प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य की जनता को वचन दिया था कि राज्य में सरकार आने के बाद वह यूसीसी लागूू करेंगे और जब राज्य के अन्दर सरकार बनी तो उसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से किये गये वायदे को पूरा करने के लिए राज्य में जल्द से जल्द यूसीसी लागू करने का संदेश दिया था। मुख्यमंत्री के इस फैसले को विपक्ष हवा-हवाई ले रहा था लेकिन मुख्यमंत्री ने जिस रणनीति के साथ यूसीसी को लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन कर उसे राज्यभर में राजनेताओं व आवाम के बीच जाकर उनसे यूसीसी को लेकर उनके विचार लेने का सिलसिला शुरू किया था तो उससे साफ नजर आने लगा था कि राज्य के अन्दर यूसीसी लागू करने मे अब कोई शंका नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य में यूसीसी बिल को पास कराकर भाजपा हाईकमान से लेकर पार्टी के दिग्गज राजनेताओं की खूब बधाई बटोरी थी। मुख्यमंत्री बार-बार संकल्प लेते आ रहे हैं कि राज्य में यूसीसी को लागू करने की दिशा में सरकार तेजी के साथ आगे बढ गई है। मुख्यमंत्री द्वारा बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है जिसके बाद इस पर अब आखिरी मंथन और किस तरह से इसको राज्य के अन्दर लागू करना है उस पर आखिरी चिंतन चल रहा है जिसे देखकर साफ नजर आ रहा है कि मुख्यमंत्री राज्य के अन्दर यूसीसी को लागू करने के लिए किस तरह से बेताब हो रखे हैं।
उत्तराखण्ड की सत्ता पर काबिज हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्यवासियों को यह संदेश दिया था कि उत्तराखण्ड के अन्दर अगर डबल इंजन की सरकार बनी तो राज्य के अन्दर यूसीसी को लागू किया जायेगा। चुनाव से पूर्व किये गये इस वायदे को लेकर विपक्ष ने इसे राजनीतिक स्टंट बताने का खूब ढोल पीटा था और यहां तक दावा किया था कि सरकार राज्य के अन्दर किसी भी कीमत पर यूसीसी लागू नहीं कर पायेगी। राज्य के अन्दर जब भाजपा की सरकार सत्ता मे आई तो चुनाव जीतने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने आवाम से किये गये वायदे को सच करने के लिए तत्काल राज्य के अन्दर यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जिसे जल्द से जल्द यूसीसी का ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया था। मुख्यमंत्री ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली कमेटी को राज्यभर में इसके सर्वे करने और राजनेताओं से लेकर तमाम संगठनों के सुझाव लेने का भी संदेश दिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया तो उससे देशभर में एक नया बवाल शुरू हो गया था। विपक्ष के कई नेताओं ने कहा था कि देश में यूसीसी लागू नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने विपक्ष के सारे हो-हल्ले के बावजूद राज्य के अन्दर सशक्त यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करवाया और उसके बाद उन्होंने विधानसभा मे जब यूसीसी को पटल पर रखकर उसे पास कराया तो उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस कदम की खूब सराहना की थी और उन्हें अपने राज्य में यूसीसी को लागू करने की दिशा में बढाये गये कदम पर अपनी खूब बधाई दी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है तबसे मुख्यमंत्री ने कमेटी की इस रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन करने की दिशा में अपने कदम आगे बढाये और अब मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी राज्य के अन्दर यूसीसी को लागू करने के लिए बडे बेताब नजर आ रहे हैं और उनकी बेताबी यूसीसी को लागू करने के लिए कितनी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब सरकार ने यूसीसी लागू करने के लिए एक ऐप को भी लॉच किया है जिससे समझा जा सकता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर यूसीसी लागू करने को लेकर कितने बेताब हैं।

