कल होगा दो राजनीतिक महारथियों का मिलन
हमेशा से सुपरहिट रही है मोदी-धामी की जोड़ी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री के बताये गुरूमंत्र पर स्वच्छता के साथ सरकार चलाने का जो चार साल से दौर शुरू किया हुआ है उसके चलते मुख्यमंत्री का रिपोट कार्ड हमेशा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के सामने अव्वल ही रहा है इसके चलते देश के दोनो बडे राजनेताओं ने मुख्यमंत्री को अपना लाडला बना रखा है। उत्तराखण्ड में जब भी कभी आपदा आई तो मोदी और शाह ने मुख्यमंत्री का साथ देने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में कभी देरी नहीं की जिसके चलते उत्तराखण्डवासियों को यह विश्वास है कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उत्तराखण्ड के रक्षक बनकर हमेशा राज्यवासियों का साथ देते रहेंगे। मानसून में गढवाल से लेकर कुमांऊ तक में आपदा का जो तांडव मचा उससे आपदा पीडितों में एक डर की भावना बनी कि आखिरकार उनका पुर्नवास कैसे होगा लेकिन मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों का दर्द देखकर वह उनके हमदर्द बनकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे हुये और उन्होंने आनन-फानन मंे उन्हें जो सहायता दी उससे आपदा पीडितों को विश्वास है कि वह फिर अपने परिवार के साथ अपना आशियाना बनायेंगे। मित्र मुख्यमंत्री के अनुरोध पर पहाड का दर्द सुनने और देखने के लिए प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड आ रहे हैं और उसके बाद दो राजनीतिक महारथियों का मिलन उत्तराखण्ड के लिए एक सुखद संदेश देगा और उत्तराखण्ड में आई इस बडी आपदा में मुख्यमंत्री की झोली में प्रधानमंत्री बडी आर्थिक सहायता का जो गिफ्ट देंगे उस पर उत्तराखण्डवासियों की नजरें लगी हुई हैं।
मानसून ने उत्तराखण्ड सरकार और राज्यवासियों को खूब डराया और जिस तरह से गढवाल से लेकर कुमांऊ तक के आधा दर्जन से अधिक जिलों में आपदा का तांडव मचा उससे वहां रहने वाले लोगों में अपने भविष्य को लेकर एक बडी चिंता सताने लगी। इस आपदा में कुछ जिलों के अन्दर सैकडों परिवार बेघर हो गये और उनके पास कुछ नहीं बचा जिससे उनकी आंखों में आंसू ही आंसू हैं कि उनका सबकुछ आपदा में बर्बाद हो गया तो वह कैसे अपना नया आशियाना बना पायेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संकटकाल में आपदा पीडितों का दर्द हरने के लिए वह उनके हमदर्द बनकर उनके साथ खडे रहे और उन्हें विश्वास दिलाया कि सरकार उनके साथ खडी है और जो परिवार अपना घर बार इस आपदा में गवां चुके हैं उन्हें पुनः बसाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस आपदा में आपदा पीडितों के जख्म पर मरहम लगाते हुए उन्हें पांच-पांच लाख रूपये आर्थिक सहायता देकर उन्हें विश्वास दिला दिया था कि सरकार उनके साथ खडी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में आई आपदा का सारा सच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को बताया था और यह भी दर्द बयां किया था कि यह आपदा एक राष्ट्रीय आपदा की तरह है इसलिए उत्तराखण्ड को आर्थिक सहायता के रूप में एक बडा पैकेज दिया जाये जिससे कि इस आपदा में जो जिले प्रभावित हुये हैं उन्हें फिर पैरो पर खडा किया जाये। हर बार की तरह मित्र पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर पहाडों का दर्द सुनने और देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद रामगुलाम के साथ कल सुबह देहरादून पहुंचेंगे। उनकी इस यात्रा को लेकर राजधानी में सुरक्षा से लेकर स्वागत तक की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और इन तैयारियों की सारी देखरेख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद कर रहे हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर विशेष प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री का स्वागत किया जायेगा। प्रधानमंत्री रामगुलाम के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और स्थानीय पुलिस, प्रशासन और केन्द्र सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा घेरा तैयार किया है। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चैकिंग बढा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री देहरादून के विभिन्न स्थलों का भ्रमण करेंगे। माना जा रहा है कि वे यहां धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों का दौरा करेंगे साथ ही सरकार के प्रतिनिधियों से उनकी शिष्टाचार भेट भी हो सकती है। उनकी इस यात्रा को भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और एतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तराखण्ड में आई आपदा का दर्द सुनने और देखने के लिए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जौलीग्रांट में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रूबरू होंगे तो इन दो राजनीतिक महारथियों का मिलन एक बार फिर साबित कर देगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड के हर दर्द को अपना मानकर मुख्यमंत्री धामी को इस संकट से बाहर निकालेंगे। बता दें कि मोदी और धामी की जोडी हमेशा से ही सुपरहिट रही है और इस जोडी को देखकर उत्तराखण्डवासियों को यह विश्वास है कि उनका उत्तराखण्ड अब विकास की उस राह पर निकल पडा है जिसका सपना उन्होंने राज्य बनने के बाद देखा था।

