार से जोडने की दिशा में वो उडान भरी है जिसका सपना राज्यवासी बाइस सालों से देखते आ रहे थे। उत्तराखण्ड में बेदाग होकर सरकार चलाने का जो हुनर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखा रखा है उसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मित्र और छोटे भाई के रूप में अपनी एक बडी पहचान बना चुके हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का शोर थमने से पुष्कर सिंह धामी का दिल्ली में राजनीतिक रूतबा उस मुकाम पर पहुंच गया है जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

